टीके से पहले अखर रहा टोटा, टैक्नीशियनों के अभाव में अटकी नमूनों की जांच

- करीब 1000 नमूने पेंडिंग, फिर मिले 14 पॉजिटिव

By: Meghshyam Parashar

Published: 05 Apr 2021, 03:29 PM IST

भरतपुर. जिले में एक्टिव केसों ने हाफ सेंचुरी ठोक दी है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग अभी भी बचाव की मुद्रा में ही नजर आ रहा है। विभाग नमूने लेने में तो ताबड़तोड़ जल्दबाजी कर रहा है, लेकिन नमूनों की जांच का काम बेहद धीमा है। इसकी खास वजह जांच के लिए लैब टैक्नीशियन नहीं होना है। लैब टैक्नीशियन के अभाव में करीब एक हजार नमूनों की जांच प्रभावित हो रही है। ऐसे में कोरोना संक्रमितों और एक्टिव केसों के सही आंकड़े भी पूरे नहीं आ पा रहे हैं। रविवार को जिले में फिर से 14 पॉजिटिव केस मिले हैं।
पिछले साल कोरोना के कोहराम के बीच लैब टैक्नीशियन लगाकर नमूनों की दिन-रात जांच की गई। अब कोरोना की दूसरी लहर आने से पहले ही लैब टैक्नीशियन हटा लिए गए। अब महज एक ही शिफ्ट काम कर रही है। इसके चलते नमूने लेने के हिसाब से जांच नहीं हो रही हैं। स्वास्थ्य विभाग को हर रोज करीब 1550 नमूने लेने का लक्ष्य दिया गया है। इसमें से विभाग करीब 1500 नमूने हर रोज ले रहा है, लेकिन इन सबकी जांच लैब टैक्नीशियनों के अभाव में नहीं हो पा रही है। एक अनुमान के मुताबिक लैब टैक्नीशियन के अभाव में वर्तमान में करीब 1000-1200 जांच शेष हैं।

फिर भी नहीं सावधानी

कोरोना की दूसरी लहर में केसों में लगातार इजाफा हो रहा है, लेकिन लोग इसके प्रति फिक्रमंद नजर नहीं आ रहे। रविवार को बस स्टैण्ड पर लोगों की काफी भीड़ नजर आई, लेकिन यह बिना मास्क और बिना सोशल डिस्टेंसिंग के खड़े नजर आए। हालांकि रोडवेज प्रबंधन भी कोरोना जागरुकता को लेकर सतर्कता बरतने की बात कह रहा है, लेकिन बस स्टैण्ड पर यह जागरुकता कहीं नजर नहीं आई।

बढ़ रहे केस, नहीं संभले तो विस्फोट संभव

कोरोना की दूसरी लहर को थामने के भले ही बहुतेरे प्रयास हो रहे हों, लेकिन केसों की संख्या में कमी नहीं आ रही है। रविवार को भी 14 नए केस सामने आए। जिले में अभी भी 57 केस एक्टिव बने हुए हैं। कोरोना को लेकर अभी भी लोग बेपरवाह नजर आ रहे हैं। इससे कोरोना विस्फोट जैसी स्थिति से इनकार नहीं किया जा सकता। शहर के बाजार हों या बस स्टैण्ड अथवा रेलवे स्टेशन। इन पर भीड़भाड़ की स्थिति बनी हुई है। हालांकि बस स्टैण्ड एवं रेलवे स्टेशन पर बाहर से आने वाले यात्रियों की जांच की जा रही है, लेकिन कई बार स्थिति खानापूर्ति जैसी बन जाती है। ऐसे में कोरोना की दूसरी लहर बढ़ चली है।

इनका कहना है

मेरे ख्याल से अब एक ही शिफ्ट में जांच हो रही हैं। कोरोना कम होने के बाद लैब टैक्नीशियन हटा लिए गए थे। हालांकि छुट्टी के दिन नमूने कम होने आने के कारण लैब टैक्नीशियन इस आंकड़े को कवर कर लेते हैं। फिर भी लैब टैक्नीशियन बढ़ाने की डिमांड रखी है।

- डॉ. कप्तान सिंह, सीएमएचओ भरतपुर

Meghshyam Parashar Bureau Incharge
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