Breaking news बीएसपी के दावों की खुल रही पोल सेक्टर-4 में दूसरा मरीज भी डेंगू पॉजिटिव

बीएसपी के नगर सेवाएं विभाग ने पेस्ट कंट्रोल के नाम पर लाखों का किया है ठेका.

By: Abdul Salam

Published: 18 Jun 2021, 11:55 PM IST

भिलाई. पं. जवाहर लाल नेहरू चिकित्सालय, सेक्टर-9 में दाखिल मरीज की एलाइजा जांच करने पर रिपोर्ट पॉजिटिव रही है। इस तरह से डेंगू का जिला में इस साल का दूसरा पॉजिटिव मामला दर्ज किए हैं। टाउनशिप में पेस्ट कंट्रोल के नाम पर लाखों रुपए हर साल जो खर्च किए जा रहे हैं। उसकी पोल 15 दिनों के भीतर खुल गई है। टाउनशिप में अब तक दो डेंगू के पॉजिटिव मरीज मिल चुके हैं। वहीं हर सेक्टर में दवा छिड़काव, फॉगिंग करने के साथ-साथ दवा व पर्चा वितरण का दावा भी जमीन पर दम तोड़ रहा है।

लाखों रुपए कहां खर्च किए पेस्ट कंट्रोल के नाम पर
सवाल उठ रहा है कि बीएसपी के नगर सेवाएं विभाग ने पेस्ट कंट्रोल के नाम पर जो लाखों का ठेका किया है। वह पेस्ट कंट्रोल कहां किए। हर माह उसका भुगतान करने से पहले फाइल में किस सेक्टर का नाम दर्ज किए। क्या उसमें सेक्टर-चार शामिल नहीं था। जहां थोक में लार्वा पल रहा है। ठेकेदार ने कहां पेस्ट कंट्रोल किया। जब टाउनशिप के हर घर में लार्वा मिल रहे हैं। घरों में यह हाल है तब खुले मैदान में कौन दवा डाल रहा होगा। अफसरों ने भुगतान के फाइलों में दस्तखत किए उसके पहले मौके का जायजा लिया। ठेकेदार कहां से काम को संचालन कर रहा है।

दो घंटे में बन गया एडीज मच्छर
सेक्टर-4 में एकत्र किए गए प्यूपा के नमूना को दो घंटे पानी में रखे हुए थे। इस दौरान ही वह एडीज मच्छर में तब्दील हो गया। इस तरह से एडीज मच्छर की पुष्टी हुई है। मच्छर के पेट में डेंगू का वायरस है या नहीं इसकी पुष्टी होना शेष है। इसके लिए उस एडीज मच्छर के नमूना को कीट विज्ञान विभाग भेजा जाता है, जो रायपुर में है। इसके बाद तय हो जाएगा कि मच्छर के पेट में डेंगू का वायरस है या नहीं।

दस साल के बच्चे का प्लेटलेट एक लाख
टाउनशिप के सेक्टर-चार में रहने वाले दस साल के बच्चे का प्लेटलेट करीब एक लाख है। नार्मल व्यक्ति का प्लेटलेट 1.5 लाख होता है। घर में बच्चे के मामा को पहले बुखार आया। वे दवा लिए तो तबीयत में सुधार आ गया। इसके बाद बच्चे को बुखार आया और सुस्त पडऩे लगा तब परिवार वाले सेक्टर-9 अस्पताल लेकर भागे। वहां प्लेटलेट कम होने की जानकारी मिली।

दावों पर उठ रहे सवाल
बीएसपी का जनसंपर्क विभाग दावा कर रहा है कि दो दिनों में सेक्टर-चार सड़क-13 के संदिग्ध मरीज के घर सहित सड़क-एक से सड़क-22 तक पूरे क्षेत्र में कीटनाशक दवाओं का छिड़काव व फोगिंग किया गया। साथ ही जन स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को डेंगू के प्रति जागरूक किया। दवा डालने अपील की। अब सवाल उठ रहा है कि बीएसपी की टीम ने सबकुछ किया था तब उस सेक्टर के ही दस घरों में पहुंचे तो सभी में लार्वा के स्रोत कैसे मिले। लार्वा कहां से नजर आने लगे। वही विभाग निगम के साथ मिलकर फिर एक-एक हजार दस घरों में अर्थदण्ड भी लगा रहा है।

बीएसपी का दावा डेंगू रोकथाम व नियंत्रण के लिए सयुंक्त निरीक्षण व कार्रवाई
इधर बीएसपी के जनसंपर्क विभाग का कहना है कि सेक्टर-चार के विभिन्न सड़को में डेंगू रोकथाम और नियंत्रण के तहत बीएसपी, नगर पालिक निगम भिलाई और दुर्ग स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने दस घरों में लार्वा मिलने पर सख्त कार्रवाई करते हुए एक-एक हजार रुपए फाइन किया। फिर से इनके घर लार्वा मिला तो दो हजार लेंगे और तीसरी बार मिला तो महामारी एक्ट के तहत केस दर्ज किया जाएगा।

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