बीएमएस ने हड़ताल से मुंह मोड़ा, बीएसपी के लिए खोला वार्ता का दरवाजा

हड़ताल यूनियन का अंतिम अस्त्र.

By: Abdul Salam

Published: 03 Jan 2020, 09:58 PM IST

भिलाई. भारतीय मजदूर संघ ने वेतन समझौता की मांग को लेकर हड़ताल में जाने से कदम पीछे खींच लिया है। शुक्रवार को बीएसपी के अधिशासी निदेशक कार्मिक व प्रशासन ने यूनियन से आग्रह किया तब यह फैसला लिया गया। यूनियन का प्रतिनिधिमंडल कार्यकारी अध्यक्ष सुरेंद्रमणि पांडेय के नेतृत्व में, बीएसपी के ईडी से मुलाकात की।

हड़ताल यूनियन का अंतिम अस्त्र
महामंत्री दिनेश कुमार पांडेय ने ईडी से कहा कि बीएमएस कभी भी हड़ताल के पक्ष में नहीं रहती, हड़ताल यूनियन का अंतिम अस्त्र होता है जब तक वार्ता का मार्ग खुला है प्रबंधन कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने के लिए सहमति भरता है। यूनियन एक समय सीमा तक प्रबंधन पर मांगों को पूरा करने का इंतजार करेंगी, समय सीमा तक अगर मांग पूरी नहीं होती है तो स्थानीय स्तर से लेकर दिल्ली तक लंबा आंदोलन छेड़ा जाएगा ऐसी यूनियन ने चेतावनी भी दी।

14 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा
यूनियन की ओर से 14 सूत्रीय मांग पत्र ईडी को सौंपा गया। जिसमें जनवरी 2017 से लंबित वेतन मान पर तत्काल वार्ता चालू करने, वर्षों से रिवाइज नहीं हुए इंसेंटिव का शीघ्र ही रिवीजन करने, एढाक रिवॉर्ड स्कीम पूरे प्लांट में चालू करने, इएल और एचपीएल में छुट्टी संग्रह की संग्रह सीमा को समाप्त करने की मांग की या लेप्स हो रहे इएल, एचपीएल का इनकेसमेंट दिया जाए, जूनियर स्टाफ असिस्टेंट, फायर ब्रिगेड सहित ऐसे कर्मी जिनका ट्रेनिंग पीरियड सेवाकाल में नहीं जोड़ा गया है शीघ्र ट्रेनिंग पीरियड को सेवाकाल में जोडऩे की मांग की गई।

दिया जाए प्रमोशन
उन्होंने मोडेक्स के तहत नए बने विभागों बीआरएम, ब्लास्ट फर्नेस 8, एसएमएस-3, यूआरएम का एलओपी बनाने, डीपीसी कर प्रमोशन देने की मांग की। सेल्फ कमयूटेड सर्टिफिकेट में हर माह 5 दिन कम से कम छुट्टी देने मांग की। इन यूनिट में पीने का पानी, टॉयलेट, कैंटीन, रेस्ट रूम की व्यवस्था की जाए। वेलकम स्कीम में भी तेजी लाने मांग की गई है। बीएसपी के बहुत से कर्मचारी मकान एलॉट करवाने के बाद भी उसमें शिफ्ट नहीं हो पा रहे हैं।

पांच साल की हो रिटेंशन स्कीम
रिटेंशन स्कीम की अवधि न्यूनतम 5 साल की हो सभी सेक्टरों के क्लबों को सर्वसुविधा युक्त मंगल भवन में तब्दील किया जाए। संयंत्र भ्रमण के लिए स्वयं कर्मचारी के जिम्मेदारी पर उनके परिवार परिजनों को अनुमति दिया जाए, शिक्षा विभाग में शिक्षकों की भारी कमी के कारण शिक्षा के स्तर में निरंतर तेजी से गिरावट आते जा रहा है। बीएसपी कर्मी अब अपने बच्चों को बीएसपी स्कूल में नहीं पढ़ाना चाहते इसलिए या तो शिक्षकों की भर्ती की जाए या बीएसपी एंपलाई प्राइवेट स्कूल में अपने बच्चों को पढ़ाते हैं उनका फीस रीइंबर्स किया जाए। इस पर ईडी ने कहा कि स्थानीय स्तर के मुद्दों का जल्द निराकरण किया जाएगा। बैठक में आईपी मिश्रा, हरिशंकर चतुर्वेदी, सुनील वर्मा, बृजभूषण मिश्रा, निर्मल मिश्रा, आरके पांडेय, राम जी, अनिल जैन, प्रवीण मारडिकर, निवास मिश्रा, अनिल गजभिए, संजय ढोल मौजूद थे।

Show More
Abdul Salam
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned