'शक्ति' जुटी मॉस्क बनाने ताकि शहर से लेकर प्लांट तक श्रमवीर ना आए वायरस की चपेट में

इस्पात नगरी भिलाई में जितने फौलादी हौसले पुरुषों के हैं उतने ही मजबूत इरादे ' शक्ति ' के भी है। कुछ ऐसे ही मजबूत इरादों के साथ नवरात्रि के पहले दिन ही नारी शक्ति इस कोरोना वायरस से चल रही जंग को जीतने के लिए अपना योगदान भी दे रही है।

By: Komal Purohit

Published: 27 Mar 2020, 08:32 PM IST

भिलाई. जब-जब दुनिया में असूरी शक्तियां बढ़ी है तब-तब शक्ति ने उनका संहार किया है। शिव का साथ देकर शक्ति ने हमेशा विपत्तियों को दूर करती है। सनातन काल से चला यह सिललिसा अब भी नहीं रुका। बस बदल गया है शक्ति का साथ देने का तरीका। कोरोना वायरस की वजह से लॉक डाउन हुए देश में महिलाएं घर पर रहकर भी पुरुषों का साथ निभा रही है। इस्पात नगरी भिलाई में जितने फौलादी हौसले पुरुषों के हैं उतने ही मजबूत इरादे ' शक्तिÓ के भी है। कुछ ऐसे ही मजबूत इरादों के साथ नवरात्रि के पहले दिन ही नारी शक्ति इस कोरोना वायरस से चल रही जंग को जीतने के लिए अपना योगदान भी दे रही है। प्रदेश की धड़कन भिलाई इस्पात संयंत्र में काम करने वाले श्रमवीरों को संक्रमण से बचाने भिलाई महिला समाज की महिलाएं मॉस्क बनाने में जुटी हुई हैं तो निगम क्षेत्र में आजीविका मिशन के तहत कार्य करने वाले स्व सहायता समूह की महिलाएं मॉस्क तैयार कर फील्ड में कार्य करने वाले लोगों को उपलब्ध करा रही है। महिलाओं ने कहा कि नवरात्रि में वे भले ही मंदिर नहीं जा पा रही पर यह नेक कार्य कर वे शक्ति की आराधाना के साथ-साथ मानवता की सेवा कर रही है। उन्होंने कहा कि इस बार नवरात्रि 9 दिन की नहीं बल्कि 21 दिन की है जिसमें हम सभी नारी शक्ति मिलकर इस महामारी से लडऩे अपने भाईयों की हर संभव मदद करेंगी।


10 हजार मॉस्क का आर्डर
भिलाई इस्पात संयंत्र ने भिलाई महिला समाज को 10 हजार मॉस्क तैयार करने का आर्डर दिया। जिसके बाद भिलाई महिला समाज की दस्ताना यूनिट में मॉस्क बनना तैयार होने लगा। कुछ महिलाएं घर पर रहकर मॉस्क बना रही हैं तो कुछ यूनिट में सोशल डिस्टेंसिंग को मैंटेन कर वहां मॉस्क तैयार कर रही है। भिलाई महिला समाज की अध्यक्ष, उपाध्यक्ष के मार्गदर्शन में मुख्य कमेटी की सदस्य भी इसे जल्द तैयार करने में जुटी हुई है। पदाधिकारियों का कहना है कि भिलाई इस्पात संयंत्र को अतिआवश्यक सेवाओ में शामिल किया गया है। बीएसपी में हमारे परिवार के लोग ही काम कर रहे हैं। उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी हमारी भी है। भिलाई महिला समाज पूरे समर्पण के साथ प्लांट के साथ खड़ा है। अब तक ढाई हजार मॉस्क की सप्लाई हो चुकी है और जल्द ही बचे हुए मॉस्क भी तैयार कर लिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि यह मॉस्क कपड़े से तैयार किए जा रहे हैं ताकि लोग इसे धोकर दोबारा इस्तेमाल कर सकें।


निगम में स्वसहायता समूह की जिम्मेदारी-
भिलाई निगम के अंतर्गत कार्य करने वाले निगम के अधिकारी, कर्मचारी, पुलिस के जवान, प्रशासन के लोगों के लिए स्वसहायता समूह की महिलाएं मॉस्क बनाकर दे रही है। राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत आने ाली महिला स्वसहायता समूह की सदस्यों ने अब तक 3 हजार मॉस्क तैयार कर लिए हैं। महिलाएं न केवल मॉस्क बना रही है बल्कि इसे पूरी तरह सेनिटाइज कर तिवरण के लिए दे रही है। यह मॉस्क भी आसानी से दोबारा उपयोग में लाया जा सकता है। समूह की महिलाओं ने कहा कि उनके समूह का काम दूसरा है,लेकिन इस कठिन घड़ी में वे शासन-प्रशासन के साथ है। उनका यह छोटा सा सहयोग कम से कम उन लोगों को राहत देगा जो दिन रात अपनी चिंता किए बगैर लोगों की सेवा में लगे हुए हैं।

Komal Purohit
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned