scriptAmbulance running keeping the rules of Durg in abeyance | Durg कायदों को ताक पर रख दौड़ रही एंबुलेंस | Patrika News

Durg कायदों को ताक पर रख दौड़ रही एंबुलेंस

न पंजीयन का ठिकाना और न रेट तय,

भिलाई

Published: July 26, 2022 09:31:13 pm

भिलाई. जिला में एंबुलेंस की डिमांड सबसे अधिक उस वक्त बढ़ गई थी, जब दो साल पहले कोरोना के मामले में इजाफा हो रहा था। इसके बाद से ही लोगों ने वेन व दूसरे वाहनों को एंबुलेंस के तौर पर इस्तेमाल करना शुरू किया। वर्तमान में 100 से अधिक ऐसे एंबुुलेंस वाहन दौड़ रहे हैं, जिनके पंजीयन का ठिकाना नहीं है। इसी तरह से निजी एंबुलेंस को किराए पर लेने से कितना किलोमीटर की दर से रेट लिया जाएगा। यह भी तय नहीं है। इसका ही फायदा निजी एंबुलेंस के संचालक उठा रहे हैं।

Durg कायदों को ताक पर रख दौड़ रही एंबुलेंस
Durg कायदों को ताक पर रख दौड़ रही एंबुलेंस

अस्पतालों व नर्सिंग होम में 35 एंबुलेंस
जिला के निजी अस्पतालों व नर्सिंग होम में करीब 35 एंबुलेंस हैं। इसके अलावा कितनी एंबुलेंस संचालित हो रही है, इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग के पास है। वह भी सिर्फ संख्या में है। निजी अस्पतालों व नर्सिंग होम में संचालित एंबुलेंस मानक में खरे उतर रहे हैं या नहीं। यह भी तय नहीं है। निजी एंबुलेंस वर्तमान में स्वास्थ्य विभाग के दायरे में आते नहीं है, इस वजह से उनके रख-रखाव व व्यवस्था पर विभाग ध्यान नहीं देता।

300 से अधिक एंबुलेंस दौड़ रहे
जिला में 300 से अधिक निजी एंबुलेंस दौड़ रहे हैं। इसमें से अधिकतर ऐसे हैं जिन्होंने पंजीयन ही एंबुलेंस के नाम पर नहीं करवाया है। वाहन खरीकर उसमें एंबुलेंस लिखकर संचालित किया जा रहा है। जिला में सबसे अधिक एंबुलेंस जिला अस्पताल, दुर्ग, सेक्टर-9, जुनवानी रोड, नेहरू नगर और सुपेला में देखने को मिलते हैं।

स्कूल बस की तर्ज पर हो जांच
स्कूल बस की तर्ज पर एंबुलेंस की जांच भी आरटीओ व स्वास्थ्य विभाग को मिलकर करना होगा। जिससे एंबुलेंस की पंजीयन, एंबुलेंस मानक में खरा उतर रहा है या नहीं उसकी जांच, दूरी के आधार पर रेट लिस्ट वाहन पर लगाने निर्देश दिए जा सकें। इससे जरूरत के समय लोग एंबुलेंस बुलाकर परेशान न हो।

आरटीओ के साथ मिलकर चलाना होगा अभियान
डॉक्टर जेपी मेश्राम, चीफ मेडिकल हेल्थ ऑफिसर, दुर्ग ने बताया कि निजी एंबुलेंस को लेकर जानकारी एकत्र करने आरटीओ के साथ मिलकर अभियान चलाना होगा। जिससे उनका पंजीयन व मानक देखा जा सके। वर्तमान में स्वास्थ्य विभाग के पास सिर्फ निजी अस्पताल में कितने एंबुलेंस है, इसकी जानकारी है।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

Monsoon Alert : राजस्थान के आधे जिलों में कमजोर पड़ेगा मानसून, दो संभागों में ही भारी बारिश का अलर्टमुस्कुराए बांध: प्रदेश के बांधों में पानी की आवक जारी, बीसलपुर बांध के जलस्तर में छह सेंटीमीटर की हुई बढ़ोतरीराजस्थान में राशन की दुकानों पर अब गार्ड सिस्टम, मिलेगी ये सुविधाधन दायक मानी जाती हैं ये 5 अंगूठियां, लेकिन इस तरह से पहनने पर हो सकता है नुकसानस्वप्न शास्त्र: सपने में खुद को बार-बार ऊंचाई से गिरते देखना नहीं है बेवजह, जानें क्या है इसका मतलबराखी पर बेटियों को तोहफे में देना चाहता था भाई, बेटे की लालसा में दूसरे का बच्चा चुरा एक पिता बना किडनैपरबंटी-बबली ने मकान मालिक को लगाई 8 लाख रुपए की चपत, बलात्कार के केस में फंसाने की दी थी धमकीराजस्थान में ईडी की एन्ट्री, शेयर ब्रोकर को किया गिरफ्तार, पैसे लगाए बिना करोड़ों की दौलत

बड़ी खबरें

Gujarat News: जामनगर के होटल में लगी भयानक आग, स्टाफ सहित 27 लोग थे मौजूद, सभी सुरक्षितत्रिपुरा कांग्रेस विधायक सुदीप रॉय बर्मन पर जानलेवा हमला, गंभीर रूप से हुए घायलबांदा में यमुना नदी में डूबी नाव, 20 के डूबने की आशंकाCM अरविंद केजरीवाल ने किया सवाल- 'मनरेगा, किसान, जवान… किसी के लिए पैसा नहीं, कहां गया केंद्र सरकार का धन'SCO समिट में पीएम मोदी के साथ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की हो सकती है बैठकबिहारः 16 अगस्त को महागठबंधन सरकार का कैबिनेट विस्तार, 24 को फ्लोर टेस्ट, सुशील मोदी के दावे को नीतीश ने बताया बोगसझारखंड BJP ने बिहार के नए उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को गिफ्ट में भेजा पेन, कहा - '10 लाख नौकरी देने वाली फाइल पर इससे करें हस्ताक्षर'Karnataka High Court: एक्सीडेंट में माता-पिता की मौत होने पर विवाहित बेटियां भी मुआवजे की हकदार
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.