मास्क नहीं लगाने वालों पर फिर से सख्ती, भिलाई में 44 लोगों पर जुर्माना, कोरोना के बढ़ते केस से अलर्ट पर प्रशासन

कोरोना वायरस के बढ़ते केस के बीच भिलाई में मास्क नहीं लगाने वालों पर प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। सोमवार को 44 लोगों से जुर्माना वसूला गया।

By: Dakshi Sahu

Updated: 23 Feb 2021, 01:33 PM IST

भिलाई. कोरोना वायरस के बढ़ते केस के बीच भिलाई में मास्क नहीं लगाने वालों पर प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। सोमवार को 44 लोगों से जुर्माना वसूला गया। कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने घर से बाहर निकलने वाले सभी व्यक्तियों को मास्क लगाना अनिवार्य है। नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों के खिलाफ भिलाई निगमायुक्त ऋतुराज रघुवंशी ने नियमित रूप से कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। निगम के सभी जोन के स्वास्थ्य व राजस्व विभाग की टीम ने सोमवार को सार्वजनिक स्थान पर मास्क या अन्य तरीके से मुंह को कवर किए बिना निकलने वाले व्यक्तियों पर अर्थदंड की कार्रवाई की।

निगम की टीम बाजार क्षेत्र, दुकानों एवं सार्वजनिक स्थलों का निरंतर निरीक्षण और नियमों की अवहेलना करने वालों पर कार्रवाई भी कर रही है। सोमवार को निगम के विभिन्न क्षेत्रों में मास्क नहीं पहनने वाले 44 लोगों से 3950 रुपए अर्थदंड वसूला गया। जोन-4 खुर्सीपार शिवाजी नगर जोन क्षेत्र में सबसे ज्यादा 22 लोग पकड़ में आए। जोन-1 नेहरू नगर क्षेत्र में 5, जोन-2 वैशाली नगर में 9, जोन-3 मदर टेरेसा नगर क्षेत्र में 6 और जोन-5 सेक्टर एरिया में 2 लोगों से अर्थदंड वसूल किया गया। निगम उपायुक्त अशोक द्विवेदी ने कहा कि आगे भी इसी प्रकार से बिना मास्क घर से बाहर निकलने वालों पर कार्रवाई जारी रहेगी।

छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा कोरोना मरीज दुर्ग जिले में
छत्तीसगढ़ में सबसे अधिक कोरोना के मरीज दुर्ग जिले में मिले हैं। राजधानी रायपुर दूसरे स्थान पर है। जिले में सोमवार को कोरोना के 61 नए संक्रमित मिले हैं। वहीं एक 55 साल के संक्रमित की मौत हो गई। इधर दूसरी ओर सोशल डिस्टेंस की जगह-जगह धज्जियां उड़ रही है। जिले में अब तक 27605 लोग संक्रमित हुए हैं। जिसमें से अब तक 26063 मरीज ठीक हो चुके हैं। एक्टिव केस बढ़कर अब 909 से अधिक हो गया है। कल्याण महाविद्यालय भिलाई नगर में मॉडल पेपर और पंजीयन को लेकर सैकड़ों छात्र-छात्राएं पहुंच गए।

प्रबंधन का कहना है कि उन्हें खुद उम्मीद नहीं थी किा इतने अधिक छात्र-छात्राएं इस तरह से एक साथ पहुंच जाएंगे। प्रबंधन ने इसको लेकर अलग से कोई इंतजाम भी नहीं किया था। मॉडल पेपर जमा करने हर सब्जेक्ट के प्रथम वर्ष से लेकर अंतिम वर्ष के तक छात्र पहुंचे। जिससे एक-एक विभाग में भीड़ बढ़ती चली गई। दूर-दराज से बच्चे मॉडल पेपर जमा करने यहां पहुंचे थे। एक सप्ताह में सभी को मॉडल पेपर जमा करने कहा गया। जिसकी वजह से परेशानी बढ़ गई।

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Dakshi Sahu Desk/Reporting
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