जहां ट्रेंचिंग ग्राउंड की मंजूरी नहीं, बीएसपी वहीं डंप कर रहा पूरे शहर का कचरा

भिलाई इस्पात संयंत्र का नगर सेवाएं विभाग टाउनशिप से निकलने वाले कचरे को मैत्रीबाग के नई बाउंड्रीवाल के बाजू में ही डंप करवा रहा है।

भिलाई. भिलाई इस्पात संयंत्र का नगर सेवाएं विभाग टाउनशिप से निकलने वाले कचरे को मैत्रीबाग के नई बाउंड्रीवाल के बाजू में ही डंप करवा रहा है। जवाहर उद्यान के बाजू का यह वही हिस्सा है, जहां ट्रेंचिंग ग्राउंड बनाने के लिए पर्यावरण विभाग ने मंजूरी देने से इंकार कर दिया था, क्योंकि इससे वन्य प्राणियों को नुकसान हो का खतरा है। टाउनशिप के कचरे को भी नगर निगम के ट्रेंचिंग ग्राउंड में डंप करना है। ट्रैक्टर ट्रालियों से कचरा परिवहन करने वाले ठेकेदार से कांट्रेक्ट भी उस आधार पर ही किया जाता है।

रविवार व सोमवार को दोपहर बाद मैत्रीबाग के नए गेट (जवाहर उद्यान) के बाजू से भीतर जाकर कचरा डंप करती रही। इसमें शहर से निकलने वाली झाडिय़ों के साथ-साथ झिल्ली, गंदगी सभी शामिल हैं। कचरे को जिस स्थान पर डंप किया जा रहा है, वह मैत्रीबाग के मास्टर प्लान के तहत तैयार की गई बाउंड्रीवाल से लगा हुआ है। लगातार गंदगी को यहां डंप करने से जू के पर्यावरण पर भी इसका असर पड़ेगा।

करोड़ों की योजना पर प्रबंधन खुद लगा रहा पलीता
मैत्रीबाग के चिडिय़ाघर को स्माल ग्रेड से मीडियम ग्रेड में अपग्रेड करने के लिए बीएसपी प्रबंधन ने मास्टर प्लान तैयार कर जू अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड से पास करवाया है। मास्टर प्लान को अमलीजामा पहनाने के लिए प्रबंधन करोड़ों रुपए खर्च करने जा रहा है। इसके तहत ही जू के घेरे को बढ़ाया गया है। इसके बाद मैत्रीबाग की जद में जवाहर उद्यान भी आ गया है। अब इस योजना पर छोटी-छोटी गलती कर बाधा उत्पन्न किया जा रहा है।

कचरे से बिजली बनाने की योजना को नहीं मिली थी मंजूरी
टाउनशिप से निकलने वाले कचरे को मैत्रीबाग व ३० एमएलडी प्लांट के बीच में डंप कर, वहां कचरे से बिजली बनाने का ठेका देने की योजना थी। निजी कंपनी को सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाने ठेका देने फाइल कॉरपोरेट ऑफिस, दिल्ली भेजी गई, जिसे मंजूरी नहीं मिली थी। दरअसल पर्यावरण विभाग इस तरह के प्लांट यहां लगाने के लिए मांगी गई अनुमति को पहले ही खारिज कर चुका है।

टाउनशिप से हर दिन करीब ४० टन कचरा एकत्र होता है। इसे मैत्रीबाग के बाजू में इस तरह से डंप किया जाएगा, तो यहां कचरे का पहाड़ बनते समय नहीं लगेगा। प्रबंधन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। बीएसपी जनसंपर्क विभाग का कहना है कि कचरा किसने डंप किया है, देखने के बाद ही इस मामले में जवाब दे सकते हैं। वर्तमान में बिना देखे कुछ नहीं कहा जा सकता।

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Dakshi Sahu
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