ये कौन बोला: मुझे बताते नहीं खुद कर रहे मनमर्जी...अब यह नहीं चलेगा

बद से भी बदतर है यहां उपचार की व्यवस्था। ये स्थिति है जनाना अस्पताल की, जहां रविवार को चिकित्सा राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग ने औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं पर अस्पताल प्रशासन, चिकित्सक व स्टाफ पर नाराजगी जताई व कड़े शब्दों में फटकार लगाते हुए कहा कि मुझे बताते नहीं खुद कर रहे मनमर्जी, अब बस। ऐसा नहीं चलेगा।

By: rohit sharma

Updated: 06 Jan 2020, 11:48 AM IST

भरतपुर. बद से भी बदतर है यहां उपचार की व्यवस्था। ये स्थिति है जनाना अस्पताल की, जहां रविवार को चिकित्सा राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग ने औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं पर अस्पताल प्रशासन, चिकित्सक व स्टाफ पर नाराजगी जताई व कड़े शब्दों में फटकार लगाते हुए कहा कि मुझे बताते नहीं खुद कर रहे मनमर्जी, अब बस। ऐसा नहीं चलेगा। ऐसे में उन्होंने अस्पताल प्रशासन व संबंधी चिकित्साधिकारियों को व्यवस्थाओं को सुधारने के साथ नौ जनवरी को जयपुर में जवाब के लिए तलब किया है। वहां मशीनों, सुरक्षा गार्ड, सफाई व्यवस्था आदि की पूर्व में मेडिकल कॉलेज व विभागीय उच्चाधिकारियों को भेजे गए डिमांड के दस्तावेज सहित पहुंचने की कहा।


मंत्री ने पोस्ट नेटल वार्ड में आईसीयू की सुविधा के बारे में पूछा, जहां बैड और उपकरणों की डिमांड की गई। फिर उन्होंने वार्ड में मरीजों से पूछा कि यहां तुम्हे कोई परेशानी तो नहीं है, मरीजों ने चादर नहीं होने की बात बताई। इस दौरान वार्ड इंचार्ज ने चादरों का अभाव बताया। उन्होंने बाथरूम में सफाई व्यवस्था खराब होने पर इंचार्ज व पीएमओ को डांट लगाई। उन्होंने पीएमओ को सफाई ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट करने व पेमेंट काटने के निर्देश दिए। गौरतलब रहे कि पत्रिका ने लगातार अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर खबर प्रकाशित की थी।


ठेकेदार को करो ब्लैक लिस्ट


उन्होंने अस्पताल में शिशु विभाग अध्यक्ष डॉ. जगदीश सोलंकी को देरी से पहुंचने पर डांट लगाई कहा मनमर्जी नहीं चलेगी। पीएमओ डॉ. केसी बंसल ने सफाई ठेकेदार के बारे में बताया कि बार-बार बुलाना पड़ता है तब आता है। अभी एक माह का पेमेंट किया है। मंत्री डॉ. गर्ग ने कहा कि ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट करो और पेमेंट रोका। जरूरत पड़े तो सफाई का पुन: टैण्डर निकालो, लेकिन व्यवस्था में सुधार करो मिस्टर। अन्य समस्याओं के बारे में पूछने पर पीएमओ ने बताया कि जर्जर होने के कारण एक वार्ड बंद है और अस्पताल में जालियां टूटी हैं। मंत्री ने कहा कि अस्पताल फंड में इतना पैसा तो रहता है कि वार्ड में दीवारों पर प्लास्तर, रंग-रोगन और जालियां लगवाई जा सकती हैं। फिर भी जरूरत है तो डिमांड भेजो।

अस्पताल में भामाशाहों से ले सहयोग


पीएमओ ने अवगत कराया कि मंत्री जी डिमांड कई बार मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य, उच्चाधिकारियों को भेजी है, हमने चार करोड़ की डिमांड भेजी है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती है। सुरक्षा गार्डों का अभाव है, ट्रॉली पुलर कम हैं और यहां अभी पांच सीनियर चिकित्सकों की जरूरत है। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि राजस्थान निरोगी हो, जिसे साकार करना है। फिर उन्होंने भामाशाहों से सहयोग की बात कही। कहा कि भामाशाह है जो करना चाहते हैं लेकिन आपको बताना भी तो जरूरी है।

सर्जरी मशीन कराएंगे उपलब्ध


उपकरणों के बारे में जानकारी पर पीएमओ, शिशु विभाग अध्यक्ष डॉ. सोलंकी व जनरल सर्जन प्रोफेसर ने सीआर मशीन व प्लेटोस्कॉपी सर्जरी मशीन को उपलब्ध कराने की कहा। मशीन होंगी तो अस्पताल में सर्जनी की परेशानी खत्म हो जाएगी। इस पर मंत्री डॉ. गर्ग ने कहा कि शहर में अनिल व अशोक गुप्ता आपको सीआर मशीन उपलब्ध करा देंगे। यह मशीन 15 फरवरी तक अस्पताल कों मिल जाएगी ऐसा आश्वासन उन्होंने दिया। वहीं अस्पताल प्रशासन ने इलेक्ट्रीशियन कभी-कभी आने व वॉल्टेज पर नियंत्रण कराने की समस्या बताई। उन्होंने इस पर भी कार्य कराने की कहा। उन्होंने शिशु अध्यक्ष के कक्ष में टेबल के नीचे पड़ी गंदगी पर भी नाराजगी जताई।

पीएमओ व्यवस्थाएं सुधारने पर ध्यान दें


चलते-चलते उन्होंने कहा कि पीएमओ साहब व्यवस्थाएं सुधारने पर ध्यान दें। मुझे बताएं। क्योंकि सरकार का उद्देश्य संभागीय अस्पताल में व्यवस्थाओं में सुधार को लेकर आमूलचूल परिवर्तन करना है। अच्छे चिकित्सक भी उपलब्ध होंगे और मशीनों के अभाव में इंस्टूमेंट खराब नहीं होंगे। मंत्री ने अस्पताल में शिशुओं की मृत्यु होने की जानकारी भी ली। डॉ. सोलंकी ने कहा कि यहां अब पहले से इस स्थिति में सुधार है। इस दौरान मंत्री ने जनरल सर्जन प्रोफेसर डॉ. नवदीप से कहा कि अब युवाओं को पीएमओ का कार्यभार संभालना चाहिए आपको बना दें क्या-?। डॉ. नवदीप ने डॉ. बंसल के सानिध्य में कार्य करना ही उचित बताया।

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