छत्तीसगढ़ पुलिस के 24 स्पेशल डॉग्स को मिली नक्सल एरिया में पोस्टिंग, रवानगी से पहले फेयरवेल पार्टी में दिया सर्टिफिकेट

प्रशिक्षित डॉग्स के लिए एक विदाई कार्यक्रम रखा गया जिसमें कमांडेंट ने डॉग हैंडलर को सभी डॉग्स का उत्तीर्ण प्रमाण पत्र भेंटकर रवानगी दी।

By: Dakshi Sahu

Updated: 26 Nov 2020, 02:14 PM IST

बीरेंद्र शर्मा @भिलाई. छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल 7 वीं बटालियन में प्रशिक्षित डॉग स्क्वायड बुधवार को माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में अपनी पोस्टिंग के लिए रवाना हो गया। इन प्रशिक्षित डॉग्स के लिए एक विदाई कार्यक्रम रखा गया जिसमें कमांडेंट ने डॉग हैंडलर को सभी डॉग्स का उत्तीर्ण प्रमाण पत्र भेंटकर रवानगी दी। 4 ट्रैकर और 2 विस्फोटक सामग्री संूघने वाले डॉग्स महासमुंद और धमतरी में अपनी आमद देंगे।

दिया गया है आठ महीने का कड़ा प्रशिक्षण
7 वीं बटालियन में पहली बार क्रॉस ब्रीडिंग से तैयार 24 डॉग्स की पोस्टिंग की गई है। तीन फिमेल से बेल्जियम शेफर्ड की क्रॉस ब्रीडिंग कराई गई। 24 पब्स पैदा हुए। 6 माह तक उनका पालन पोषण किया गया। इसके बाद 8 महीने के कड़े प्रशिक्षण के बाद उन्हें कार्यक्षेत्र जाने के लिए तैयार कर दिया गया। बुधवार को बटालियन में विदाई समारोह रखा गया। डिप्टी कमाडेंट रजत शर्मा डिप्टी कमांडेट बीना खैरावट, डीएसपी समेत अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।

नक्सली वारदात में आरोपियों की संूघने माहिर ट्रेकर डॉग हैंडलर (आरक्षक) अभिषेक के साथ नीता, छत्रपाल के साथ बैजू, लखन सिंग को हीरा और नंदलाल भारती के साथ गुड्डी को उनके कार्य क्षेत्र एसटीएफ के लिए रवाना किया गया। वहीं विस्फोटक सामग्री को सूंघने में पारंगत महासमुंद के लिए दिनेश चौधरी के साथ राणा को भेजा गया। सीमा को धमतरी के लिए रवाना किया गया। सभी डॉग्स को डिप्टी कमांडेंट रजत शर्मा ने उत्तीर्ण सर्टिफिकेट प्रदान किया।

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नक्सली मोर्चे पर आज रवाना होंगे गेंदू और शिवा
विस्फोटक सामग्री संूघनेे में माहिर गेंदू और शिवा की पोस्टिंग दंतेवाड़ा में हुई है। उन्हें ले जाने दंतेवाड़ा से गाड़ी बटालियन में पहुंच गई है। गेंदू और शिवा माओवादियों से लोहा लेंगे। विषम परिस्थितियों में भी यह पीछे हटने वाले नहीं। जरूरत पडऩे पर नक्सलियों की गर्दन तक मरोडऩे में कुशल है।

डॉग स्क्वायड की यहां हुई पोस्टिंग
विस्फोटक खोजी में माहिर डॉग बुधारू की पोस्टिंग रायपुर, खेमु- राजनांदगांव, भुरी और जयंती- बीजापुर, सीमा- धमतरी, ओमू- गोरौला पेंड्रा मरवाही, टोनी- मुंगेली, शिवा- दंतेवाड़ा, राणा- महासमुंद, विंदू, प्रतिमा, इंदू और चंपा- सुकमा, दिशा- बिलासपुर पोस्ंिटग की गई। वहीं ट्रेकर में दुलार- राजनांदगांव, लाली- बीजापुर, विमला- बिलासपुर, गेंदू- दंतेवाड़ा, बादल- कोंडागांव, नीता, बैजू, हीरा व गुड्डी- एसटीएफ बघेरा दुर्ग और सुजाता की पोस्टिंग जगदलपुर में की गई।

छ.ग की जलवायु में पले-बढ़े, इस लिए आक्रामक
डॉग स्क्वायड प्रभारी पीसी सुरेश सिंह ने बताया कि पहली बार छत्तीसगढ़ में ब्रीडिंग सेंटर से तैयार डॉग्स यहां की जलवायु के बहुत अनुकूल हैं। यही पैदा हुए इस लिए यहां की जलवायु के मुताबिक कार्य करने की क्षमता है। 20 किलोमीटर तक जवानों के साथ चल फिर सकने की इनकी क्षमता है। इंसानों की तरह इनकी सामान्य भोजन की खुराक है। इनकी विशेष खासियत यह है कि यह बारूद की गंध को सूंघकर वहीं बैठ जाते हैं।

बहुत जल्दी प्रशिक्षित हुए श्वान
डॉग हैंडलर आरक्षक नोहर बघेल ने बताया कि ब्रीडिंग्स डॉग को प्रशिक्षण देने में परेशानी नहीं हुई। बाहर से खरीदे गए श्वान को प्रशिक्षित करने में समय लगता था। उन्हें सिखाने में कठिनाई होती थी। यह श्वान बचपन से ही साथ में रहे। इनका प्रशिक्षण के दौरान बहुत अच्छा रिस्पॉन्स रहा। कमांडेंट ने इस ओर विशेष ध्यान दिया। इस लिए श्वान को तैयार कर उनका लालन पालन बेहतर ठंग से किया गया। उन्हें प्रशिक्षित कर कार्य क्षेत्र के लिए तैयार है। विजय अग्रवाल, कमांडेंट, 7वीं बटालियन भिलाई ने बताया कि 6 श्वान अपने अपने कार्यक्षेत्र के लिए रवाना हो गए। उनकी विदाई समारोह में उत्तीर्ण प्रमाण पत्र भेंट किया गया। इसके बाद उन्हें रवाना कर दिया। जैसे जैसे उनके कार्यक्षेत्र से गाडिय़ां आ रही है, उन्हें डॉग हैंडलर के साथ भेजा जा रहा है।

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Dakshi Sahu Desk/Reporting
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