बीएसपी सीईओ की गैर मौजूदगी में संभल नहीं रहा मामला, यूनियन से शीत युद्ध

एक तरह से प्रबंधन और यूनियन की जुबान तल्ख हो चली है.

By: Abdul Salam

Published: 31 Jul 2020, 10:11 PM IST

भिलाई. भिलाई इस्पात संयंत्र के सीईओ अनिर्बान दासगुप्ता कोलकाता में है। ऐसे में जिम्मेदार अधिकारियों से तीन कर्मियों के ट्रांसफर का मामला संभल नहीं रहा है। बीएसपी के बड़े अधिकारियों ने इसे नाक का मामला मान लिया है। जिसकी वजह से कर्मचारी दो दिनों से इस्पात भवन के सामने एकत्र होकर प्रबंधन के जवाब का इंतजार कर लौट रहे हैं। दूसरी ओर प्रबंधन यूनियन के आरोपों का ठीक वैसे ही जवाब दे रही है, जैसे एक यूनियन मतभेद होने पर दूसरे को देती है। एक तरह से प्रबंधन और यूनियन की जुबान तल्ख हो चली है, हालात शीत युद्ध वाले बन गए हैं। ऐसा पहले भी हुआ था, तब तात्कालीन स्थानीय विधायक व मंत्री प्रेम प्रकाश पाण्डेय ने दखल दिया था।

यूनियन फिर सड़क पर उतरी
एसपी-3 के तबादला और कोविड-19 को देखते हुए रोस्टर प्रणाली लागू करने के सवाल पर उच्च प्रबंधन से जवाब मांगने शुक्रवार को दोपहर १.३० से २.३० बजे सीटू के पदाधिकारी और बीएसपी कर्मचारी इस्पात भवन के सामने एकत्र रहे। जब वहां से कोई जवाब नहीं मिला तब चले गए। साथ में यह भी कहा कि जब तक जवाब नहीं मिल जाता, तब तक वे अलग-अलग तरीके से जवाब मांगते रहेंगे। गुरूवार को ईडी पीएण्डए के साथ चर्चा करने गए प्रतिनिधिमंडल के सामने उन्होंने कहा कि इस विषय पर वे अकेले निर्णय लेने के लिए सक्षम नहीं है। इस विषय में और दूसरे भी उच्च अधिकारी शामिल हैं इसीलिए उनसे चर्चा के बाद ही ट्रांसफर पर अपनी बात साफ कर पाएंगे।

आरईडी में मिले 5 नए कोरोना पॉजिटिव
कोरोना संक्रमण को लेकर सीटू ने जो आशंका व्यक्त की थी अब उसकी हकीकत सामने आने लगी है। यूनियन ने पहले ही इस बात को कहा था कि कोरोना तेजी के साथ फैल रहा है, उसके लिए वक्त रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो इसके विपरीत परिणाम सामने आ सकते हैं। चेतावनी के बावजूद, प्रबंधन ने ना केवल इस बात को नजर अंदाज करने की कोशिश की बल्कि बयानबाजी करके यूनियन की आशंका को भ्रामक व गुमराह करने वाला बताया। आरईडी में जब पहले कोरोना संक्रमित कर्मी का पता लगा तब यूनियन ने मांग किया कि संक्रमित कर्मी के संपर्क में आने वाले सभी कर्मियों को क्वारंटाइन किया जाए। लेकिन प्रबंधन ने अपनी मनमानी की और आज उसी स्थान से 5 कर्मियों के कोरोना संक्रमित होने की पहचान की गई है। कर्मियों के संक्रमण से उनके परिवारजन भी इसकी चपेट में आ सकते है और इससे समाज में संक्रमण होने का खतरा बढ़ गया है। बीएसपी के दूसरे विभागों से भी कर्मियों के कोरोना पॉजिटिव मिलने की सूचना मिल रही है।

यूनियन कर रही नियमों की अनदेखी
कोरोना को लेकर जहां सीटू भिलाई इस्पात संयंत्र को केंद्र सरकार की गाइडलाइन का पालन करने नसीहत दे रहा है। वहीं बीएसपी की ओर से जनसंपर्क विभाग का कहना है कि यूनियन लॉकडाउन के दौरान प्रदर्शन कर नियमों की घोर अनदेखी कर रहा है। बीएसपी की ओर से बताया गया कि शुक्रवार को सीटू ने सिंटरिंग प्लांट-3 के तीन कर्मचारियों के स्थानांतरण के विरोध में इस्पात भवन के सामने शांतिपूर्वक प्रदर्शन किया। गया। इस प्रदर्शन में लगभग 50 से अधिक लोग शामिल हुए। वर्तमान में जिले में कोविड से बचाव के लिए लॉकडाउन लगाया गया है।

दण्डनीय अपराध
प्रशासन ने पूरे भिलाई क्षेत्र में धारा 144 लगाई गई है। जिससे अवांछनीय भीड़ एकत्रित न हों। विडम्बना यह है कि शासन-प्रशासन के प्रतिबंध के बावजूद सीटू व अन्य यूनियनों ने कोविड के गाइड लाइन्स की पूर्णत: अनदेखी करते हुए इस्पात भवन के सामने एकत्र होकर प्रदर्शन किया। जो कि नियमत: दण्डनीय अपराध है। इस तरह का प्रदर्शन सरकार के कोविड नियंत्रण की मुहिम को पलिता लगा सकता है। भीड़ के कारण इन प्रदर्शनकारियों के संक्रमित होने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे प्रदर्शनों से संयंत्र कार्मिकों के लिए और भी खतरा उत्पन्न हो सकता है।

वेतन भत्तों के निरंतर भुगतान के लिए उत्पादन जरूरी
संयंत्र प्रबंधन ने कोविड काल में संयंत्र कर्मियों के हित को सर्वोपरि रखा है। वर्तमान में संयंत्र प्रबंधन के लिए कार्मिकों के नियमित वेतन-भत्तों के निरंतर भुगतान के लिए अर्थ उपार्जन पहली शर्त है। जिससे कार्मिकों के आर्थिक व सामाजिक हितों की रक्षा की जा सके। इसलिए संयंत्र प्रबंधन ने कोविड से पूरी सुरक्षा के साथ उत्पादन जारी रखने का निर्णय लिया है। यूनियन नेताओं ने उत्पादन को ठप करने की साजिश को आज कार्मिक पूरी तरह समझ चुका है। यही वजह है कि वह इस तरह के गैर-जिम्मेदाराना प्रदर्शन से स्वयं को अलग कर लिया है।

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