पंजाब के शहीद सैनिकों के वारिसों को सरकारी नौकरी और मुआवजे का ऐलान

कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने गलवान घाटी में हुई झड़प में फौजियों के परिवारों के साथ दु:ख व्यक्त किया

By: Bhanu Pratap

Updated: 17 Jun 2020, 07:56 PM IST

चंडीगढ़। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने गलवान घाटी में हुए टकराव में शहीद हुए चार पंजाबी सैनिकों के परिवारों के साथ दिली अफ़सोस ज़ाहिर किया है। उन्होंने शहीदों के अगले वारिस को सरकारी नौकरी देने के साथ एक्स -ग्रेशिया मुआवज़ा देने का ऐलान किया है। गलवान घाटी में घटे हिंसक टकराव पर दु:ख ज़ाहिर किया जिसमें इन चार बहादुर सैनिकों की जान चली गई। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा की ख़ातिर किये बलिदान को कभी भी भुलाया नहीं जायेगा।

अंतिम संस्कार में भाग लेंगे कैबिनेट मंत्री
चीन के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा के नज़दीक घटी हिंसक झड़पों में जानें गवाने वाले शहीदों को श्रद्धाँजलि भेंट करते हुये कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि इनके परिवारों को हुए नुकसान का मूल्यांकन नहीं किया जा सकता। र न ही भौतिक चीजों के साथ इसकी भरपाई की जा सकती परन्तु मुआवज़ा और नौकरियाँ उनकी कुछ दुख तकलीफ़ें घटाने में सहायक होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन शहीदों का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गाँवों में किया जायेगा और इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री राज्य सरकार का प्रतिनिधित्व करेंगे। उन्होंने सम्बन्धित जिलों के प्रशासन को भी शहीद सैनिकों के शवों को पूर्ण सत्कार के साथ प्राप्त करने के लिए सभी प्रबंध करने के आदेश दिए।

Shaheed

दो शहीदों को 12-12 लाख रुपये
एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि चारों शहीदों के एक -एक पारिवारिक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जायेगी। नायब सूबेदार मनदीप सिंह और नायब सूबेदार सतनाम सिंह के विवाहित होने के कारण सरकार की नीति मुताबिक 12 -12 लाख रुपए का मुआवज़ा दिया जायेगा। मनदीप सिंह पटियाला जि़ले के गाँव सील का निवासी था जबकि सतनाम सिंह गुरदासपुर जि़ले के गाँव भोजराज से सम्बन्धित था।

दो शहीदों को 10-10 लाख
इसी तरह दो अविवाहित शहीदों में मानसा जि़ले की तहसील बुढलाडा के गाँव बीरे वाला डोगरा के सिपाही गुरजेत सिंह और संगरूर जि़ले के गाँव तोलेवाल के सिपाही गुरबिन्दर सिंह के परिवारों को 10 -10 लाख रुपए मुआवज़ा (एक्सग्रेशिया के तौर पर 5 लाख रुपए और ज़मीन के एवज़ में 5 लाख रुपए) दिए जाएंगे। सिपाही गुरबिन्दर सिंह 3 पंजाब रेजीमेंट से सम्बन्धित थे।

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