खुशखबरी: संकट में साथ देने वाले भिलाई स्टील प्लांट के 25 हजार ठेका श्रमिकों को मिलेगा विशेष भत्ता

संकट के दौर में भी भिलाई इस्पात संयंत्र में उत्पादन जारी रखने वाले ठेका मजदूरों के लिए खुशखबरी है। प्रबंधन ने उनको कोरोना भत्ता देने का फैसला किया है। (Bhilai steel plant)

 

By: Dakshi Sahu

Published: 18 Apr 2020, 11:49 AM IST

भिलाई. संकट के दौर में भी भिलाई इस्पात संयंत्र में उत्पादन जारी रखने वाले ठेका मजदूरों के लिए खुशखबरी है। प्रबंधन ने उनको कोरोना भत्ता देने का फैसला किया है। इसको लेकर सबसे पहले पत्रिका ने खबर प्रकाशित की थी। ठेका मजदूरों को इस संकट में काम करने के बदले 50 रुपए हर दिन का दिया जाएगा। जल्द ही यह राशि वास्तविक उपस्थिति के मुताबिक 1 से 14 अप्रैल तक के बीच में अधिकतम 12 दिन का दिया जाएगा। वहीं 13 अप्रैल से 3 मई 20 तक काम करने ाले मजदूरों को भी कोरोना भत्ता दिया जाएगा।

ठेका मजदूरों को मिलेगा सीधे लाभ
प्रबंधन ने अभी साफ नहीं किया है कि यह रकम मजदूरों को सीधे दी जाएगी या ठेकेदारों के खातों में इसे डाल दिया जाएगा। बीएसपी समेत सेल के हर यूनिट में काम करने वाले ठेका मजदूर को यह राशि दी जाएगी। इंटक यूनियन के महासचिव एसके बघेल ने बताया कि इसको लेकर यूनियन ने प्रबंधन से मांग की थी। कोरोना की महामारी के समय भी डिगे नहीं मजदूर विश्वभर में जब नोवल कोरोना वायरस की महामारी से लोग दहशत में है। संयंत्र के नियमित कर्मचारी भी काम पर आने को तैयार नहीं है। तब ठेका मजदूर लगातार संयंत्र में काम करने आ रहे हैं।

इनमें से हजारों मजदूर ऐसे हैं, जिनको ठेकेदार शासन से निर्धारित न्यूनतम वेतन तक नहीं देते। बावजूद अइसके वे ड्यूटी पर आ रहे हैं। नियमित कर्मियों से अधिक है ठेका मजदूर भिलाई इस्पात संयंत्र में 25 हजार से अधिक ठेका मजदूर काम करते हैं। नियमित कर्मियों की संख्या 16 हजार के आसपास है। ठेका मजदूरों के काम पर नहीं आने से भी कई बार उत्पादन प्रभावित होता है। प्रबंधन ने इसके पहले संंयंत्र के भीतर काम करने वाले अधिकारियों व कर्मियों को कोरोना भत्ता 150 रुपए प्रतिदिन देने की घोषणा की।

इसी तरह से संयंत्र के बाहर टाउनशिप में काम करने वालों को हर दिन का 100 रुपए देने की बात कही गई है। घर में रहकर काम करने वालों को इस तरह से कोई भत्ता नहीं दिया जाएगा। अब ठेका मजदूरों को जो संयंत्र के भीतर व बाहर टाउनशिप में काम कर रहे हैं। उनको भी प्रबंधन 50 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से दे रहा है।

ठेकेदार को मिला तो गया जेब में
बीएसपी प्रबंधन अगर मजदूरों को दिया जाने वाला कोरोना भत्ता ठेकेदार को दे देता है तब वह मजदूरों तक पहुंच नहीं पाएगा। प्रबंधन को भी इसकी जानकारी है कि अक्सर मजदूरों का एडब्ल्यूए तक ठेकेदार डकार जाते हैं। तब कोरोना भत्ता उनके हाथ में देना कहां तक सुरक्षित है। 1 से 14 अप्रैल का मिलेगा 600 रुपए कोरोना भत्ता ठेका मजदूरों को भी 1 से 14 अप्रैल का ही दिया जाएगा। इस बीच दो दिन छुट्टी के काट दिए जाएंगे। जिससे एक मजदूर को इस दौरान काम करने का करीब 600 रुपए मिलेगा। देश में लॉकडाउन 24 मार्च से लग गया था। इस तरह से मजदूरों को उस समय जो सप्ताहभर काम किए, उसके बदले भी कोरोना भत्ता दिया जाना चाहिए। प्रबंधन यहां भी मजदूरों को 350 रुपए भत्ता कम दे रहा है।

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Dakshi Sahu Desk/Reporting
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