OMG बीएसपी के सहयोग से बिना बड़ा खर्च के शुरू हो सकता है 1000 ऑक्सीजन युक्त बेड

मौत को नियंत्रित करने में मिलेगी मदद.

By: Abdul Salam

Published: 11 Apr 2021, 11:23 PM IST

भिलाई. कोरोना संक्रमितों को इस वक्त समय पर इलाज नहीं मिल रहा है। जिसकी वजह से मौत के आंकड़ों का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। कोरोना संक्रमितों की तकलीफ बढ़ती है तो सबसे पहले जरूर ऑक्सीजन की होती है। इसकी कमी से कई मौत हो रही है। इस वक्त अगर कोविड अस्पतालों में बेड की जानकारी मांगी जाए तो जवाब खाली नहीं है का मिलेगा। यह हालात सरकारी और निजी दोनों ही जगह पर देखने को मिल रहा है। ऐसे में करीब 1000 ऑक्सीजन युक्त बेड तुरंत तैयार किया जा सकता है। इसके लिए महज जिला प्रशासन को पहल करने की जरूरत है। भिलाई इस्पात संयंत्र के पास एक से बड़कर एक एक्सपर्ट और तैयार स्पेयर पाट्स हैं। बीएसपी के उच्च प्रबंधन का इशारा होते ही वे मेडिकल गैस पाइप लाइन की जाल बिछा सकते हैं। इस काम में पूर्व कर्मियों का भी सहयोग लिया जा सकता है। इससे कम से कम ऑक्सीजन की कमी से होने वाली मौत पर ब्रेक लगेगा।

सब कुछ रखा हुआ है प्लांट में
बीएसपी के ऑक्सीजन प्लांट से रिटायर हुए कर्मचारी बताते हैं की अस्पताल में सेंट्रलाइज्ड ऑक्सीजन सप्लाई सिस्टम के लिए उपयोग में आने वाले पाइप लाइन और मैनीफोल्ड सिस्टम भी बंद पड़े ऑक्सीजन प्लांट-वन और ऑक्सीजन प्लांट-टू में मौजूद है। संयंत्र के अंदर ऑक्सीजन लाइन पर काम करने वाले मेन पॉवर भी उपलब्ध है। इस तरह अगर जिला प्रशासन और बीएसपी प्रबंधन मिलकर काम करें तो किसी स्कूल या बंद अस्पताल में बहुत कम समय में ऑक्सीजन युक्त एक हजार बिस्तर की व्यवस्था की जा सकती है।

क्या होता है मैनीफोल्ड सिस्टम
ऑक्सीजन को स्टोर करने के लिए जहां बड़ा टैंक नहीं होता है। वहां पर 5 से 10 अलग-अलग सिलेंडर को एक पाइप लाइन से जोड़ दिया जाता है। जिससे यह ऑक्सीजन पाइप लाइन के जानिए होते हुए हर बिस्तर तक पहुंच जाती है। इस तरह के सिस्टम में अस्पताल को ऑक्सीजन स्टोरेज के लिए किसी तरीके का शासकीय प्रमाण पत्र लेने की आवश्यकता नहीं होती है।

बीएसपी का ज्वाइंट वेंचर है यहां
भिलाई इस्पात संयंत्र में ऑक्सीजन उत्पादन के लिए ऑक्सीजन प्लांट-टू में चार इकाइयों के साथ-साथ प्रॉक्सएयर के साथ अनुबंधित ऑक्सीजन उत्पादन की व्यवस्था है। इसी के साथ ऑक्सीजन प्लांट में एक बड़ी क्षमता का ऑक्सीजन सिलेंडर रिफिलिंग स्टेशन है। जिससे पूरे संयंत्र को ऑक्सीजन सिलेंडर मेंटेनेंस काम के लिए भर कर दिया जाता है।

जिला प्रशासन कर सकता है बीएसपी के सहयोग से काम शुरू
बीएसपी में बंद पड़े ऑक्सीजन प्लांट-वन में मौजूद सामग्री और ओपी-2 में मौजूद स्पेयर के सहारे पूरे इस सिस्टम को महज चंद दिनों में इंसटाल किया जा सकता है। ऑक्सीजन की व्यवस्था हो तो सांस के गतिरोध के कारण हो रही मौतों पर लगाम लगाया जा सकता है।

COVID-19
Abdul Salam
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned