बीएसपी के बोरिया गेट से बाहर निकली अलग-अलग नंबर की एक ट्रेलर, मचा हड़कंप

चेक करने पर चालक की सीट और फॉल सिलिंग में छुपाकर रखा गया पिग आयरन भी मिला.

By: Abdul Salam

Updated: 04 Mar 2021, 10:57 PM IST

भिलाई. भिलाई इस्पात संयंत्र से गुरुवार की शाम को करीब पौने छह बजे एक ट्रेलर बाहर निकली। जिसके सामने जो नंबर दर्ज था, वह नंबर पीछे नहीं था। ट्रेलर में पीछे के नंबर को छुपाने के लिए नंबर प्लेट पर ग्रीस लगा दिए थे। सीआईएसएफ के जवान को शक हुआ तो उसने रोककर पीछे के नंबर प्लेट को कपड़े से साफ किया। इसके बाद सामने और पीछे लिखे नंबर का मिलान किया। दोनों ही नंबर अलग-अलग थे। इसकी सूचना जवान ने तुरंत बड़े अधिकारियों को दी। इसके बाद ट्रेलर को किनारे खड़े कर दिया गया। यह ट्रेलर ट्रांसपोर्टर अशोक जैन की बताई जा रही है।

चालक की सीट के नीचे छुपाकर रखा पिग आयरन
ट्रेलर के सामने और पीछे का नंबर अलग-अलग देख सीआईएसएफ वालों को संदेह हुआ कि और भी कुछ गड़बड़ी हो सकती है। तब उन्होंने ट्रेलर में मौजूद सामान और दस्तावेजों का मिलान करना शुरू किया। दस्तावेज में ४ नग ब्लूम का जिक्र था, जिसे ट्रेलर में रखा गया था। इसके बाद चालक के सीट के नीचे देखा गया। तब वहां पिग आयरन छुपाकर रखा हुआ था। इसके बाद ट्रक चालक की केबिन के सीलिंग को चेक किया गया, तो वहां भी पिग आयरन मिला। इस तरह से ९ नग पिग आयरन भी छुपाकर ले जा रहा था।

100 किलो पिग आयरन
ट्रेलर में चार नग ब्लूम के अलावा 100 किलो पिग आयरन चोरी करके लेकर जाते सीआईएसएफ ने पकड़ा है। पूरे मामले में अब सीआईएसएफ दस्तावेज तैयार कर रही है, जिसे भट्ठी पुलिस के सुपुर्द किया जाएगा। बीएसपी से हर दिन सैकड़ों ट्रक व ट्रेलर निकल रहे हैं। अगर नंबर अलग-अलग नहीं होता तो पिग आयरन लेकर यह भारी वाहन भी निकल जाती।

संयंत्र के भीतर से एक नट-बोल्ट भी नहीं होगा चोरी
भिलाई इस्पात संंयंत्र प्रबंधन अगर सख्त हो जाए तो एक नट-बोल्ट भी संंयंत्र के भीतर से चोरी नहीं होगा। संयंत्र 8,993 एकड़ क्षेत्र में फैला है। विस्तार के बाद इसके क्षेत्रफल में और बढ़ोत्तरी हुई है। प्रबंधन ने यहां लगवाए हैं कुल 60 कैमरे। इससे अधिक किसी एक मॉल या ज्वेलरी शॉप में लगे होते हैं। प्रबंधन जितने अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाएगा, उतना साफ होता जाएगा कि किस विभाग में कौन चोरी में शामिल है। इस वक्त जरूरत है कि सभी प्रमुख गेटों, रोड वेव ब्रिज, याड्र्स में होने वाली गतिविधियों पर सतत् निगरानी रखी जाए। याड्र्स में मालवाहक वाहनों में लोड किए गए सामानों को भी देखा जा सके। बीएसपी में खुद डायरेक्टर इंचार्ज मौजूद हैं, तब भी निगरानी के लिए इतनी छोटी सी व्यवस्था की गई है।

जवान ने ग्रीस साफ कर देखा नंबर प्लेट तब सामने आया मामला
सीआईएसएफ, कमांडेंट, एसके वाजपेयी ने बताया कि ट्रेलर 4 नग ब्लूम लेकर निकल रही थी, जब जवान ने देखा कि सामने नंबर अलग और पीछे का नंबर ग्रीस में छुपा है तब उसने साफ करके देखा। इससे साफ हुआ कि सामने और पीछे अलग-अलग नंबर है। इसके बाद ट्रेलर की तलाशी ली गई तो 9 नग पिग आयरन मिला। ट्रेलर अशोक जैन की है। सीआईएसएफ मामले को भट्ठी थाना के सुपुर्द करने की तैयारी कर रही है।

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