कोरोना से बचाव आयुर्वेद भी रामबाण, इसलिए खिचड़ी में कर रहे चार औषधियों का प्रयोग

-तीसरे दिन भी पांच हजार से अधिक जरुरतमंदों को मिला निबाला, आज शाम होगी भामाशाहों की बैठक, ताकि बढ़ा सकें और भी केंद्र

By: Meghshyam Parashar

Published: 20 May 2021, 02:30 PM IST

भरतपुर. भले ही शहर में विभिन्न संगठन व प्रशासन की ओर से जरुरतमंदों का पेट भरने के लिए निशुल्क भोजन आदि की व्यवस्था की जा रही है, लेकिन आयुर्वेद की चार औषधियों का प्रयोग कर खिचड़ी बनाकर जरुरतमंदों तक पहुंचाने की योजना अनूठी बनी हुई है। संकटमोचन की हनुमान रसोई में यह पहल की गई है। आयुर्वेद के अधिकारियों की सलाह के बाद बैठक कर औषधियां तय की गई है। हालांकि इससे हनुमान रसोई का बजट भी बढ़ गया है, लेकिन औषधियों का प्रयोग जारी रखने का निर्णय किया गया है, ताकि कोरोना से बचाव में खिचड़ी प्रसाद कामयाब हो सके। साथ ही जरुरतमंदों का पेट भी भर सके। गुरुवार को तीसरे दिन भी करीब पांच हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने शहर के 11 हनुमान मंदिरों पर खिचड़ी प्रसाद गृहण किया। हालांकि सुबह से हो रही बारिश के बीच भी खिचड़ी प्रसाद का वितरण जारी रखा गया। मौसम के लिहाज से लाभार्थियों की संख्या में इजाफा हुआ।
संकटमोचन के संयोजक संजय शुक्ला ने बताया कि हमारी कोशिश लाभार्थियों को ज्यादा से ज्यादा लाभान्वित करने की है। चार औषधियों का यह मिश्रण कोरोना के लक्षणों के इलाज में पूरी तरह कारगर है। इन औषधियों का मिश्रण आयुर्वेद विभाग के पूर्व उपनिदेशक नरेश तिवारी एवं अन्य वैद्यों की सलाह पर किया गया है। इस कार्य में अब भामाशाह भी बढ़-चढ़कर सहयोग करना चाह रहे हैं। इसलिए भामाशाहों से सहयोग लेने एवं हनुमान रसोई के चल रहे 11 सेंटरों के अलावा अन्य और सेंटरों में बढ़ोतरी का स्थान तय करने के लिए गुरुवार शाम को एक बैठक सोशल डिस्टेंसिंग व कोरोना गाइडलाइन की पालना के साथ की जाएगी। ताकि संकटमोचन का मकसद पूरा किया जा सके। इसमें भामाशाहों के सहयोग से केंद्र और बढ़ाने पर भी मंथन किया जाएगा।

वैद्य नरेश तिवारी बोले: आयुर्वेद का अपना अलग महत्व

आयुर्वेद विभाग के सेवानिवृत उपनिदेशक वैद्य नरेश तिवारी ने बताया कि संकटमोचन के संयोजक ने खिचड़ी को आयुर्वेद की औषधियों से युक्त करते हुए कोरोना बचाव में सहायक करने के लिए अवगत कराया। इस पर वैद्यों से मंत्रणा के बाद चार औषधियों का मिश्रण करना तय किया गया। इसमें संजीवनी डाली जा रही है, जो कि हल्के खांसी, जुकाम, बुखार में लाभदायक होती है। शुभ्रा भस्म फिटकरी की भस्म होती है, जो कि एंटीबायोटिक का काम करती है। बुखार के अलावा गला भी साफ रखती है। गोदंती भास्क एक अच्छा कैल्सियम होने के साथ शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करती है। साथ ही शारीरिक विकारों को दूर करती है। त्रिकटु चूर्ण में सौंठ, काली मिर्च व पीपल का मिश्रण होता है। फेंफड़ों को स्वच्छ रखने के साथ स्वास्थ्य में लाभदायक होता है गिलोय सत्व भी अच्छा कैल्शियम होने के साथ ही शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत रखता है।

Meghshyam Parashar Bureau Incharge
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