संक्रमण ने थामे रोडवेज के पहिए...

भरतपुर. कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव और प्रभाव को रोकने के उद्देश्य से राज्य सरकार के आदेश पर जिला प्रशासन ने केंद्रीय बस स्टैण्ड से भरतपुर और लोहागढ़ डिपो की बसों के संचालन को 31 मार्च तक रोक दिया है। यहां की बसों के पहिए अब 31 मार्च तक थम गए हैं।

By: pramod verma

Published: 22 Mar 2020, 08:50 PM IST

भरतपुर. कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव और प्रभाव को रोकने के उद्देश्य से राज्य सरकार के आदेश पर जिला प्रशासन ने केंद्रीय बस स्टैण्ड से भरतपुर और लोहागढ़ डिपो की बसों के संचालन को 31 मार्च तक रोक दिया है। यहां की बसों के पहिए अब 31 मार्च तक थम गए हैं। न यहां कोई बस आएगी और यहां से कोई बस किसी रूट पर जाएगी। हालांकि, यह निर्णय लोगों के स्वास्थ्य को देखते हुए संक्रमण के प्रभाव से बचाने के लिए किया गया।

इससे अन्य राज्यों के जिलों व राजस्थान के जिलों से उत्तर प्रदेश, दिल्ली, मेरठ, अलीगढ़, मथुरा आदि स्थानों पर जाने वाली बसों में सफर करने वाले संक्रमण से संदिग्ध लोगों को रोका जा सकेगा। हालांकि इस स्थिति में रोडवेज को प्रतिदिन करीब 20 से 22 लाख रुपए का नुकसान होगा।


केंद्रीय बस स्टैण्ड से लोहागढ़ व भरतपुर डिपो की करीब 160 बसें संचालित होती है। लोहागढ़ के कार्यवाहक मुख्य प्रबंधक महेश गुप्ता ने बताया कि हमारे डिपो की बसों से प्रतिदिन करीब 12 से 13 हजार यात्री सफर करते हैं। इनसे रोडवेज को प्रतिदिन 10 से 11 लाख रुपए की आय होती है। अब बसों के संचालन बंद होने से नुकसान तो होगा, लेकिन लोगों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होना भी अनिवार्य है।

इसी तरह भरतपुर डिपो से भी लगभग 80 बसें संचालित होती हैं। अब इस महीने के अंत तक बसों का संचालन नहीं होगा। यहां से भी प्रतिदिन करीब 13 से 14 हजार यात्री सफर करते हैं। अब प्रतिदिन करीब 11.5 लाख रुपए का नुकसान होगा। इसलिए प्रतिदिन के हिसाब से दोनों डिपो को 31 मार्च तक दो करोड़ रुपए से अधिक नुकसान होगा।

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