भिलाई इस्पात संयंत्र का ठेका श्रमिकों के हाथ में क्रेन देना गलत

2 साल में रेल मिल में दुर्घटना का 3 मामला

By: Abdul Salam

Published: 10 May 2020, 09:04 PM IST

भिलाई. भिलाई इस्पात संयंत्र में शनिवार रात्रि पाली में रेल मिल शिपिंग में क्रेन नंबर-16 तकरीबन 11 बजे पटरियों के ढेर पर गिर गई। जिससे उसे चला रहे ऑपरेटर मंसाराम ठाकुर उसमें फंस गए । जिन्हें दमकल विभाग ने कर्मचारियों की मदद से बाहर निकाला गया। इस्पात श्रमिक मंच के प्रतिनिधियों की एक टीम ने घटनास्थल का दौरा कर कर्मियों से सीधी बात की। श्रमिक मंच के अध्यक्ष भाव सिंह सोनवानी ने बताया कि पूर्व में भी प्रबंधन को क्रेन की खस्ता हाल के बारे में जानकारी दी गई थी, लेकिन मेंटनेंस के अभाव में खतरनाक स्थितियां लगातार बनी हुई है।

जानिए क्या हुआ था कल रात
शनिवार को रेल मिल शिपिंग एरिया में रात्रि पाली में मंसाराम ठाकुर ट्रेन नंबर 16 में काम कर रहे थे। यह ट्रेन शिपिंग से रेल पांत को उठाकर रेलवे रैक पर रखने का काम कर रहे थे। शिपिंग में तैयार की हुई रेलों को स्टाक किया जाता है। जब क्रेन रेल को उठाया जा रहा था, तब पूरा ट्रेन केबिन समेत नीचे रेल पांत के ढेर पर आ गिरा। जिसकी आवाज सुनकर आसपास के कर्मचारी दौड़ कर घटनास्थल पर पहुंचे। केबिन क्षतिग्रस्त होने से कर्मचारी उसमें फंस गया था। कर्मचारियों ने सुरक्षा अधिकारी सहित विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को फोन भी लगाया बाद में दमकल विभाग ने आकर कर्मचारी को रेस्क्यू किया।

2 साल में रेल मिल में दुर्घटना का 3 मामला
रेल मिल सहित बीएसपी में क्रेन के मेंटेनेंस को लेकर श्रमिक मंच लगातार प्रबंधन से मांग करता रहा है। पिछले 2 साल में यह तीसरा वाकिया है जब ट्रेन दुर्घटनाग्रस्त हुई है। इससे पहले मार्च 2018 को ट्रेन नंबर 22 का व्हील ट्रैक छोड़कर उतर गया था। जिसे यूनियन के दबाव के बाद 22 नंबर क्रेन को हटाया गया। वही जनवरी 2019 में रेल मिल की ट्रेन नंबर 6 का केबिन भी क्षतिग्रस्त हो गया था। मंच ने प्रबंधन से मांग की है कि इस दुर्घटना की जांच कर कार्यस्थल को सुरक्षित बनाने के लिए उपाय किए जाएं।

ठेका कर्मियों के मशीन संचालन से बड़ी मुश्किल
इस्पात श्रमिक मंच को कर्मचारियों ने बताया कि प्रबंधन का क्रिटिकल इक्विपमेंट को ठेका श्रमिकों से चलाया जाना खतरनाक स्थिति उत्पन्न कर रहा है। आज कई जगह एक शिफ्ट में बीएसपी कर्मी व दूसरे शिफ्ट में ठेका श्रमिक एक ही मशीन चला रहे हैं। इस बात को लेकर कर्मचारियों में काफी आक्रोश भी था, उनका मानना है कि ठेका श्रमिकों में अनुभव व तकनीकी ज्ञान की कमी के कारण मशीन के व्यवहार को समझने में इतने कुशल नहीं हैं। जिसका सीधा असर मशीन की गुणवत्ता पर पड़ रहा है। श्रमिक मंच ने मांग किया है कि प्रबंधन सभी क्रिटिकल इक्विपमेंट का संचालन बीएसपी कर्मचारियों से ही करवाए। प्रतिनिधि मंडल में महासचिव राजेश अग्रवाल, शेख महमूद, मुकुंद गंगवेर, सुभाष महाराणा, किशोर मराठे, विमल कांत पांडे मौजूद थे।

Abdul Salam Reporting
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