scriptStill 82 thousand people away from wheat by two rupees a kg | तारीख पर तारीख...फिर भी 82 हजार लोग दो रुपए किलो गेहूं से दूर | Patrika News

तारीख पर तारीख...फिर भी 82 हजार लोग दो रुपए किलो गेहूं से दूर

-ग्रामीण में सर्वाधिक व शहरी क्षेत्रों में सबसे कम लोग जन आधार की सीडिंग से वंचित

भरतपुर

Updated: January 12, 2022 02:59:42 pm

भरतपुर. पिछले काफी समय से तारीख पर तारीख के बाद भी जिले में अभी तक करीब 82 हजार लोग जन आधार की सीडिंग से वंचित हैं। ये लोग अभी दो रुपए किलो गेहूं से वंचित हो गए हैं। कारण यह है कि दो साल बाद भी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा में जुड़े परिवारों के सदस्यों का नाम जन आधार में नहीं जोड़े गए। सरकार की बहुउद्देशीय जन आधार योजना को लागू करने के बाद से प्रदेश में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम में चयनित राशन कार्डधारी परिवारों के सदस्यों को जन आधार से जोड़ा जा रहा है।
राज्य सरकार के निर्देशानुसार राजस्थान में जन आधार कार्ड को ही राशन कार्ड के स्थान पर मान्यता दी गई है, यानी जन आधार से ही राशन मिलेगा। जन आधार में जुड़े सदस्यों के आधार पर सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लाभ एक जनवरी 2022 से देना तय था। राशन का गेहूं वितरण माह की पहली तारीख से शुरू हो जाता है। इस माह में कई लोगों को गेहूं नहीं मिला। खाद्य विभाग ने सभी डीएसओ को निर्देशित किया है कि वे उनके क्षेत्रों में जिन सदस्यों के नाम जन आधार में नामांकित नहीं हुए, उनके नाम 10 जनवरी तक जोडऩे के निर्देश दिए गए थे। अभी भी जनआधार की सीडिंग का बेहतर लक्ष्य प्राप्त नहीं हो सका है। ग्रामीण क्षेत्र में कुल एक लाख दो हजार 772 व ग्रामीण क्षेत्र में कुल ऐसे लोगों की संख्या 10 हजार 680 की जनआधार से सीडिंग होनी थी। जिले के ग्रामीण इलाके में 75 हजार 430 व शहरी क्षेत्रों में 6346 लोग जनआधार की सीडिंग से वंचित है। हालांकि सांख्यिकी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अभी सीडिंग का काम चल रहा है। इसमें नियमित प्रगति हो रही है। कई लोगों के आधार कार्ड भी नहीं बने हुए हैं।
तारीख पर तारीख...फिर भी 82 हजार लोग दो रुपए किलो गेहूं से दूर
तारीख पर तारीख...फिर भी 82 हजार लोग दो रुपए किलो गेहूं से दूर
इसलिए हो रहा है ऐसा

राशन कार्ड की जन आधार से पूरी तरह से सीडिंग नहीं होने से फर्जीवाड़ा नहीं रुक पा रहा है। जो लोग मृत हो गए या जिन युवतियों की शादी हो गई, उनके नाम से भी राशन उठाने के मामले सामने आए थे। हालांकि जन आधार से सीडिंग होने के बाद ऐसी गड़बड़ी नहीं होगी। राशन कार्ड की जन आधार से सीडिंग नहीं होने वाले लोगों को चिरंजीवी योजना का फायदा मिलना भी मुश्किल हो जाएगा।
कहां कितने जनआधार की सीडिंग से वंचित

ग्रामीण क्षेत्र: नदबई पंचायत समिति में 7288, बयाना में 8510, सेवर में 7635, डीग में 5673, वैर में 15046, कुम्हेर में 2379, रूपवास में 6545, पहाड़ी में 6700, कामां में 8718, नगर में 6936 लोग वंचित हैं।
शहरी क्षेत्र: भुसावर में 811, नदबई में 383, भरतपुर में 2213, बयाना में 749, वैर में 950, डीग में एक, रूपवास में शून्य, कुम्हेर में 61, कामां में 290, नगर में 888 लोग वंचित हैं।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

बड़ी खबरें

UP Election: चार दिन में बदल गया यूपी का चुनावी समीकरण, वर्षों बाद 'मंडल' बनाम 'कमंडल'दिल्ली में संक्रमण दर 30% के पार, बीते 24 घंटे में आए कोरोना के 24,383 नए मामलेअब एसएसबी के 'ट्रैकर डॉग्स जुटे दरिंदों की तलाश में !सूर्य ने किया मकर राशि में प्रवेश, संक्रांति का विशेष पुण्यकाल आजParliament Budget session: 31 जनवरी से शुरू होगा संसद का बजट सत्र, दो चरणों में 8 अप्रैल तक चलेगाArmy Day 2022: क्‍यों मनाया जाता है सेना दिवस, जानिए महत्व और इतिहास से जुड़े रोचक तथ्यकोरोना से बचने एडवाइजरी जारी-फल और सब्जियों में बरतें ये सावधानियांमहाराष्ट्र से सटे CG के इस जिले में कोविड पॉजिटिविटी रेट बढ़ा, कलेक्टर ने स्कूल, आंगनबाडिय़ों को किया लॉक, टिफिन से मिलेगा बच्चों को गर्म भोजन
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.