छह मनोनीत पार्षदों के मनोनयन में छिपा है बड़ा राज...

-जातिगत समीकरण पर भी रखी चयन में नजर

By: Meghshyam Parashar

Published: 17 Jun 2021, 03:15 PM IST

भरतपुर. राज्य सरकार ने नगर निगम में छह और पार्षद मनोनीत किए हैं। पार्षदों के चयन में राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग ने जहां कुछ समर्थकों को साधने की कोशिश की है तो वहीं जातिगत समीकरण को भी ध्यान में रखा है। चूंकि पिछले कुछ समय से कांग्रेस का ही एक गुट नियुक्तियों में पुराने कांग्रेसियों का ध्यान नहीं रखने का आरोप लगा रहा था। ऐसे में इस विवाद को भी समाप्त करने की कोशिश इस सूची में की गई है। वैसे खास तौर पर यह माना जा सकता है कि मनोनीत पार्षदों की नियुक्ति के माध्यम से राज्यमंत्री ने ब्राह्मण, जाट, सैनी, गुर्जर, वैश्य व जाटव वर्ग को साधने की कोशिश की गई है।
तकनीकी एवं संस्कृत शिक्षा राज्यमंत्री गर्ग ने बताया कि नगर निगम के लिए रमेश पाठक, योगेन्द्र डागुर, पप्पू सैनी, रमेश धावई, सचिन अग्रवाल एवं ओमप्रकाश कैरो को मनोनीत पार्षद बनाया है। उन्होंने बताया कि इन पार्षदों के मनोनयन के बाद नगर निगम के कार्यों में औैर अधिक गति आएगी। ज्ञात रहे कि कुछ माह पहले राज्य सरकार की ओर से सभी निकायों में मनोनीत पार्षदों की संख्या बढ़ाई गई थी। इसको लेकर काफी समय से मनोनीत पार्षदों की नियुक्ति का इंतजार किया जा रहा था। अब नगर निगम में मनोनीत पार्षदों की संख्या 12 हो चुकी है।

सियासी मायने: अब कांग्रेस के बोर्ड को मिलेगी मजबूती

अब नगर निगम में मनोनीत पार्षद 12 हो चुके हैं। इस बार नगर निगम के बोर्ड में भाजपा के 22, निर्दलीय 22, बसपा के तीन व कांग्रेस के 18 पार्षद हैं। इनमें कांग्रेस के मेयर व डिप्टी मेयर भी शामिल है। अगर कांग्रेस की बात करें तो अब कांग्रेस के बेड़े में मनोनीत पार्षदों को मिलाकर कुल 30 पार्षद हो चुके हैं। जबकि नगर निगम चुनाव में भाजपा के पार्षदों के गुट में कांग्रेस ने सेंध लगाई थी। इस तरह अब कांग्रेस के बोर्ड को मजबूती मिल सकती है। दूसरा कारण यह भी है कि फिलहाल भाजपा की ओर से नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति को लेकर खुद के पार्षदों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। इससे कांग्रेस के बोर्ड को विरोध से भी काफी हद तक राहत मिल सकती है।

नियुक्तियों को लेकर शुरू हुआ सिफारिशों का दौर

नगर निगम में छह मनोनीत पार्षदों की नियुक्ति के साथ ही अब अन्य राजनैतिक नियुक्तियों को लेकर सिफारिश का दौर भी शुरू हो गया है। नियुक्तियों को लेकर सरकार पर संगठन का काफी दबाव था। प्रदेश में हजारों की संख्या में राजनीतिक नियुक्तियां होनी हैं। इनमें कई बोर्ड और आयोगों की महत्वपूर्ण नियुक्तियां भी शामिल हैं। इनमें भरतपुर यूआईटी अध्यक्ष, बीसूका उपाध्यक्ष, वक्फ बोर्ड अध्यक्ष का पद प्रमुख है। इधर, नियुक्तियों की बाट जोह रहे कुछ अन्य नेताओं ने भी अब सत्ता और संगठन से सिफारिश कराना शुरू कर दिया है।

Meghshyam Parashar Bureau Incharge
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