BJP सांसद सरोज पांडेय कोरोना पॉजिटिव, हालत बिगड़ी तो AIIMS में हुईं भर्ती, ट्वीट कर संपर्क में आए लोगों से जांच की अपील

भाजपा सांसद डॉ. सरोज पांडेय कोरोना पॉजिटिव हो गई हंै। उन्होंने ट्वीट कर इसकी जानकारी लोगों को दी है। इसके साथ ही अपने संपर्क में आए लोगों से जल्द से जल्द जांच करवाने की अपील भी की है।

By: Dakshi Sahu

Updated: 13 Apr 2021, 02:09 PM IST

भिलाई. भाजपा सांसद डॉ. सरोज पांडेय corona पॉजिटिव हो गई हंै। उन्होंने ट्वीट कर इसकी जानकारी लोगों को दी है। इसके साथ ही अपने संपर्क में आए लोगों से जल्द से जल्द जांच करवाने की अपील भी की है। सांसद ने बताया कि वह उपचार के लिए दिल्ली एम्स में भर्ती है। उन्होंने मंगलवार को ट्वीट करते हुए लिखा है कि मैंने कोरोना टेस्ट करवाया था। रिपोर्ट पॉजिटिव आया है। डॉक्टर के परामर्श से मुझे दिल्ली एम्स में भर्ती किया गया है। ट्वीटर पर यह पोस्ट करते ही MP Dr. Saroj pandey के शुभचिंतको के संदेश लिखने का सिलसिला शुरू हो गया। लोगों ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। दुर्ग जिले में उनके समर्थकों ने भी जल्द स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना की है।

दुर्ग जिले में कलेक्टर ने 19 अप्रेल तक बढ़ाया लॉकडाउन
दुर्ग जिले में कलेक्टर ने लॉकडाउन बढ़ा दिया गया है। 14 अप्रेल को खत्म हो रहे पहले चरण के लॉकडाउन को अब 19 अप्रेल तक के लिए बढ़ा दिया गया है। दुर्ग कलेक्टर ने मंगलवार को अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के सुझाव पर अमल करते हुए यह फैसला लिया है। दुर्ग जिले में 6 अप्रेल से 14 अप्रेल तक लॉकडाउन लगाया गया है। कोरेाना की रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही है। इसलिए अब दूसरे चरण में 14 से 19 अप्रेल तक सख्त लॉकडाउन लगाया गया है। दूसरे चरण में लॉकडाउन का गाइडलाइन भी पहले ही की तरह है। इसमे किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। सोमवार को जिले में कोरोना से फिर 15 लोगों की मौत हुई है। वहीं 1591 नए मरीज मिले हैं। लॉकडाउन के दौरान लगभग 5 हजार से ज्यादा मरीज रिकवर भी हुए हैं। ऐसे में लॉकडाउन को बढ़ान का निर्णय लिया गया है।

BSP के आठ कर्मियों की गई जान
दुर्ग जिले में कोरोना संक्रमण से मौत का सिलसिला नहीं थम रहा है। सोमवार को भिलाई इस्पात संयंत्र के आठ कोरोना संक्रमित कर्मियों की जान चली गई। जिसमें मर्चेंट मिल से दो, एसएमएस-2 से तीन, कोक ओवन से एक, टीपीआईई से एक, यूआरएम से एक कर्मी ने दम तोड़ दिया। कर्मचारियों में भय बढऩे लगा है। प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी भी सामने आ रही है। इधर जिला अस्पताल में रविवार को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया कर्मी जितेंद्र साहू की मौत हो गई। तबियत बिगडऩे पर वह कई अस्पतालों का चक्कर काटने के बाद जिला अस्पताल पहुंचा और बेड मिला और भर्ती हो गया। लेकिन वह अव्यवस्था का शिकार रहा। उसे जिस बेड पर ऑक्सीजन लगाया गया था उसके पीछे के बेड पर रातभर एक शव पड़ा हुआ था। शव के बाजू में बैठकर वह परेशान रहा। शव को नहीं हटाया गया। उसके साथी मीडिया कर्मी शशिकांत तिवारी ने कहा उसे बदहाल सिस्टम ने मार डाला। उसके दो छोटे बच्चे हैं।

Dakshi Sahu
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