कोरोना वायरस का एक और संदिग्ध मरीज मिला छत्तीसगढ़ में, दुर्ग में सात संदिग्ध होम आईसोलेशन पर

जिले में कोरोना वायरस (coronavirus in Chhattisgarh) के संभावित 8 वे मरीज को होम आइसोलेशन में रखा गया है। संभावनाओं को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने वास्तव में कोरोना वायरस है कि नहीं इसकी जांच के लिए सैंपल एम्स रायपुर (AIMS Raipur) भेजा है।

By: Dakshi Sahu

Published: 07 Mar 2020, 11:41 AM IST

दुर्ग. जिले में कोरोना वायरस (coronavirus) के संभावित 8 वे मरीज को होम आइसोलेशन में रखा गया है। संभावनाओं को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने वास्तव में कोरोना वायरस है कि नहीं इसकी जांच के लिए सैंपल एम्स रायपुर भेजा है। हालांकि रिपोर्ट शनिवार तक मिलने का अनुमान लगाया जा रहा है। पत्रकार वार्ता में कलेक्टर अंकित आंनद ने बताया कि वर्तमान में जिला करोना से मुक्त है। अब तक 7 संभावितों का सैंपल जांच रिपोर्ट आ चुका है। सभी रिपोर्ट निगेटिव है। इसके बाद भी जिले में संभावनाओं को लेकर राज्य शासन के निर्देश पर विशेष प्लानिंग की गई है। वैसे केन्द्र स्तर पर हाई रिस्क देश इंग्लैण्ड, चाइना, सिंगापुर, मलेसिया, जापान, थाइलैण्ड, दक्षिण कोरिया देश से आने वाले लोगों की स्क्रैनिंग कर रहे है।

इसके बाद अगर कोई इन देशों से से प्रवास कर वापस आता है तो उसकी विशेष रूप से जांच की जा रही है। पहले उनका सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा जाएगा, और उस व्यक्ति को 14 दिनों तक घर पर ही आइसोलेशन में रहने की सलाह दी जा रही है। इस मियाद के बाद दोबारा सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा जाएगा। दोबारा जांच में रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद ही उसे स्वतंत्रता पूर्वक घूमने की सलाह दी जा रही है।

बच्चे व बुजर्ग बरते सावधानी
सवाल के जवाब में कलेक्टर ने कहा कि कोरोना वायरस का फैलाव शरीर की प्रतिरोधक क्षमता पर निर्भर है। बच्चे व 60 वर्ष की उम्र पार कर चुके व्यक्तियों को विशेष एहतियात बरतनी चाहिए। संक्रमण के दौर में हर व्यक्ति को चाहिए कि वे ऐसे व्यक्ति से नियमित दूरी बनाकर रखे जिन्हें किसी भी तरह का वायरल हुआ हो।

कोरोना वायरस का एक और संदिग्ध मरीज मिला छत्तीसगढ़ में, दुर्ग में सात मरीज होम आईसोलेशन पर

बनाई है यह रणनीति
कोराना वायरस को लेकर जिले में विश्व स्वास्थ्य संगठन के गाइड लाइन पर विशेष तौर पर रणनीति बनाई गई है। कोरोना के पॉजीटिव मरीज मिलने पर उन्हें ऐसे अस्पताल में रख उपचार दिया जाएगा जिस अस्पताल में वेंटीलेटर की सुविधा है। पूर्ण स्वस्थ्य होते तक उसे उसी अस्पताल में रखा जाएगा। स्थिति बिगडऩे पर मरीज को रायपुर मेडिकल कॉलेज या फिर एम्स रायपुर रेफर किया जाएगा। दरअसल इसकी मुख्य वजह यह है कि कोरोना वायरस न फैले या फिर वायरस को शरीर के भीतर नष्ट करने अब तक दवा की ईजात नहीं है। इसलिए वायरस क ा अटैक होने के बाद शरीर पर होने वाले प्रभाव (बिमारी) के लक्षण के आधार पर उपचार किया जाएगा।

साथ ही पॉजीटीव मरीज मिलने पर उस व्यक्ति के निवास स्थान से 3 किलोमीटर का रेडियस बनाकर कोरोना वायरस के संभावित पीडि़त व्यक्ति की तलाश की जाएगी, और सैंपल क लेक्ट कर उसे 14 दिनों तक होम आइसोलेशन किया जाएगा। रिपोर्ट पॉजीटिव आने पर पीडि़त व्यक्ति किन व्यक्तियों से संपर्क किया है इसकी अलग से सूची तैयार कर उनकी भी खोजबीन कर सैंपल कलेक्ट किया जाएगा।

106 लोगों को प्रशिक्षण
कोराना को लेकर न केवल जिला बल्कि राज्य अलर्ट है। वायरस को गंभीरता से लिया जा रहा है। कोरोना पीडि़त व्यक्तियों की जांच और मरीज को देखरेख करने वालों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। जिस अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है वहां के डॉक्टर से लेकर स्टाफ नर्स और पैथालॉजी विंग के कर्मचारी समेत कुल 106 वार्ड ब्वाय को प्रशिक्षण दिया गया है।

इन अस्पतालों में बेड आरक्षित
सेक्टर नौ भिलाई अस्पताल-13
शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज-5
चंदुलाल चंद्राकर अस्पताल-5
जिला अस्पताल-5

ली गई अस्पतालों संचालकों की बैठक
कोरोना वायरस के संभावित मरीजों की जानकारी देने शुक्रवार को शहर के सभी नर्सिंग होम व ओपीडी संचालित करने वाले डॉक्टरों की बैठक आयोजित की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य जांच नि:शुल्क होने की जानकारी देना और संभावितों के बारे में जानकारी स्वास्थ्य विभाग को देना है। साथ ही ऐसे मरीज जो प्राइवेट अस्पताल के खर्च का वहन नहीं कर सकते उनका ईलाज रायपुर मेडिकल कॉलेज और एम्स में कराया जाएगा। वैसे भी कोरोना पीडि़तों को मेडिकल क्लेम (इंश्योरेंस ) का लाभ मिलेगा।

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Dakshi Sahu Desk/Reporting
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