scriptAccident in Bhilai plant: Work was going on 13 meters below, gas erupt | भिलाई संयंत्र में हादसा : 13 मीटर नीचे चल रहा था काम, गैस से भड़की आग, एक की मौत | Patrika News

भिलाई संयंत्र में हादसा : 13 मीटर नीचे चल रहा था काम, गैस से भड़की आग, एक की मौत

भिलाई इस्पात संयंत्र के ब्लास्ट फर्नेस-7 में वेल्डिंग का काम कर रहे ठेकेदार के दो कर्मचारी बुधवार को दोपहर में आग की जद में आ गए। जिसमें से एक ठेका मजदूर सेफ्टी बेल्ट खोलता उसके पहले ही पूरी तरह से आग की चपेट में आ गया और उसकी मौत हो गई। दूसरा मजदूर भी आग की लपटों में आ गया, लेकिन वह सेफ्टी बेल्ट खोलकर बाहर भागने में कामयाब हो गया, आसपास मौजूद लोगों ने उस मजदूर में लगी आग को बुझाया और एमएमपी के बाद सेक्टर-9 अस्पताल रवाना किया।

भिलाई

Published: June 01, 2022 08:33:17 pm

भिलाई इस्पात संयंत्र के ब्लास्ट फर्नेस-7 में वेल्डिंग का काम कर रहे दो कर्मचारी दोपहर में आग की जद में आ गए। जिसमें से एक ठेका मजदूर सेफ्टी बेल्ट खोलता उसके पहले ही मौत हो गई। विशेषज्ञों ने जांच किया है, जिसमें यह बात सामने आ रही है. 13 मीटर नीचे काम शुरू करवाने से पहले एनालेसेस करना था। गैस भारी होती है, इस वजह से वहां जांच किया जाना था। इसी तरह से मौके पर काम शुरू करने से पहले दमकल वाहन रखा जाना था। गहरे स्थान पर जो काम कर रहे थे, हादसा हो तो उनको किस तरह से बचाया जा सकता है, यह इंतजाम भी होना था। इस तरह से प्रबंधन की लापरवाही इस हादसे में नजर आ रही है। अधिकारियों ने जायजा लेने के बाद मौके पर काम को बंद करवा दिया है।
ठेका मजदूर कर रहे थे काम
एसजीपी के ब्लास्ट फर्नेस-7 में मेंटनेंस काम चल रहा था, इस बीच गैस कटिंग करते हुए गैस फ्लेम की चपेट में आकर प्रगति इंजीनियरिंग के एक कर्मी राहुल उपाध्याय, 32 साल की मौत हो गई। वहीं दूसरा कर्मी परमेश्वर सिक्का, 25 साल की स्थिति गंभीर है। प्रगति इंजीनियरिंग के श्रमिक ब्लास्ट फर्नेस-7 के चेंबर में वेल्डिंग का काम कर रहे थे। सेफ्टी बेल्ट नहीं खुलने के कारण राहुल उपाध्याय बाहर नहीं आ पाया, जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई।
फर्नेस में गैस मौजूद होने की आशंका
आशंका है कि केपिटल रिपेयर में लिए गए इस फर्नेस में गैस किसी पॉकेट में मौजूद थी, गैस वेल्डिंग शुरू होते ही संपर्क में आकर गैस आग में तब्दील हो गई। इससे दोनों ही मजदूर झुलस गए। प्रबंधन ने जांच करने की बात कही है, उम्मीद है कि जांच में हादसे की वजह साफ हो जाएगी।
मृतक के परिवार को दिया जाए अनुकंपा नियुक्ति
ब्लास्ट फर्नेस-7 के दुर्घटना के बाद घटना स्थल का जायजा लेने प्रतिनिधि यूनियन इंटक के वरिष्ठ सचिव जयंत बराठे, सचिव सुरेश श्याम कुमार पहुंचे। यूनियन ने मांग किया है कि मृतक के परिवार के एक सदस्य को बीएसपी में अनुकंपा नियुक्ति दी जाए, पीडि़त परिवार को अधिक से अधिक छतिपूर्ति राशि दिया जाए। इसी तरह से जो श्रमिक अस्पताल में भर्ती है उसे बेहतर से बेहतर इलाज की व्यवस्था की जाए। इस तरीके से बार-बार दुर्घटना से सुरक्षा के उपाय में कहीं न कहीं चूक हो रही है, जिसके कारण दुर्घटनाएं घट रही हैं, उसमें और सुधार की जरूरत पर इंटक ने बल दिया है।
बीएसपी हादसे के कारणों की कर रही जांच
बीएसपी के जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों के मुताबिक ब्लास्ट फर्नेस-7 को 18 अगस्त 2021 को बंद कर कैपिटल रिपेयर में लिया गया था। कैपिटल रिपेयर के दौरान बुधवार को एसजीपी के एयर लिफ्टिंग चेंबर नंबर- 2 में मैसर्स अमन कंस्ट्रक्शन के 2 कर्मचारी वेल्डिंग का कार्य कर रहे थे। दोपहर करीब 12 बजे अचानक आग का भबका उठा। जिससे कार्यरत श्रमिक झुलस गया। परमेश्वर सिक्का, 26 साल को मुख्य चिकित्सा पोस्ट (एमएमपी) में लाया गया और उन्हें तुरंत उपचार के लिए संयंत्र की मुख्य चिकित्सालय जेएलएन हॉस्पिटल की बर्न यूनिट में स्थानांतरित कर दिया गया। वहां उनका इलाज चल रहा है। राहुल उपाध्याय 32 साल को संयंत्र के मुख्य चिकित्सा पोस्ट लाया गया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। फर्नेस पिछले 8 महीने से बंद होने के बावजूद आग का भबका उठने के कारणों की जांच की जा रही है।
वर्सन
गैस मॉनिटर से करना था पहले जांच
ब्लास्ट फर्नेस-7 में काम शुरू करने से पहले गैस मॉनिटर से जांच कर लिया जाना था, जिससे गैस मौजूद है क्या यह साफ हो जाता। इसी तरह से ठेकेदार नए कर्मियों से बिना किसी प्रशिक्षण के काम करवा रहे हैं। उनको यह मालूम ही नहीं होता कि प्लांट में किस जगह काम करने के लिए किस तरह की सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान देना है।
संजय साहू, अतिरिक्त महासचिव, प्रतिनिधि यूनियन, इंटक, बीएसपी
पहली नजर में सामने आ रही प्रबंधन की लापरवाही
13 मीटर नीचे शुरू करने से पहले एनालेसेस किया जाना था। विशेष सावधानी रखनी थी। पहले तो आग लगनी नहीं थी, लग गई तो बुझाने का इंतजाम होना था। दमकल को तैनात किया जाना था। असुरक्षित कार्य विधि से काम किया जा रहा था। मौके का जायजा लेने के बाद वहां काम बंद करवा दिया है। जांच जारी है।
केके द्विवेदी, डायरेक्टर, औद्योगिक सुरक्षा व स्वास्थ्य, छग शासन

भिलाई संयंत्र में हादसा :  13 मीटर नीचे चल रहा था काम, गैस से भड़की आग,  एक की मौत
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