मुक्तिधाम में एक साथ सज रही चिताएं, कोविड के अंतिम संस्कार को लेकर प्रशासन बरत रहा नरमी

जिला प्रशासन ने शुरू में कोविड से जिनकी मौत हो रही थी, उनके शव को अंतिम संस्कार करने के लिए बेहतर व्यवस्था किया था, अब दोनों शव पहुंच रहे साथ में.

 

By: Abdul Salam

Published: 20 Sep 2020, 10:10 AM IST

भिलाई. कोरोना महामारी से जब शुरूआत में मौत हो रही थी, तब रामनगर मुक्तिधाम में जिला प्रशासन की ओर से बड़े अधिकारियों की ड्यूटी लगा दी जाती थी। जिससे यहां जिनकी सामान्य मौत हुई है, उनके शवों का अंतिम संस्कार और कोविड-19 से जिनकी मौत हो रही है। उनके शवों का अंतिम संस्कार अलग-अलग समय में करवाया जा रहा था। कोरोना से जिसकी मौत हो रही थी, उसका अंतिम संस्कार करते वक्त मुक्धिाम को खाली करवा दिया जाता था। यह देखने के लिए पुलिस से लेकर जिला प्रशासन तक मौजूद रहती थी। अब जिला प्रशासन इस मामले में नरमी बरत रहा है। अंतिम संस्कार के लिए अलग-अलग शेड पर लेकर दोनों ही चिताएं सज रही है। 

पहले माना गया खतरनाक

जिला प्रशासन ने शुरू में कोविड से जिनकी मौत हो रही थी, उनके शव को अंतिम संस्कार करने के लिए बेहतर व्यवस्था किया था। यहां दूसरे शवों का अंतिम संस्कार हो जाने के बाद पूरी तरह से मुक्तिधाम परिसर को खाली किया जाता था। इसके बाद कोविड से जिनका निधन हुआ है, उनका अंतिम संस्कार किया जाता था। जिला प्रशासन इसके बाद यहां दवा का छिड़काव करवाता था। जिससे यह आम लोगों के लिए सुरक्षित रहे। 

अब दोनों शव पहुंच रहे साथ में

मुक्तिधाम में अब इसको लेकर पहले जैसी सख्ती नहीं है। जिसकी वजह से एक शेड में दो लोगों के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया जारी है, दूसरी ओर कोविड से मृत व्यक्ति को लेकर शव वाहन पहुंच जाती है। जिसके लिए पहले से मुक्तिधाम प्रबंधन चिता के लिए लकड़ी अलग से सजा कर रखता है। ताकि आने वाले को परेशानी न हो। चंद मिनट में वहां भी चिता सज जाती है और अंतिम संस्कार की रस्म को अदा किया जाता है।   

पीडि़त परिवार दबाव बना रहा चेहरा दिखाने

मुक्तिधाम में शव लाने के बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया करना होता है। यहां के प्रबंधन पर कोविड से जिनकी मौत होती है, वह परिवार अंतिम समय में चेहरा दिखाने दबाव बनाता है। चेहरा देखने के लिए अगर पेकिंग को हटाया जाता है, तो मौजूद लोगों के लिए संक्रमण का खतरा है। इस बात को पीडि़त परिवार समझने तैयार नहीं होता। हॉस्पिटल से शव को रवाना करते समय टालने के लिए कह दिया जाता है कि मुक्तिधाम में देख लेना। यही वजह है कि जहां महिलाएं पहले नहीं आती थी। वह भी मुक्तिधाम तक पहुंच रही है। 

एक ओर कर रहे शट डाउन दूसरी ओर छूट 

एक ओर जिला प्रशासन शट डाउन करने जा रहा है। जिससे कोरोना का संक्रमण ठहर सके। उसके वायरस के चैन को तोड़ा जा सके। दूसरी ओर अंतिम संस्कार करने जिस तरह से नियम बने हैं। उनका पालन कराने के लिए जिला प्रशासन व्यवस्था पुख्ता नहीं कर पा रहा है।

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