टमाटर में लगा रोग, भाव नहीं मिलने से किसान चितिंत

लॉक डाउन की वजह से पहले ही किसानों को फसल कटाई को लेकर दो-चार होना पड़ रहा है।

By: rohit sharma

Published: 18 Apr 2020, 09:51 PM IST

भरतपुर. लॉक डाउन की वजह से पहले ही किसानों को फसल कटाई को लेकर दो-चार होना पड़ रहा है। ऐसे में अब टमाटर की फसल में रोग एवं कम पैदावार तथा बाजार में थोक भाव कम होने से उनकी चिंता और बढ़ गई है।

हाल ये है कि टमाटर की लागत तक वसूल नहीं हो रही है। भले ही टमाटर के थोक भाव 6 से 8 रुपए तथा खुदरा भाव 25 से 30 रुपए तक हैं। जिसका लाभ पैदावार करने वाला को नहीं मिल पा रहा है। थोक भाव कम होने की वजह कोरोना वायरस के चलते सब्जी मण्डियों के बंद होने और लॉक डाउन है, जिससे टमाटर बाहर की मण्डियों में नहीं जा पा रहा है। जिले में टमाटर कई इलाकों में होता है। इसमें हलैना व वैर के गांव गोविन्दपुरा, प्रेमनगर, बल्लमगढ़, सिकन्दरा, नाव, झालाटाला, बिजवारी, समराया, मुहारी, रमासपुर, हिसामडा, भोपर, सिरस, जगजीवनपुर आदि गांव में टमाटर की अच्छी पैदावार होती है।

टमाटर की पैदावार करने वाला गांव गोविन्दपुरा निवासी बच्चूसिंह व ममतादेवी ने बताया कि टमाटर के भाव कमजोर, पैदावार कम तथा रोग लगने से किसान चिन्तित हैं। जिन्हें टमाटर की लागत एवं मेहनत वसूल नहीं हो रही है। टमाटर में 70 से 80 प्रतिशत रोग लगा हुआ है। इससे टमाटर को फेंकना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि सबसे ज्यादा प्रभाव लॉकडाउन का है। जिसकी पालना करते हुए दिन-रात मेहनत कर टमाटर को लेकर सब्जी मण्डी पहुंचते हैं, जहां थोक व्यापारी महामारी एवं लॉकडाउन का भय दिखा टमाटर को सस्ते भाव बेच देते हंै। थोक में टमाटर 6 से 8 रुपए तक बिक रहा है। बाजार में खुदरा दुकानदार टमाटर को 25 से 30 रुपए तक बेच रहे हैं। गांव प्रेमनगर निवासी महेशचन्द ने बताया कि टमाटर में रोग लगा हुआ है। बाजार से कीटनाशक दवा लाते हैं। दुकानदार लॉकडाउन का फायदा उठा कर घटिया किस्म की कीटनाशक बेच कर फायदा उठा रहे हैं।

rohit sharma Reporting
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