लॉजिग प्रोग्राम से जानमाल का नुकसान रोकने बनाया मल्टीपल क्रेन ऑटोमेशन सिस्टम

छत्तीसगढ़ के अधिकतर प्लांटों में अब भी लोहे की मोटी चादरों और भारी जॉब वर्क को उठाने के लिए के्रन का मैन्युअल इस्तेमाल होता है।

By: Dakshi Sahu

Published: 14 Nov 2017, 12:56 PM IST

भिलाई. प्रदेश की इंडस्ट्रीज में लगातार हो रहे इनोवेशन को साझा करने के लिए बीआईटी के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग की ओर से आर्गनाइज 'इम्पैक्ट ऑफ इंडस्ट्रीयल इनोवेशन ऑन टेक्नोलॉजिकल डेवलपमेंट ऑफ छत्तीसगढ़Ó विषयक नेशनल वर्कशॉप का समापन हुआ।

इस दौरान प्रदेश के कई इनोवटर्स ने अपने इनवेंशन के बारे में भी जानकारी दी। एक्सपट्र्स ने इनोवेशन इन इंडस्ट्रीयल हैजार्ड एंड सेफ्टी के तहत बताया कि प्लांटों में विद्युत के इस्तेमाल के समय कई दुर्घटनाएं होती है, इससे बचाव लिए नई टेक्नोलॉजी इजाद की जा रही है।

कार्यक्रम में सीवी रमन यूनिवर्सिटी के एक्स वाइस चांसलर डॉ. एएस झडगांवगर बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। कार्यक्रम का संयोजन इलेक्ट्रिकल इंजी. विभाग के असोसिएट प्रोफेसर नागेंद्र त्रिपाठी ने किया।

लॉजिक प्रोग्राम से चलेंगी हैवी के्रनें
छत्तीसगढ़ के अधिकतर प्लांटों में अब भी लोहे की मोटी चादरों और भारी जॉब वर्क को उठाने के लिए के्रन का मैन्युअल इस्तेमाल होता है। हजारों टन के जॉब को एक नहीं बल्कि चार से पांच के्रेनें उठाती है। ऐसे में यदि जरा भी तालमेल बिगड़ा तो जानमाल का भारी नुकसान होता है।

इसी प्रॉब्लम को आइडेंटीफाई कर हमारे यंग इनोवटर अमित वर्मा (डायेक्टर सिस्टम ऑटोमेशन) ने ऐसी तकनीक इजाद की जिससे के्रनों के बीच समन्वय बनाना आसान हो गया। उन्होंने हैवी जॉब वर्क उठाने वाली के्रनों को ऑटोमैटिक मल्टीपल ऑपरेटिंग सिस्टम से जोड़ दिया।

यानि अब सारा काम मशीन से होगा के्रन ऑपरेटर्स को अन्य के साथ तालमेल स्थापित नहीं करना पड़ेगा। इससे उत्पादन तो बढ़ेगा ही साथ ही समय की बचत भी होगी। इस तकनीक का सफल परीक्षण उन्होंने रायगढ़ स्थित जिंदली ग्रुप के प्लांट में किया। सफलता मिलने के बाद इसे पेटेंट भी करा लिया गया है।

डीटीसी सेे बढ़ा पेपर मिलों का उत्पादन
राजनांदगांव की एक पेपर मिल में उत्पादन पहले से दो गुना बढ़ गया। उसी तरह बिजली का बिल कम आने लगा तो वहीं कर्मचारियों की मेहनत भी कम हुई। यही नहीं इससे मशीनों की लाइफ भी कई साल और बढ़ गई।

यह सब हुआ एक शानदार इनोवेशन 'डायरेक्ट टॉर्क कंट्रोलÓ सिस्टम के जरिए। इनोवेटर ने मिल की मोटर्स की स्पीड कम किए बिना उनकी ताकत को मैनेज किया। इसके जरिए मोटरों के टॉर्क को कंट्रोल करने के लिए हमारे इनावेटर ने कम लागत में नई तकनीक की सौगात दी है।

Dakshi Sahu Desk/Reporting
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