ऑस्ट्रिया निवासी सतविन्दर के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर, फास्टवे टीवी अमेरिका के खिलाफ केस

गुमराह करने पर ब्लॉक किए खातों और लिंक्स की संख्या 121 हुई, कार्रवाई के लिए 292 अन्य लिंक्स की पहचान

नोटिस का जवाब न देने पर पंजाब पुलिस ने 45 सोशल मीडिया लिंक ब्लॉक करने के लिए केंद्र से संपर्क किया

By: Bhanu Pratap

Published: 11 Sep 2020, 11:31 AM IST

चंडीगढ़। कोविड संबंधी सोशल मीडिया पर गलत प्रचार और अफ़वाह फैलाने वालों पर शिकंजा कसते हुए पंजाब पुलिस ने 45 लिंक्स को ब्लॉक करने के लिए केंद्र से संपर्क किया है। इससे पहले इन्हें नोटिस दिया गया था, जिसका जवाब नहीं मिला। जिनके खि़लाफ़ सम्बन्धित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मज़ को नोटिस दिए जाने के बावजूद कार्यवाही करने में असफल रहे। यह लाजि़मी है कि राज्य द्वारा नोटिस दिए जाने के 36 घंटों के अंदर उनके खि़लाफ़ कार्यवाही की जाए।

यह भी पढ़ें

राज्य में चौबीस घंटे में 88 मौतें, 2464 नए रोगी, जानिए अपने जिले का पूरा हाल

किसने कितने लिंक हटाए

डी.जी.पी. दिनकर गुप्ता ने खुलासा करते हुए बताया कि 13 अन्य नए खाते/लिंक ब्लॉक करने के साथ-साथ झूठा प्रचार करने के लिए राज्य में ब्लॉक किए गए यू.आर.एल/लिंक्स की संख्या अब 121 हो गई। केंद्र सरकार का 45 मामलों में दखल माँगा है। फेसबुक ने 47 अकाउंट ब्लॉक किए हैं, जबकि ट्विटर ने 52, यूट्यूब ने 21 और इंस्टाग्राम ने 1 खाता/लिंक अपने-अपने प्लेटफॉर्म से ब्लॉक किया। डी.जी.पी. ने बताया कि इसके अलावा नफऱत और झूठी सामग्री पोस्ट करने वाले ऐसे 292 अन्य यू.आर.एल/लिंक्स को ब्लॉक करने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को कहा गया है।

यह भी पढ़ें

मृतक कोविड मरीजों के अंग निकाले जाने की अफवाह से सरकार हलकान, उठाया ये कदम

लुकआउट सर्कुलर

पुलिस ने विएना (ऑस्ट्रिया) में रहने वाले सतविन्दर सिंह नाम के व्यक्ति को लुकआउट सर्कुलर (देश से बाहर जाने से रोकने के लिए नोटिस) जारी किया है। सतविन्दर उर्फ सैम थिंद निवासी फूल शाहकोट झूठी वीडियो पोस्ट करने के लिए कथित तौर पर जि़म्मेदार है, जो पंजाब के लोगों को अस्पताल ले जाने से रोक रही हैं। लुकआउट नोटिस में उसके भारत में दाखि़ले पर रोक की माँग की गई है और उसे देश में पैर रखते ही कानूनी कार्यवाही का सामना करने के लिए गिरफ़्तार किया जाए।

फास्टवे टीवी यूएसए के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज

पुलिस ने फास्टवे टीवी यूएसए और फास्टवे न्यूज के एंकर्स के खि़लाफ आशावर्कर्स संबंधी गुमराह करने वाले तथ्य फैलाने की कोशिशें करने पर मामला दर्ज किया है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने हुक्म दिए थे कि यदि विदेशों में ऐसे शरारती तत्व झूठे प्रचार और झूठी जानकारी से पंजाब के माहौल को खऱाब करने की कोशिश करते हैं तो इनके खि़लाफ़ सख़्त कार्यवाही की जाए।

14 दिन में 18 रिपोर्ट दर्ज

डी.जी.पी. ने बताया कि अफ़वाहें फैलाने में शामिल व्यक्तियों के विरुद्ध 27 अगस्त से 10 सितम्बर, 2020 तक 18 एफ.आई.आरज़ दर्ज की गई हैं। इनमें लोक इन्साफ पार्टी के नेता और विधायक सिमरजीत सिंह बैंस का ना मभी शामिल है। डी.जी.पी. ने बताया कि 45 अकाउंट/लिंक, जिनके बारे में सम्बन्धित सोशल मीडिया प्लेटफार्म नोटिस जारी करने के बावजूद ब्लॉक करने में नाकाम रहे हैं, के बारे में भारत सरकार के इलेट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के साइबर लॉ डिवीजऩ को पत्र भेजा जा चुका है। ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन, पंजाब के स्टेट साइबर सेल क्राइम के आई.जी. ने पत्र में यू. ट्यूब चैनलों /अकाउंट को रद्द करने की विनती की है। इस पत्र में इन 45 अकाउंट/चैनल /लिंक के बारे में विस्तार में दर्शाया गया है।

अग्रसारित न करें अप्रमाणित पोस्ट, खबर, वीडियो

पंजाब के स्टेट साईबर क्राइम सेल ने लोगों से अपील की है कि वह राज्य में लोक व्यवस्था की सुरक्षा और बचाव के हित में सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर कोविड सम्बन्धी किसी भी तरह की ग़ैर -प्रमाणित /गलत पोस्टों, खबरें, वीडियो या कहानियाँ साझा न करें। कुछ व्यक्तियों के द्वारा ‘कोविड -19 के दौरान मानवीय अंगों के व्यापार’ के नाम पर लोगों को उकसाने के लिए वीडियो अपलोड किये जा रहे हैं। अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के द्वारा गलत जानकारी फैलाई जा रही है कि डॉक्टर और पैरा मेडिकल लोगों को गलत तरीके से पॉजिटिव ऐलान कर पैसों की ख़ातिर उनके अंग निकाल रहे हैं।

Show More
Bhanu Pratap
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned