भवन बनने के 47 साल बाद यूआईटी ने अतिक्रमण मानकर भेजा नोटिस

-पटपरा मोहल्ला स्थित अम्बेडकर भवन स्मारक समिति का मामला
-जाटव समाज की शिकायत के बाद दुबारा बनाई जा रही रिपोर्ट

By: Meghshyam Parashar

Published: 20 Jul 2020, 07:32 PM IST

भरतपुर. नगर सुधार न्यास की ओर से कलक्ट्रेट के सामने स्थित अम्बेडकर भवन स्मारक समिति को भेजा गया नोटिस पिछले कुछ दिन से खास चर्चा का विषय बना हुआ है। भवन का निर्माण 47 साल पहले होने का दावा किया गया है। हालांकि इस मामले को लेकर जाटव समाज ने विरोध के लिए मोर्चा खोल दिया है। ऐसे में विरोध की आशंका के चलते जिला कलक्टर के दखल पर यूआइटी ने दुबारा से रिपोर्ट बनवाने का निर्णय लिया है। सोमवार को यूआईटी की एक टीम ने इस भवन की पैमाइश कर रिपोर्ट भी बनाई है। जानकारी के अनुसार नगर सुधार न्यास की ओर से 30 जून को भेजे गए नोटिस में तीन दिन के अंदर अतिक्रमण हटाकर यूआईटी को सूचित करने को कहा है। इधर, जाटव समाज का आरोप है कि भवन का निर्माण नियमों के तहत जमीन पर हुआ है। इसमें सरकारी जमीन का कोई सवाल ही नहीं उठता है। यह सब किसी षडयंत्र के तहत किया जा रहा है। जबकि अधिकारियों का कहना है कि यूआईटी की ओर से नाला निर्माण कराया जाना है। इसके लिए जब रिकॉर्ड खंगाला गया तो करीब नौ लोगों को नोटिस देकर अतिक्रमण हटाने के लिए कहा गया है। इस भवन का कुछ हिस्सा अतिक्रमण की श्रेणी में आता है। विरोध की आशंका को देखते हुए अब दुबारा से इस प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट बनाई जा रही है। यूआईटी के एईएन दीपक शर्मा व जेईएन नवीन गोयल ने शाम को संबंधित एरिया का अवलोकन कर रिपोर्ट बनाई।

जब जरुरत तब दिखता है अतिक्रमण, बाकी भूमाफियाओं पर मेहरबानी

हकीकत यह है कि शहर में पिछले काफी समय से देखने में आता रहा है कि नगर निगम हो या यूआईटी, जब जरुरत या दबाव पड़ता है तो रिकॉर्ड देखकर अतिक्रमण बता दिया जाता है। बाकी खुद की सरकारी जमीनों पर भूमाफियाओं ने कब्जा कर भूखंड बेच दिए। ऐसे मामलों को लेकर कोई पैरवी नहीं की जाती है। यही कारण है कि नगर निगम की करोड़ों रुपए की कीमत की कचरा घर समेत काफी जमीनों पर भूखंड बिकने के बाद मकान तक बन गए, लेकिन जिम्मेदार अफसर सोते रहे। इतना ही नहीं दोनों ही शहरी निकायों में अतिक्रमण शाखा भी बनी हुई है, लेकिन यह शाखा सिर्फ खानापूर्ति करने में रहती है।

-यूआईटी ने सिर्फ एक ही नहीं बल्कि आठ-नौ लोगों को इसके तहत नोटिस भेजे हैं। नाला निर्माण के लिए जब जांच की गई तो अतिक्रमण का मामला निकला है। यूआईटी के अधिकारियों को इस संबंध में निर्देशित भी किया गया है।
नथमल डिडेल
जिला कलक्टर

-यह सब राजनैतिक षडयंत्र के तहत किया जा रहा है। समाज ने इसका विरोध व्यक्त कर दिया है। हमारे पास भवन के सभी दस्तावेज मौजूद है।
मुकेश कुमार पप्पू
अध्यक्ष जिला जाटव महासभा व पार्षद नगर निगम

-अगर नगर सुधार न्यास ने भवन को लेकर कोई भी कार्रवाई की तो उसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। समाज व सभी पदाधिकारियों के साथ बैठक कर रणनीति बनाई जा चुकी है।
राजकुमार पप्पा
पूर्व जिलाध्यक्ष जिला जाटव महासभा

Meghshyam Parashar Bureau Incharge
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