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सीसीबी घोटाला: अब 70 लाख की रिकवरी पर संकट, टीम ने खंगाले दस्तावेज

-16 कर्मचारियों के दर्ज किए बयान, आठ सदस्यीय टीम पहुंची

भरतपुर

Published: November 17, 2021 12:05:55 pm

भरतपुर. भरतपुर सैंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड में करीब 1.05 करोड़ रुपए के घोटाले की जांच के साथ अब रिकवरी चुनौती बनी हुई हैं। चूंकि अभी तक गबन की राशि में से करीब 40 लाख रुपए की रिकवरी हो चुकी है, जबकि करीब 70 लाख रुपए की रिकवरी होना बाकी है। मंगलवार को अपेक्स बैंक की एक टीम जांच करने के लिए पहुंची। टीम ने बैंक में दस्तावेज खंगाले। साथ ही करीब एक दर्जन से अधिक कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। जांच के दौरान वितरित ऋ ण राशि और ब्याज अनुदान पेटे राशि का पुनर्भरण, ऑडिट की स्थिति, खातों का मिलान, अंतर संबंधी विवरण, बीमा की स्थिति, विभिन्न मदों में व्यय, विभाग और बैंक से जाने वाले प्रपत्र और दिशा-निर्देशों की पालना की स्थिति को बारीकी से देखा गया। निरीक्षण दल बैंक की हिस्सा पूंजी, कोष प्रबंधन, विनियोग, अमानतें, बैंकिंग और सोसायटी अधिनियम की पालना, उधार, ऋ ण अग्रिम, बजट घोषणाओं की क्रियान्विति की स्थिति, मांग, वसूली, बकाया की स्थिति, एनपीए, सीआरएआर, लेखांकन प्रणाली, कम्प्यूटराइजेशन की स्थिति, ऋ ण वितरण की स्थिति के दस्तावेज खंगाल रहा है। उल्लेखनीय है कि राजस्थान पत्रिका ने ही 26 अक्टूबर के अंक में फर्जी नामों से 26.14 करोड़ की 302 एफडी बना हड़पे सवा करोड़ शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर मामले का खुलासा किया था।
सीसीबी घोटाला: अब 70 लाख की रिकवरी पर संकट, टीम ने खंगाले दस्तावेज
सीसीबी घोटाला: अब 70 लाख की रिकवरी पर संकट, टीम ने खंगाले दस्तावेज
ये था मामला

भरतपुर सीसीबी के कार्यवाहक ब्रांच मैनेजर राजेश सिंह और कैशियर धर्मेंद्र सिंह ने मिलीभगत करके पहले 52 लोगों के नामों से फर्जी यूनिक आईडी बनाई। फिर पहले 50 लोगों के 82 लोन खातों में 26.05 करोड़ रुपए फर्जी एफडीआर ऋ ण खाते खोले। इसके बाद बैक डेट में इतनी ही राशि की 302 एफडीआर बनाकर बंद कर दीं। उन पर 1.9 करोड़ रुपए का ब्याज अपने खाते में जमा कर लिया। इसकी शिकायत होते ही जयपुर से अपेक्स बैंक ने जांच बिठा दी। जून की त्रैमासिक सूचना से पता चला कि बैंक का कुल लोन वितरण 105 करोड़ रुपए था। इसमें 78 करोड़ रुपए के अल्पकालीन ऋ ण थे। इस अवधि में सिर्फ कलक्ट्रेट शाखा में ही 27 करोड़ रुपए के लोन बांटे जाने पर शक हुआ। इंटरनल जांच में पता चला कि 8 मार्च से 20 अप्रैल 2021 के बीच इस घपले को अंजाम दिया गया। इसके लिए अपेक्स बैंक जयपुर ने जीएम सीएम भारद्वाज के नेतृत्व में डीजीएम राकेश शर्मा, एजीएम अमित शर्मा, मैनेजर राजेंद्र मीणा और एसएल स्वामी की जांच टीम बनाई गई।
मथुरा गेट थाने में भी दर्ज हो चुका मुकदमा
सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक कलक्ट्रेट ब्रांच के मैनेजर राजेश सिंह ने कैशियर धर्मेंद्र सिंह के साथ मिलीभगत कर एक करोड़ नौ लाख रुपए के घोटाले का मामला दर्ज कराया गयाा था।पुलिस के अनुसार कोऑपरेटिव बैंक प्रधान कार्यालय के प्रबंधक प्रशासन हरीश चंद मीणा ने पुलिस थाना मथुरागेट में उपस्थित होकर रिपोर्ट में बताया था कि वह गबन की गई पूरी राशि जमा कराने का मौखिक रूप से पिछले चार माह से आश्वासन दिया जा रहा था, लेकिन एक नवंबर तक बैंक मैनेजर राजेश सिंह ने 40 लाख रुपए ही जमा कराए हैं और पूरी राशि जमा नहीं कराई।

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