ट्रक से लिफ्ट लेकर मुंबई से भिलाई आया व्यापारी कोरोना पॉजिटिव, 9 दिन बाद आई रिपोर्ट, एम्स ने मरीज को लेने से किया इनकार

दुर्ग-भिलाई में 24 दिन बाद एक बार फिर कोरोना पॉजिटव की पहचान की गई है। जिले में यह कोरोना का 12 वां केस है। कारोबारी को ईलाज के लिए माना कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया। (Coronavirus in chhattisgarh)

By: Dakshi Sahu

Published: 30 May 2020, 12:02 PM IST

दुर्ग. दुर्ग-भिलाई में 24 दिन बाद एक बार फिर कोरोना पॉजिटव की पहचान की गई है। जिले में यह कोरोना का 12 वां केस है। एम्स से रिपोर्ट आते ही कैम्प-2 निवासी 49 वर्षीय फुटकर कारोबारी को ईलाज के लिए माना कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया। वर्कलोड अधिक होने की वजह से कोरोना पॉजिटिव को एम्स ने लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद प्रशासन ने जुनवानी स्थित शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज कैंपस में बनाए कोविड हॉस्पीटल को शुरू करने का निर्णय लिया है। अस्पताल शनिवार सुबह 8 बजे से शुरू हो जाएगा।

शुक्रवार को दोपहर लगभग 12.30 बजे जैसे ही रिपोर्ट आई स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कान्टेक्ट नंबर के आधार पर मरीज की तलाश की और उसे रायपुर एम्स ले जाने के लिए तैयारियां शुरू की। ट्रेवलिंग हिस्ट्री तैयार की गई। प्राइमरी कान्टेक्ट में आने वालों के बारे में जानकारी ली गई। इसके बाद उसे एम्स पहुंचाया गया, वहां मरीज को माना कोविड अस्पताल भिजवाया गया।

ट्रक से लिफ्ट लेकर आया था मुंबई से
कोरोना पॉजिटव का कहना है कि वह मुंबई के धारधोपुर में बिजली की दुकान संचालित करता है। यहां पर उसका ससुराल है। परिवार वाले भी यहीं रहते हैं। वह हर दूसरे माह कारोबार के सिलसिले में दुर्ग-भिलाई आता है। कैंप-2 शारदा पारा में उसका अपना मकान भी है। फरवरी में उसका पूरा परिवार मुंबई गया हुआ था।

पत्नी व बेटा गृह शहर इलाबाद रवाना हुए और वह लॉकडाउन की वजह से मुंबई में फंस गया। जबकि उसका एक बेटा और बहू भिलाई कैंप-1 में थे। वह 19 मई को ट्रक से लिफ्ट लेकर भिलाई पहुंचा और 21 मई को जिला अस्पताल पहुंचकर कोविड ओपीडी में जांच कराते हुए स्वाब सैंपल कलेक्ट कराया था। नौ दिन बाद आए जांच रिपोर्ट में पॉजिटिव पाया गया।

होम क्वारंटाइन में रह रहा था मरीज
टैलीफोनिक चर्चा में मरीज का कहना है कि मुंबई से लौटते समय गोदियां निवासी अपने भतीजे को भी साथ लाया था। यहां पर डॉक्टरों की सलाह पर वह अपने साले के खाली पड़े कोचिंग सेंटर में रह रहा था। खाना ससुराल से आता था। होम क्वारंटाइन में भतीजा भी था।

मरीज का निवास क्षेत्र कंटेनमेंट जोन
पीडि़त जिस स्थान पर रूका था उस क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन घोषित किया कर सील किया गया है। वहां सर्वे कराया जाएगा। संभावित होने पर उनका सैंपल लिया जाएगा। साथ ही उन्हें क्वारंटाइन सेंटर भेजा जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के काउंसलिंग में यह बात सामने आई कि कोराना संक्रमित परिवार के 6 सदस्यों के साथ संपर्क में आया है। स्वास्थ्य विभाग के सदस्यों ने प्राइमरी कॉन्टेक्ट में आने वाले सभी सदस्यों को सेक्टर 4 क्वारंटाइन सेंटर में भर्ती करा दिया है।

डेड बाडी का सैंपल लेने वाले टेक्नीशियन का रिपोर्ट निगेटिव
सीएचएमओ डॉ. गंभीर सिंह ठाकुर ने बताया कि भिलाई-तीन चरोदा सीमा में 24 परगना बंगाल जा रहे श्रमिक की मौत हो गई थी। डेड बॉडी से लिए सैंपल का रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर दो डॉक्टर समेत लैब टेक्नोलॉजिस्ट का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया था। सैंपल में एक डॉक्टर का जांच रिपोर्ट पहले आ चुका था। एक अन्य डॉक्टर व लैब टेक्नोलॉजिस्ट का रिपोर्ट निगेटिव आया है। मृतक के चार साथियों का रिपोर्ट आना शेष है।

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Dakshi Sahu Desk/Reporting
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