बीस दिन में BSP में ऐसा क्या हुआ कि हॉट मेटल के उत्पादन में हो गया एक हजार टन का इजाफा

भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन के लिए थोड़ी राहत भरी खबर है। 20 दिन बाद हॉट मेटल के उत्पादन में एक हजार टन का इजाफा हुआ है।

By: Bhuwan Sahu

Published: 24 Jul 2018, 12:45 AM IST

भिलाई . भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन के लिए थोड़ी राहत भरी खबर है। 20 दिन बाद हॉट मेटल के उत्पादन में एक हजार टन का इजाफा हुआ है। महीने की शुरुआत से लगातार हॉट मेटल का उत्पादन आठ-साढ़े आठ हजार टन के आसपास की अटका था। रविवार को 9 हजार का आंकड़ा पार कर लिया। हालांकि यह अभी भी सामान्य दैनिक उत्पादन 14 हजार टन से काफी पीछे है। हॉट मेटल के उत्पादन में गिरावट का असर संयंत्र के सभी उत्पादों पर पड़ा है।

पिछले २० दिनों से ब्लास्ट फर्नेस के मरम्मत में संयंत्र की पूरी टीम लगी हुई है। अब जाकर हॉट मेटल के उत्पादन में सुधार के संकेत मिले हैं। ब्लास्ट फर्नेस-5 और 6 से उत्पादन शुरू हो गया है। वहीं ब्लास्ट फर्नेस-8 से भी उत्पादन को धीरे-धीरे बढ़ाने कोशिश की जा रही है। अब जाकर बीएसपी प्रबंधन ने राहत की सांस ली है।

12 दिन से बंद था फर्नेस

बीएसपी के ब्लास्ट फर्नेस-5 से उत्पादन १२ दिन बाद शुरू हुआ। पहले दिन में ११४ टन हॉट मेटल का उत्पादन किया गया। इसके बाद धीरे-धीरे उत्पादन बढ़ रहा है। वहीं ११ दिन बाद ब्लास्ट फर्नेस-६ भी उत्पादन देना शुरू कर दिया है। प्रबंधन जुटा है कि किसी तरह दोनों फर्नेस से क्षमता के मुताबिक उत्पादन होने लगे।

१३००० टन तक उत्पादन

ब्लास्ट फर्नेस-5 व 6 के शुरू हो जाने से हॉट मेटल का उत्पादन कम से कम ५००० टन तक बढऩे की उम्मीद है। वर्तमान में हॉट मेटल का उत्पादन ८८१० तक हो रहा है, जो बढ़कर १३ हजार टन हॉट मेटल तक पहुंच जाएगा।

रॉ-मटेरियल की वजह से भी हो रही थी दिक्कत

ब्लास्ट फर्नेस-5, 6 व 8 में एक साथ तकनीकी दिक्कत पेश आ रही थी। ब्लास्ट फर्नेस-8 जाम हो रहा था। इसके पीछे वजह कोक ओवन गैस व आयरन ओर की क्वालिटी को भी माना जा रहा है। गैस का प्रेशर बराबर नहीं रहने की वजह से ब्लास्ट फर्नेस के भीतर मटेरियल हवा में लगातार तैरता नहीं रहा। उसके बैठते ही फर्नेस ही बैठ गया। प्रबंधन को इस बात की आशंका नहीं थी। बलिकउम्मीद की जा रही थी, कि इससे उत्पादन धीरे-धीरे बढ़ता जाएगा। ऐसा हुआ नहीं। पर्याप्त मात्रा में सिंटर नहीं मिलने से उसके स्थान पर विकल्प के तौर पर आयरन ओर का इस्तेमाल किए। जिसका नुकसान उठाना पड़ा।

ब्लास्ट फर्नेस-८ के सामान्य होते ही टूटेंगे पुराने रिकॉर्ड

उच्च प्रबंधन को उम्मीद है कि ब्लास्ट फर्नेस-८ के शुरू होते ही हॉट मेटल उत्पादन के सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ देंगे। ब्लास्ट फर्नेस-8 का सामान्य उत्पादन ही ६ हजार टन से कम नहीं होगा। इसके बाद ब्लास्ट फर्नेस-1 भी शुरू किया जा रहा है। इससे हॉट मेटल का उत्पादन १५०० टन तक होने की उम्मीद है। इस तरह कुल हॉट मेटल का उत्पादन १६,००० से २०,००० टन हॉट मेटल को पार कर देगा। इस तरह उत्पादन नए रिकॉर्ड कायम करेगा।

Bhuwan Sahu
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned