गुस्से में लाल पार्षद अधिकारियों को सबक सिखाने नया रायपुर में आवारा कुत्ते छोड़ आए थे, थमाया बर्खास्तगी का नोटिस

गुस्से में लाल पार्षद अधिकारियों को सबक सिखाने नया रायपुर में आवारा कुत्ते छोड़ आए थे, थमाया बर्खास्तगी का नोटिस

Dakshi Sahu | Publish: Sep, 04 2018 02:59:49 PM (IST) Bhilai, Chhattisgarh, India

नया रायपुर में कुत्तों को छोडऩे के संबंध में 6 सितंबर को संभागायुक्त के न्यायालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं।

भिलाई. भिलाई निगम के महापौर परिषद (एमआइसी) सदस्य डॉ. दिवाकर भारती और वार्ड-21 के पार्षद रिंकू राजेश को बर्खास्तगी का नोटिस दिया गया है। नया रायपुर में कुत्तों को छोडऩे के संबंध में 6 सितंबर को संभागायुक्त के न्यायालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं।

सुनवाई चल रही
साथ ही डॉ. दिवाकर भारती से निगम जनदर्शन की पावतियों को फाडऩे के संबंध में भी जवाब मांगा है। इससे पहले संभागायुक्त के न्यायालय में विभिन्न मामले में सत्तापक्ष के 15 पार्षदों के खिलाफ प्रकरण दर्ज है जिसकी सुनवाई चल रही है। इस तरह अब एमआइसी सदस्यों सहित कांग्रेस के 17 पार्षद बर्खास्तगी के घेरे में आ गए हैं।

एमआईसी की बैठक में उठाया था मामला
स्ट्रीट डाग और सूअरों की बढ़ती संख्या के रोकने के प्रस्ताव को आयुक्त की ओर से स्वीकृति नहीं दिए जाने से नाराज महापौर परिषद के सदस्यों ने बैठक में नाराजगी जताई थी। कुत्तों की जनसंख्या को रोकने के लिए कुत्तों के बजाय कुतियों की नसबंदी कराने के लिए शासन से स्वीकृति लेकर टेंडर बुलाने कहा गया था।

प्रभारी आयुक्त बीके देवांगन को चेतावनी दी गई थी कि जल्द व्यवस्था नहीं करने पर स्ट्रीट डॉग को पकड़कर मंत्रालय परिसर नया रायपुर के आसपास छोड़ देंगे। इसके अलावा फरवरी २०१८ में जनदर्शन में आयुक्त केएल चौहान को ज्ञापन सौंपा था।

शुकरों को पकडऩे दिया था आवेदन
निगम आयुक्त केएल चौहान ने दोनों पार्षदों के खिलाफ संभागायुक्त कार्यालय में निगम के जनप्रतिनिधि के अनुकूल व्यवहार नहीं होने की शिकायत की। उन्होंने दोनों पार्षदों को पद से बर्खास्त करने की मांग की है। जिस पर संभागायुक्त ने नोटिस जारी किया है। पार्षदों ने कलेक्टर जनदर्शन और निगम आयुक्त से आवारा कुत्तों और शुकरों को पकडऩे के लिए आवेदन दिया।

आवेदन पर कार्रवाई नहीं होने पर पार्षदों ने शहर के आवारा कुत्तों को पकड़कर नया रायपुर के मंत्रालय में छोडऩे का फिर ज्ञापन दिया। फिर भी कार्रवाई नहीं हुई, तब निजी एजेंसी द्वारा पकड़े गऐ कुत्तों को रायपुर मंत्रालय की तरफ छोड़ दिया था। इस मामले को नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने निगम प्रशासन से जवाब मांगा था। एमआईसी सदस्य डॉ. दिवाकर भारती ने बताया कि लोगों की जिंदगी की सुरक्षा को लेकर मुझे सरकार का ध्यान आकर्षण कराने के लिए बर्खास्त किया जाता है तो ऐसी १० बर्खास्तगी मुझे मंजूर हैं।

महापौर के खिलाफ खुर्सीपार थाने में केनाल रोड के तोडफ़ोड़ के मामलें में शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने की शिवाजी नगर जोन-४ के कमिश्नर संजय शर्मा की शिकायत पर प्रकरण दर्ज की गई केनाल रोड निर्माण से प्रभावित लोग तोडफ़ोड़ की कार्रवाई का विरोध कर रहे थे। तभी महापौर भी वहां पहुंचे और प्रदर्शनकारियों के साथ कार्रवाई को रोकने कहा। जिस पर निगम आयुक्त केएल चौहान ने जोन कमिश्नर से थाने में शिकायत करने के आदेश दिए थे।

सुपेला थाने में की थी शिकायत
निगम के तात्कालीन आयुक्त जीएस ताम्रकार ने 2016 में नेता प्रतिपक्ष के कक्ष विवाद में १२ एमआईसी सदस्य नीरज पाल, लक्ष्मीपति राजू, केशव बंछोर, साकेत चंद्राकर, दुर्गा साहू, नरेश कोठारी, सुशीला देवांगन, सोशन लोगन, जोहन सिन्हा,सत्येंद्र बंजारे, राजेंद्र रजक, तुलसी पटेल और पूर्व पार्षद गफ्फार खान के खिलाफ सुपेला थाने में शिकायत की थी। इनमें अब ९ एमआईसी मेंबर हैं।

आयुक्त के शिकायत के आधार पर गोविंदा चौहान ने सभी पार्षदों के खिलाफ संभागायुक्त कार्यालय में शिकायत की। पार्षदों को बर्खास्त करने की मांग की। इस प्रकरण पर सुनवाई चल रही है।

पार्षद चुम्मन देशमुख के खिलाफ रिसाली मुक्तिधाम के निर्माण कार्य में बाधा पहुंचाने की नेवई थाना में शिकायत की गई, जिसके आधार पर निगम आयुक्त ने संभागायुक्त से बर्खास्त करने की मांग की। बाद में सदन में विवाद के मामले में इनका नाम आया। इस मामले में प्रकरण दर्ज हो चुकी है। इस तरह से उनके खिलाफ दो मामले में है।

अक्टूबर में सुनवाई
विशेष सामान्य सभा में सदन में हुई विवाद के मामले को लेकर फिर चार पार्षद तुलसी पटेल, मालती ठाकुर, चंद्रभान सिंह,चुम्मन देशमुख व एमआईसी सदस्य साकेत चंद्राकर व केशव बंछोर के खिलाफ शिकायत की गई। आयुक्त ने संभागायुक्त से सदन में आचरण विरूद्ध व्यवहार के लिए सभी पार्षदों को बर्खास्त करने की मांग की है।
इस मामले की अक्टूबर में सुनवाई होगी।

पार्षदों के खिलाफ प्रकरण दर्ज
शहर सरकार के मुखिया महापौर, महापौर परिषद के सदस्य और पार्षदों के खिलाफ विभिन्न थानों में शासकीय कार्य में बाधा के तीन मामले दर्ज हैं। महापौर के खिलाफ थाने में दो मामले हैं। संभागायुक्त के न्यायालय में १० एमआइसी सदस्य और सात पार्षदों के खिलाफ प्रकरण दर्ज है। १० में दो एमआईसी सदस्य के खिलाफ दो प्रकरण है। सात पार्षदों में एक पार्षद के खिलाफ दो मामले दर्ज है। इस तरह से सत्तापक्ष के ३२ में से १७ पार्षदों के खिलाफ प्रकरण दर्ज हो चुकी है।

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