Big Breaking: BSP में 13 मौत के बाद डॉ. रथ पहुंचे भिलाई, एम रवि से लिया CEO का चार्ज

दुर्गापुर स्टील प्लांट के सीईओ डॉ. एके रथ को भिलाई इस्पात संयंत्र के सीईओ का अतिरिक्त चार्ज दिया गया है। गुरुवार सुबह 10 बजे बीएसपी सीईओ के तौर पर एम रवि से उन्होंने चार्ज लिया।

By: Dakshi Sahu

Updated: 11 Oct 2018, 11:38 AM IST

भिलाई. दुर्गापुर स्टील प्लांट के सीईओ डॉ. एके रथ को भिलाई इस्पात संयंत्र के सीईओ का अतिरिक्त चार्ज दिया गया है। गुरुवार सुबह 10 बजे बीएसपी सीईओ के तौर पर एम रवि से उन्होंने चार्ज लिया। चार्ज लेने क बाद कामकाज संभालते हुए आला अधिकारियों के साथ बैठक की। प्लांट के संबंध में जानकारी ली।

इस तरह की जिम्मेदारी पहले संभाल चुके हैं रथ
24 मार्च, 2016 से सेल में दुर्गापुर स्टील प्लांट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं। वे भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सचिव के रूप में कार्यरत रहे हैं। उन्होंने सेल के स्टील प्लांट, बर्नपुर में परियोजना निगरानी समिति के कार्यकारी निदेशक के रूप में कार्य किया। वे नवंबर 2007 तक भारत सरकार की नई और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) के विशेष सचिव और वित्तीय सलाहकार के रूप में कार्य किए हैं। वर्तमान में २१ बोर्ड के सदस्य हैं।

13 कार्मिकों की हुई मौत
9 अक्टूबर को भिलाई स्टील प्लांट में गैस पाइप लाइन में विस्फोट से 13 कार्मिकों की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं १२ झुलसे हुए कार्मिकों का उपचार फिलहाल सेक्टर 9 अस्पताल में चल रहा है। जहां उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है। इस घटना के बाद बीएसपी सीईओ एम रवि को तत्काल उनके पद से हटा दिया गया था। जिसके बाद आईएएस अधिकारी रथ को बीएसपी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

यह निकला जांच में घटना का प्रमुख कारण
औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के उप संचालक केके द्विवेदी ने अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में कोक ओवन में हुए हादसे की वजह और इसमें 1३ कर्मियों की मौत के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार अधिकारियों के नाम का खुलासा किया है। उन्होंने लिए संयंत्र के अधिशासी निदेशक संकार्य पीके दाश और कोक ओवंस के महाप्रबंधक जीएसवी सुब्रमण्यम को जिम्मेदार बताया है।

उन्होंने बताया कि बीएसपी में जिस पाइप लाइन के ज्वाइंट को खोलकर काम किया जा रहा था वह पाइप पुराना नहीं था। यह मौके का जायजा लेने से पता चला कि कर्मचारियों की टीम ने शट डाउन लेकर ज्वाइंट खोला था। इस दौरान ही पाइप में प्लेट फ्रेक्शन हुआ और आग लग गई। यह आग तेजी से फैल गई। द्विवेदी ने कहा है कि संयंत्र में सुरक्षित काम करवाने की जवाबदारी र्दडी वक्र्स की है।

इसके अलावा विभाग के जीएम को काम सौ फीसदी सुरक्षित करवाना है। द्विवेदी ने बताया कि संयंत्र में गैस पाइप लाइन से पूरी गैस निकाले बगैर काम किया जा रहा था। इसकी वजह से यह बड़ी दुर्घटना हुई है। घटना के बाद सभी पक्षों का बयान लिया जाना है। इसके बाद जिम्मेदार अधिकारियों को नोटिस भेजा जाएगा।

प्लेटफार्म पर खड़े-खड़े जल गए दमकल कर्मी
बीएसपी के ऊर्जा प्रबंधन विभाग की टीम 40 फीट ऊंचाई पर गैस पाइप लाइन पर काम कर रहे थे। उनके लिए वहां पर स्थाई प्लेटफार्म बना हुआ है। चंूकि ऐसे काम के दौरान दमकल की तैनाती जरूरी होती है, जवान बिलकुल उसी के समकक्ष हाइडोलिक प्लेटफार्म खड़े थे। वे किसी तरह की आगजनी या गैस लीकेज की स्थिति में आपदा से निपटने मुस्तैद रहते हैं। जैसे ही आग का गोला निकला दमकल वाहन के हाइड्रोलिक प्लेटफार्म के वायर जल गए। इसके कारण वह ऑपरेट नहीं हुआ और जवान चाहकर भी भाग नहीं सके। वे प्लेटफार्म पर खड़े-खड़े ही खाक हो गए। द्विवेदी ने बताया कि यह भी जांच का विषय है।

Dakshi Sahu
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned