लॉक डाउन से टीकाकरण निष्क्रिय...

भरतपुर. लॉक डाउन ने दुधारू पशुओं के टीकाकरण अभियान पर विराम लगाने के साथ संक्रमण का खतरा बढ़ा दिया है।

By: pramod verma

Published: 29 May 2020, 08:42 PM IST

भरतपुर. लॉक डाउन ने दुधारू पशुओं के टीकाकरण अभियान पर विराम लगाने के साथ संक्रमण का खतरा बढ़ा दिया है। केंद्र के एफएमडी-सीपी (खुरपका-मुंहपका) टीकाकरण को शुरू करने का उचित समय मार्च से अप्रेल तक है, लेकिन लॉक डाउन ने इसे आगे बढ़ा दिया है। ऐसे में पशुओं से पशुओं में और पशुपालकों में संक्रमण की आशंका है।

टीकाकरण अभियान में पशुपालन विभाग के औषधि भंडार में लगभग 9.50 लाख एफएमडी-सीपी के टीके आ चुके हैं। इन्हें जिले के 9.40 लाख गाय-भैंसों में मौसम परिवर्तन से पूर्व लगाना होता है, नहीं तो रोग बढऩे और संक्रमण की आशंका रहती है। इसलिए अभियान को अब अगस्त में शुरू किया जाएगा।


वहीं टीकाकरण के लिए लक्ष्य भी निर्धारित किया जाता है। इसके लिए जिले में ९.४० लाख गाय-भैंसों को टीका लगाना निर्धारित किया है। क्योंकि, रोग की स्थिति को देखें तो तीन माह से बड़े गाय-भैसों को मौसम बदलते ही मुंह में छाले, पैरों के खुरों में घाव व छाले, गले में दर्द होना शुरू हो जाता है।


ऐसे में दुधारू पशु आहार खाना व दूध देना बंद कर देते हैं। इसकी रोकथाम के लिए यह टीकाकरण किया जाता है। फिलहाल यह अभियान कोरोना संक्रमण में लगे लॉक डाउन की भेंट चढ़ गया है। दूसरी ओर पशुचिकित्सा अधिकारी व पशु सहायकों की भी संक्रमित क्षेत्रों में जाने से मनाही है। इसलिए इस सीजन का अभियान निष्क्रिय हो गया है।

पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. नगेश चौधरी का कहना है कि लॉक डाउन के कारण एफएमडी-सीपी टीकाकरण अभियान रोका है। इसे अगस्त में शुरू कराएंगे। मौसम परिवर्तन के साथ गाय-भैंस में छालों की शिकायत रहती है। इससे संक्रमण भी होता है। इसलिए यह टीका मार्च से अप्रेल तक लग जाता है।

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