ज्वैलर्स मार्केट में अघोषित कफ्र्यू, बाजार में छाई सुस्ती

लॉक डाउन ने ज्वैलर्स मार्केट की एक तरह से कमर तोड़ कर रखी है। हाल ये है कि दुकानें खुलने के बाद भी बाजार में ग्राहक नहीं है।

By: rohit sharma

Published: 27 May 2020, 11:49 PM IST

भरतपुर. लॉक डाउन ने ज्वैलर्स मार्केट की एक तरह से कमर तोड़ कर रखी है। हाल ये है कि दुकानें खुलने के बाद भी बाजार में ग्राहक नहीं है। केवल बेहद जरुरी होने पर ही इक्का-दुक्का लोग खरीदारी कर रहे हैं। बाजार के लोगों का कहना है कि बाजार की हाल-फिलहाल दीवाली से पहले स्थिति सुधरने की गुंजाइश कम है। नहीं तो अगले साल ही बाजार वापस पटरी पर लौट पाएगा। उधर, रही सही कसर सोने के आसमां छूते भावों ने कर दी। वर्तमान में सोने का भाव करीब 46 हजार रुपए प्रति दस ग्राम तक पहुंच गया है। जो लॉक डाउन अवधि में करीब पांच हजार रुपए बढ़ चुका है। भरतपुर ही पड़ोसी आगरा व मथुरा जैसे बड़े बाजारों में भी सुस्ती छाई हुई है। ऑर्डर नहीं मिलने से यहां पर काम नहीं है। फिलहाल करोड़ों रुपए के लेनदेन वाले बाजार में अघोषित कफ्र्यू बना हुआ है।


ज्वैलरी नहीं आवश्यक जरुरी वस्तुओं पर ध्यान

वैसे भी ज्वैलरी खरीदना आकांक्षा से जुड़ी जरूरत है। लोगों के घर के बजट की स्थिति बेहतर होती है या फिर शादी समारोह के लिए भारत में ज्वैलरी खरीदी जाती है। लॉक डाउन की वजह से ज्यादातर सेक्टरों में मंदी बनी हुई है। इससे बेरोजगारी भी बढ़ी है और लोग फिलहाल आवश्यक सामान खरीद पर ही खर्च कर रहे हैं। ज्वैलरी खरीद का मन स्थिति सुधरने पर ही मनेगा।


तीन माह में 5 हजार का आया अंतर

कोरोना की मार ज्वैलर्स बाजार पर भी पड़ी है। लॉक डाउन से पहले मार्च में सोने का भाव 40 से 41 हजार रुपए बना हुआ था। जो अब बढ़कर करीब 46 हजार रुपए पहुंच गया। यकायक बढ़े दामों से भी ग्राहक फिलहाल जो थोड़ी बहुत खरीदारी करता वह भी नहीं कर रहा है। उधर, शादी का सीजन फिलहाल नहीं है। वहीं, काफी लोगों ने लॉक डाउन में परमिशन के चलते शादियों को अगले साल सर्दियों तक टाल दिया है। इससे भी बाजार पर आगे असर पड़ेगा।


ज्वैलर्स की जिले में 2 हजार दुकानें

ज्वैलर्स मार्केट की बात करें तो इसमें एक चीज सामान्य है। यह सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय बाजार से जुड़ा हुआ है। विदेशी बाजार में दामों में बढ़ोतरी होती है तो देश में भी इसका असर दिखेगा। जिलेभर में ज्वैलर्स की करीब 1800 से 2 हजार के बीच दुकानें हैं। इसमें शहर में 400 से 500 दुकानें चल रही है। वर्तमान में सोने-चांदी की चमक से दमकने वाले इस बाजार की रंगत उड़ी हुई है। बाजार में दुकानदार खाली बैठे हैं और बाजार की स्थिति को लेकर चिंतित हैं।


ऑर्डर रद्द होने से बाजार की हालत पतली

कोरोना संक्रमण पर काबू पाने के लिए लागू किया गए लॉक डाउन ने ज्वैलर्स मार्केट की हालत खराब कर दी। इससे खुदरा बिक्री अस्थाई तौर पर बंद हो गई और बाजार में लगे ऑर्डर रद्द हो गए। भारतीय बाजार में सप्लायर और खरीदार एक-दूसरे पर निर्भर हैं जिससे बुरी स्थिति हो गई है। ये असर भारतीय बाजार में ही नहीं बल्कि यूरोप व मिडिल ईस्ट व पड़ोसी चीन में भी सुस्ती का माहौल बना हुआ है। इसकी वजह अभी ग्राहक खरीदारी के लिए निकल ही नहीं रहा है।

rohit sharma Reporting
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