जर्जर हो रही विरासत, जिम्मेदार नहीं देख रहे शीश महल की हालत

-हर साल बारिश के मौसम में होता जा रहा क्षतिग्रस्त

By: Meghshyam Parashar

Published: 05 Jul 2020, 04:17 PM IST

भरतपुर/डीग. जल महलों की नगरी डीग में रूप सागर के दक्षिणी किनारे पर स्थित ऐतिहासिक शीश महल क्षतिग्रस्त होता जा रहा है। इसमें पुलिस उपाधीक्षक कार्यालय संचालित है, उसका मुख्य सड़क से लगा पूर्वी भाग जर्जर हालत में है इसके ढहने से कभी भी दुर्घटना घटित हो सकती है। इकसे बावजूद जिम्मेदारों का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। गौरतलब है कि करीब दो-तीन वर्ष पूर्व शीश महल का दक्षिणी हिस्सा जो व्यस्ततम सड़क के किनारे खड़ा हुआ है बारिश के मौसम में क्षतिग्रस्त होने के साथ बीच सड़क पर मलबा आ गिरा था बस गनीमत रही कि यह हादसा देर रात्रि को हुआ था उस समय कोई व्यक्ति ओर वाहन वहां सड़क पर होकर नहीं गुजर रहा था, इससे कोई जनहानि नहीं हुई। इसके बाद भी घटना से स्थानीय प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया और अभी भी सड़क के किनारे इस भवन का जर्जर भाग दुर्घटना को बुलावा दे रहा है परंतु सभी जिम्मेदार अधिकारी कोई कदम उठाने के स्थान पर एक दूसरे पर इसकी जिम्मेदारी डालने में लगे हुए है। इस भवन का निर्माण महाराजा सूरजमल के पुत्र नवल सिंह ने कराया था। यह पुराने महल के नजदीक स्थित है, जो रूप सागर से अपनी संबद्धता के कारण प्रभावी दृश्य उपस्थित करता है। कभी इस इमारत से हमाम जुड़े थे और उनके सजावट के लिए उनमें कांच का प्रयोग किया गया था जिसके चलते इस इमारत को शीश महल के नाम से जाना जाता है।

शीश महल पर किसका कब्जा, एक-दूसरे पर डाल रहे जिम्मेदारी

हकीकत यह है कि शीश महल की हालत सुधारने की बात तो दूर की है, इसके रख-रखाव की जिम्मेदारी लेने वाला ही कोई नजर नहीं आ रही है। आश्चर्य इस बात पर है कि जब इस मामले को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने सार्वजनिक निर्माण विभाग एवं पुरातत्व विभाग पर पल्ला झाड़ दिया। पुरातत्व विभाग के अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने प्रशासन की देखरेख में होने का दावा कर दिया। जब सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों का पक्ष जानना चाहा तो उन्होंने पुरातत्व विभाग की देखरेख में होने की बात कही। इसका मतलब साफ है कि खुद अधिकारियों को यह मालूम नहीं है कि आखिर शीश महल किसकी देखरेख में है। सवाल यह उठता है कि जब अफसरों को ही इस बात का मालूम नहीं है तो क्षतिग्रस्त विरासत की सार संभाल कैसे संभव हो सकेगी।

-जर्जर शीश महल के संबंध में सार्वजनिक निर्माण विभाग और पुरातत्व विभाग को तत्काल आवश्यक कदम उठाने के लिए लिखा गया है।
सोहन सिंह नरूका कार्यवाहक एसडीएम डीग

-शीश महल पुरातत्व विभाग के तहत आता है इसलिए इसके रख-रखाव की जिम्मेदारी पुरातत्व विभाग की है।
महेश शर्मा सहायक अभियंता सार्वजनिक निर्माण विभाग डीग

-शीश महल, पुराना महल ,रूप सागर और गोपाल सागर अभी तक जिला प्रशासन के अधीन है जो अभी तक पुरातत्व विभाग को नहीं सौंपे गए हैं।
मुदस्सर अली संरक्षण सहायक जल महल डीग

Meghshyam Parashar Bureau Incharge
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