ओडीएफ गांव की टायलेट देख दिल्ली की टीम हैरान, सूख रहे थे कंडे

आधे-अधूरे शौचालयों का उपयोग ही नहीं किया जा रहा है। वहां गोबर कंडे, लकडिय़ों को बारिश से बचाने के लिए उपयोग किया जा रहा है।

By: Satya Narayan Shukla

Published: 20 Jul 2018, 01:15 PM IST

बालोद. नगर पंचायत क्षेत्र में स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाए गए शौचालयों में भारी अनियमितता सामने आई है। अधिकांश हितग्राहियों द्वारा बनाए गए आधे-अधूरे शौचालयों का उपयोग ही नहीं किया जा रहा है। वहां गोबर कंडे, लकडिय़ों को बारिश से बचाने के लिए उपयोग किया जा रहा है।

दिल्ली टीम के सामने खुलासा
दिल्ली से जांच में आए क्वालिटी इंजीनियर संजीव मिश्रा ने नगर पंचायत की टीम के साथ विभिन्न वार्डों में शौचालयों का निरीक्षण किया। निरीक्षण व जांच ने नगर पंचायत को खुले में शौच मुक्त करने की पोल खोल कर रख दी है। अधिकांश शौचालयों के निर्माण में नियमों का पालन नहीं होने, स्तरहीन निर्माण व जागरूकता की कमी से लोगों के शौचालय का उपयोग नहीं किए जाने की बात सामने आई।

शौचालयों में मिले कबाड़ व लकडिय़ां
गुरुवार को क्वालिटी इंजीनियर संजीव मिश्रा ने वार्ड 11, वार्ड 14 व अन्य वार्डों की जांच की जिसमे शौचालय निर्माण तथा उसके उपयोग में खुलकर अनियमितता सामने आई। जांच के दौरान उनके साथ उप अभियंता शंकर सुवन मरकाम, भानु पटेल, पंकज चंद्राकर, सुभाष श्रीवास्तव, रामगुलाल सिन्हा व नगर पंचायत के अन्य स्टाफ उपस्थित रह्वहे। वार्ड न 14 में लोगों ने पानी की व्यवस्था नहीं होने पर जमकर हंगामा किया। लोगों का कहना है कि जब पाइन के लिए ही पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा तो शौचालय के लिये कहां से पानी मिलेगा। उन्होंने पार्षद पर निष्क्रियता का आरोप लगाया।

शौचालय के लिए गड्ढा खोदकर छोड़ दिया
नगर पंचायत द्वारा आम लोगों की सुविधा के लिए बनाया जा रहा सार्वजनिक शौचालय ठेकेदार की मनमानी से कहीं कोई दुर्घटना को आंमत्रित कर रही है। शौचालय के लिए खोदकर छोड़ देने से अब स्कूली बच्चों के लिए आफत बन गया है। पानी भरे होने से दुर्घटना की आशंका है।
तय समय अवधि में निर्माण पूरा नही करने से गड्ढे में बारिश का पानी भर जाने से वहां से प्रतिदिन गुजरने वाले हजारों स्कूली बच्चो की जान को पल पल खतरा बना रहता है। मामले में नगर पंचायत द्वारा संबंधित फर्म गंगा गोदावरी स्व सहायता समूह को बार-बार कार्य करने के लिए बोलने के बावजूद अधर में है। परेशान होकर नगर पंचायत ने फार्म व संबंधित व्यक्ति को ब्लैक लिस्टेड करने की तैयारी कर रहा है।

कभी भी घटित हो सकती है बड़ी दुर्घटना
मामले में नगर पंचायत सी एमओ तरुण पाल लहरे से प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर में तहसील रोड में, पैथोलॉजी के पास, टिकरापारा में व निजी स्कूल के पास 9 लाख 86 हजार प्रति शौचालय की लागत से बनाने गंगा जमुना स्व सहायता समूह को कार्यादेश सौंपा गया था, परंतु महीनों से गड्ढा कर छोड़ दिया गया है। बारिश के चलते गड्ढे में पानी भर गया है।

Satya Narayan Shukla Desk/Reporting
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