भिलाई स्टील प्लांट: वेतन समझौता वार्ता पर यूनियन नेताओं में उभरे मतभेद, कर्मियों ने कहा अब हम भगवान भरोसे

Bhilai steel Plant: सदस्य यूनियनों के नेताओं का कहना है कि उनके कुछ साथी दोहरी नीति अपना रहे हैं। उनका रवैया प्रबंधन परस्त नजर आ रहा है।

By: Dakshi Sahu

Published: 20 May 2021, 12:38 PM IST

भिलाई. भिलाई स्टील प्लांट सहित स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) की सभी इकाइयों के कर्मचारियों के वेतन समझौते को लेकर मंगलवार को हुई नेशनल ज्वाइंट कमेटी फॉर स्टील (एनजेसीएस) की बैठक से कर्मियों को फिर निराशा हाथ लगी। बात समझौते के मसौदे की ओर आगे नहीं बढ़ पाने की वजह यूनियन नेताओं में ही एकराय नहीं होना बताया जा रहा है। सदस्य यूनियनों के नेताओं का कहना है कि उनके कुछ साथी दोहरी नीति अपना रहे हैं। उनका रवैया प्रबंधन परस्त नजर आ रहा है।

बीच का रास्ता निकालने की कह रहे थे बात
मंगलवार की बैठक में भी एनजेसीएस के मुख्य घटक इंटक यूनियन के नेता सेल प्रबंधन की तरफदारी करते नजर आए। वे बार-बार न्यूनतम निश्चित लाभ (एमजीबी) को लेकर 11-15 प्रतिशत के बीच रास्ता निकालने की बात कह रहे थे। सेल चेयरमैन को खुद 24 मई को फिर बैठक बुलवाने का सुझाव दिया और यहां तक कहा कि हर यूनियन से एक बड़े नेता को बुलाकर एडजस्ट कर लेंगे। हालांकि बाद में उन्होंने बात संभालते हुए कर्मियों की भावनाओं और अपेक्षाओं के अनुरूप वेतन समझौता नहीं होने पर हड़ताल पर जाने की भी बात कही।

यूनियनों के रवैये से नाराज हुए कर्मचारी
वहीं एक अन्य यूनियन बीएमएस के नेता अस्पताल की अच्छी व्यवस्था को लेकर सेल प्रबंधन को बार-बार साधुवाद दे रहे थे। अपने ही साथी और वरिष्ठ यूनियन नेताओं की इस तरह की कथित दोहरी नीति से बाकी यूनियन के सदस्य खासे नाराज हैं। भिलाई श्रमिक सभा ( एचएमएस) के अध्यक्ष एचएस मिश्रा ने अपनी नाराजगी छुपा नहीं सके। उन्होंने कहा है कि कुछ लोग जिस तरह की बातें कर रहे थे उससे तो लग रहा है कि अब भगवान ही मालिक है। बिना कुछ किए कुछ होगा नहीं।

साथ में ठेका श्रमिकों का भी समझौता हो
एटक और सीटू की ओर से कहा गया कि ठेका श्रमिकों का समझौता भी एक साथ करना होगा क्योंकि वह उत्पादन का एक अपरिहार्य हिस्सा बन गए हैं। कोरोना वायरस महामारी संकटकाल में उन्होंने संयंत्र के उत्पादन को बनाए रखने में अपना अमूल्य योगदान दिया है।

प्रबंधन ने पैकेज के रूप में दे चुका है प्रस्ताव
0. वेतन बढ़ोतरी के लिए कुल आवंटन 1000 करोड़ रुपए।
0. अधिकारियों के लिए आवंटन राशि 350 करोड़ रुपए।
0. कर्मचारियों के लिए आवंटन राशि 730 करोड़ रुपए।

सेल प्रबंधन का पहला ऑफर
एमजीबी-5 प्रतिशत
वेरिएबल पक्र्स- 6 प्रतिशत
फिक्स पक्र्स-10 प्रतिशत

सेल प्रबंधन का दूसरा ऑफर
एमजीबी-10 प्रतिशत (31 दिसंबर 2016 को बेसिक प्लस 1 जनवरी 2017 का डीए और पीपी का 10 फीसदी)
वेरिएबल पक्र्स 6 प्रतिशत (नए बेसिक का)
फिक्स पक्र्स- 10 प्रतिशत (नए स्केल के प्रारंभिक बिंदु का)

किस्तों में होगा एरियर्स का भुगतान
1 अप्रैल 2020 से 31 मार्च 2021 तक के एरियर्स का तुरंत भुगतान। बाकी 39 महीने (1 जनवरी 2017 से 31 मार्च 2020) का किस्तों में और कंपनी वित्तीय स्थिति सुधरने के आाधार पर।

यूनियन की मांग
0. 10 वर्ष के लिए वेतन समझौता (सीटू असहमत)
0. 15 प्रतिशत एमजीबी।
0. 35 प्रतिशत पक्र्स।
0. 9 प्रतिशत पेंशन अंशदान
0. 1 जनवरी 2017 से एरियर्स मिले

Dakshi Sahu
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