शिक्षा के क्षेत्र में किया बेहतर काम, विस अध्यक्ष ने राजभवन में किया सम्मान

शिक्षा के क्षेत्र में किया बेहतर काम, विस अध्यक्ष ने राजभवन में किया सम्मान

Abdul Salam | Publish: Sep, 05 2018 05:02:48 PM (IST) Bhilai, Chhattisgarh, India

शिक्षक केके धुरंधर, सिरसाकला दिप्ती गुप्ता प्राचार्य तिलक नगर दुर्ग को मुख्यमंत्री राज्य शिक्षा अलंकरण से नवाजा गया। शिक्षा के क्षेत्र में इन्होंने बेहतर काम किया।

भिलाई. अमलेश्वर के स्कूली बच्चों को शिक्षिका नीलिमा ठाकुर ने खेल-खेल में संस्कृत जैसे कठिन विषय को न सिर्फ पढ़ाया, बल्कि विद्यार्थियों को उसमें 80 फीसदी से अधिक नंबर भी मिले। सरकारी स्कूल में इस तरह बच्चों के पीछे मेहनत कम ही शिक्षक करते हैं। एक दशक तक विभिन्न स्कूलों में पढ़ाते हुए शिक्षिका ने मेहनत किया। जिसके बाद बुधवार की सुबह राजभवन में उनका सम्मान किया गया। विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल के हाथों स्व. डॉ. बलदेव प्रसाद मिश्र पुरस्कार सम्मान दिया गया। इस मौके पर शिक्षा मंत्री केदार कश्यप भी मौजूद थे। केके धुरंधर सिरसा कला मिडिल स्कूल, भिलाई तीन और दिप्ती गुप्ता प्राचार्य तिलक नगर दुर्ग को मुख्यमंत्री राज्य शिक्षा अलंकरण से नवाजा गया। शिक्षा के क्षेत्र में इन्होंने बेहतर काम किया।

इस तरह पढ़ाया बच्चों को
शिक्षिका ने बच्चों को मैदान में खेल करवाया और वहां आउट होने वाले बच्चों को सवाल के जवाब देने कहा जाता। इस तरह बच्चे खेलते-खेलते पढ़ाई भी कर लेते। इससे बच्चे अन्य विषयों के मुकाबले में संस्कृत विषय में अधिक नंबर लाने लगे। वार्षिक परिणाम में भी इसका लाभ बच्चों को मिला।

मिला स्व. डॉक्टर बलदेव प्रसाद मिश्र सम्मान
डॉ. बलदेव प्रसाद मिश्र 20 वीं शताब्दी के कवि, साहित्यकार और राजनेता थे। राजनांदगांव में 12 सितंबर, 1898 में जन्में मिश्र ने बीए, एमए और एलएलबी के साथ 1939 में तुलसी दर्शन पर अपना शोध प्रबंध कर डी लिट की उपाधि प्राप्त की। एक शिक्षाविद् के साथ वे एक कुशल प्रशासक, राजनेता के रूप में भी पहचाने जाते थे। हिन्दी साहित्य के वे भारत के ऐसे प्रथम शोधकर्ता थे, जिन्होंने अंग्रेजी शासनकाल में भी अंग्रेजी के बदले भारतीय भाषा हिन्दी में अपना शोध प्रबंध प्रस्तुत किया और डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की।

यहां दिया सेवा
नागपुर विद्यापीठ में 10 वर्षों तक हिन्दी विभाग में मानसेवी विभागाध्यक्ष रहे। बिलासपुर के एसबीआर कॉलेज व रायपुर के दुर्गा महाविद्यालय के प्रथम प्राचार्य भी रहें। डॉ मिश्र हैदराबाद व बड़ौदा विश्वविद्यालय में विजिटिंग प्रोफेसर के रूप में अपनी सेवाएं दी। वे तत्कालीन मध्यप्रदेश व महाकौशल माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की हिन्दी पाठ्यक्रम समिति के संयोजक भी रहे।

जवाहर लाल नेहरू ने किया मनोनीत
देश के प्रथम प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरु ने उन्हें भारत सेवक समाज नामक सर्वोच्च संस्था की केंद्रिय समिति में मनोनीत किया। डॉ मिश्र ने देश के दिल्ली, पंजाब, वाराणसी, पटना, कोलकाता, जबलपुर, सागर, नागपुर, हैदराबाद, बड़ौदा विश्वविद्यालयों में डी. लिट् तक शोध छात्रों के परीक्षक के रूप में कार्य किया।

खैरागढ़ संगीत विवि में उपकुलपति
उन्होंने बिलासपुर में संभागीय सतर्कता अधिकारी एवं खैरागढ़ संगीत विश्वविद्यालय में उपकुलपति के पद पर कार्य किया। उन्होंने मध्यप्रदेश हिन्दी साहित्य सम्मलेन की तीन बार अध्यक्षता भी की। इसके अलावा उन्होंने अखिल भारतीय हिन्दी साहित्य सम्मेलन के तुलसी जयंती समारोह में अध्यक्ष की भूमिका निभाई। वे बंगीय हिन्दी परिषद कोलकाता के अध्यक्ष व मैसूर राज्य में हिन्दी के विशिष्ट व्याख्याता रहे।

Ad Block is Banned