10 करोड़ टैक्स की चाह में बदल दी वार्ड की चौहद्दी, रिसाली में होकर भी BSP भिलाई निगम का, भाजपा नेताओं ने बताया मनमानी

भिलाई नगर निगम के नवीन परिसीमन में वार्डों की जनसंख्या में ही असमानता नहीं है, बल्कि योजनाबद्ध तरीके से वार्डों की चौहद्दी भी बदल दी गई है। वार्ड- 54, सेक्टर-5 पश्चिम की सीमा रेखा में ऐसा फेरबदल किया गया है

By: Dakshi Sahu

Updated: 16 Sep 2020, 04:32 PM IST

भिलाई. भिलाई नगर निगम के नवीन परिसीमन में वार्डों की जनसंख्या में ही असमानता नहीं है, बल्कि योजनाबद्ध तरीके से वार्डों की चौहद्दी भी बदल दी गई है। वार्ड- 54, सेक्टर-5 पश्चिम की सीमा रेखा में ऐसा फेरबदल किया गया है कि दुर्ग ग्रामीण विधानसभा का क्षेत्र जो कि रिसाली नगर निगम में शामिल होना था, भिलाई में चला गया। मरोदा गेट, छोटा तालाब, मैत्री गार्डन, फिल्टर प्लांट और कचनार मार्ग को भिलाई निगम में शामिल करने से भिलाई स्टील प्लांट भिलाई निगम का हिस्सा हो गया है, जिससे निगम को सालाना 10 करोड़ से भी अधिक की आय होती है।

वर्ष 2014 में भिलाई नगर निगम के वार्डों का सीमांकन किया गया। 4 जुलाई 2014 को प्रकाशित राजपत्र के अनुसार वार्ड क्रमांक 54, सेक्टर-5, पश्चिम वार्ड की जो चौहद्दी फॉरेस्ट एवेन्यु तक थी। 26 दिसंबर 2019 को राजपत्र में भिलाई निगम को विभाजित कर रिसाली नगर निगम के गठन का जो प्रकाशन हुआ उसमें भी पृथक किए गए 13 वार्डों में वार्ड- 54, सेक्टर-5 पश्चिम भी शामिल था। अब नए परिसीमन जो 14 जुलाई 2020 को राजपत्र में प्रकाशित हुआ, उसमें इस वार्ड की चौहद्दी पूरी तरह बदल दी गई है। अब यह भिलाई निगम का वार्ड क्रमांक-60 होने के साथ ही इसकी सीमा कचनार मार्ग को शामिल करते हुए मरोदा गेट, छोटा तालाब, मैत्री गार्डन, फि़ल्टर प्लांट तक दर्शाई गई है।

दुर्ग ग्रामीण विधानसभा का हिस्सा रहा है
यह पहले दुर्ग ग्रामीण विधानसभा के अंतर्गत मरोदा सेक्टर वार्ड का हिस्सा था। दुर्ग जिले के राजस्व रिकॉर्ड में भिलाई इस्पात संयंत्र दुर्ग ग्रामीण विधानसभा में ही रहा है। बीएसपी प्रबंधन संपत्तिकर, निर्यात कर, शिक्षा उपकार व समेकित कर के रूप में भिलाई निगम को 10 करोड़ से भी अधिक टैक्स चुकाता रहा है। भाजपा नेताओं का साफ आरोप है कि ऐसा जानबूझकर किया गया है ताकि भिलाई निगम का एक बड़ा आय का जरिया बना रहे। यह रिसाली निगम क्षेत्र की जनता के साथ धोखा है।

रिसाली निगम गठन में जिनकी अहम भूमिका वे भी मौन
रिसाली नगर निगम के गठन में जिन कद्दावर नेताओं की अहम भूमिका रही है, वे भी अब तक मौन हैं। परिसीमन में विसंगति व भिलाई निगम के अधिकारियों द्वारा मनमाफिक फेरबदल करने को लेकर मौन सहमति से रिसाली क्षेत्र की जनता भी हैरान हैं।

लोकतंत्र व रिसाली की जनता का अपमान
नगर पालिक निगम भिलाई के पूर्व नेता प्रतिपक्ष संजय जे.दानी, भाजपा व्यापारी प्रकोष्ठ के प्रदेश पदाधिकारी रामकुमार गुप्ता, वरिष्ठ पार्षद संजय खन्ना, पूर्व जोन अध्यक्ष गण महेश वर्मा, भागचंद जैन, संतोष श्रीरंगे, जोन अध्यक्ष भोजराज सिन्हा, पार्षद जयप्रकाश यादव, पूर्व पार्षद रमेश साहू व मदन सेन ने इसे लोकतंत्र व रिसाली क्षेत्र की जनता का अपमान बताया है।

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Dakshi Sahu Desk/Reporting
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