भिलाई की श्रद्धा पेशे से है घरेलू महिला पर संकट की घड़ी में सैकड़ों महिलाओं को नि:शुल्क सिलाई सिखाकर बना रही आत्मनिर्भर

भिलाई के उमरपोटी की रहने वाले घरेलू महिला श्रद्धा जरूरमंद महिलाओं को सिलाई सिखाकर उनके जीवन को बदलने की कोशिश कर रही है।

By: Dakshi Sahu

Published: 16 Sep 2020, 05:43 PM IST

दाक्षी साहू @भिलाई. कोरोना संकट में दुनिया थम सी गई है। महामारी ने हर किसी के जीवन में निराशा घोल दी है। ऐसे में भिलाई के उमरपोटी की रहने वाले घरेलू महिला श्रद्धा जरूरमंद महिलाओं को सिलाई सिखाकर उनके जीवन को बदलने की कोशिश कर रही है। कोरोना वायरस लॉकडाउन में जब रोजी-मजदूरी करने वाले महिलाओं का काम बंद हुआ तो उनकी स्थिति श्रद्धा से देखी नहीं गई। उन्होंने इन महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का फैसला किया। पढ़ाई-लिखाई में कमजोर महिलाओं को अपने पैरों पर खड़े करना आसान भी नहीं था। ऐसे समय में श्रद्धा ने अपने सिलाई-कढ़ाई के हुनर को आजमाया।

महिलाओं का छोटा समूह बनाकर पहले अपने घर में प्रशिक्षण देना शुरू किया। कुछ दिनों बाद रिसाली के बीएसपी स्कूल में महिलाओं को सिलाई-कढ़ाई का नि:शुल्क प्रशिक्षण दे रही है। ताकि ये महिलाएं चंद पैसों के लिए किसी की मोहताज न हो। सिलाई सीखकर खुद आत्मनिर्भर बन सके। फिलहाल प्रशिक्षण केंद्र में रोजाना 35 महिलाएं सोशल डिस्टेंसिंग और सुरक्षा के बीच सिलाई सीख रही हैं।

छोटी-छोटी कोशिश बदल देती है जिंदगी
दो बच्चों की मां श्रद्धा एक घरेलू महिला है। अपने गृहस्थी से चंद घंटे निकालकर उन महिलाओं को संबल बनाने की कोशिश कर रही है जो कहीं पीछे छूट जाती है। नई पहल संस्था बनाकर जरूरमंद महिलाओं के लिए काम करने वाली श्रद्धा साहू कहती है कि छोटी-छोटी कोशिश कई लोगों की जिंदगी बदल सकती है। कोरोना ने एक झटके में पूरी दुनिया को बदल दिया। मुश्किल हालात में यदि महिला आत्मनिर्भर होगी तो परिवार के साथ देश के विकास में भी योगदान दे सकती है।

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Dakshi Sahu Desk/Reporting
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