दुकानों में आंतरिक निर्माण पर अर्थदंड नहीं वसूल सकेगा बीएसपी,शासन की नीति से ही होगा लीज नवीनीकरण

1.त्रिपक्षीय बैठक में बनी बात- विधायक देवेंद्र यादव की मौजूदगी में कलक्टर और बीएसपी के सीइओ के बीच चर्चा
2. लीज नवीनीकरण को लेकर जारी नोटिस होंगे अमान्य

3. स्कूल और चिकित्सा सेवाएं से हाथ नहीं खींचेगा बीएसपी
4. कैंप और खुर्सीपार के आवासों को निगम को सौंपने पर विचार

By: Tara Chand Sinha

Published: 07 Jul 2019, 12:00 PM IST

 

भिलाई. टाउनशिप के रहवासी और व्यापारियों की विभिन्न समस्याओं को लेकर शनिवार को भिलाई निवास में विधायक देवेन्द्र यादव, कलक्टर अंकित आनंद और बीएसपी के सीइओ अर्निबन दास गुप्ता के बीच डेढ़ घंटा चर्चा हुई। देवेन्द्र ने बीएसपी कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं, टाउनशिप के व्यापारियों की मांग, सेक्टर-9 अस्पताल में इलाज सुविधाएं और खुर्सीपार व कैंप क्षेत्र के आवासों को निगम को सौंपने जैसे चार मुद्दे रखे।

कलक्टर आनंद ने बीएसपी के सीईओ से लीज नवीनीकरण के मामले में शासन की लीज नीति का पालन करने कहा। लीज नवीनीकरण के लिए 17- 17 लाख रुपए शुल्क वसूलने और ग्राउंड रेंट और सर्विस चार्ज के डिमांड नोटिस को अवैधानिक बताया। व्यापारियों के खिलाफ किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं करने के मौखिक निर्देश दिए। 2-3 महीने की अंतराल में टाउनशिप और निगम के विषयों पर चर्चा करने की बात कही।

कलक्टर का कहना था कि बीएसपी मूलभूत सुविधाएं जैसे टाउनशिप क्षेत्र में स्कूल, सेक्टर-9 चिकित्सालय में इलाज सुविधाएं, खुर्सीपार और कैंप क्षेत्र में पाइप लाइन की मरम्मत, सेवानिवृत्त कर्मचारियों को आवास आवंटन में कटौती न करें। शर्तों पर निजी शैक्षणिक संस्थाओं को स्कूलों का संचालन की जिम्मेदारी देने कहा। खुर्सीपार और कैंप क्षेत्र के आवासों को शर्तों पर निगम प्रशासन को सौंपने का सुझाव दिया। कलक्टर ने कहा कि खुर्सीपार और कैंप क्षेत्र की जमीन और आवास निगम प्रशासन को हैंडओवर करने से बीएसपी को टैक्स नहीं देना पड़ेगा। निगम प्रशासन वहां आसानी से मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करा सकता है। कलक्टर के सुझाव पर सीईओ दासगुप्ता और बीएसपी के अधीशासी निदेशक कार्मिक एवं प्रशासन केके सिंह ने सेल के बोर्ड से पहल करने की बात कही।

400 व्यापारियों को दिया है नोटिस
विधायक देवेंद्र का कहना था कि सिविक सेंटर और मरोदा की 400 दुकानों की 30 साल की लीज अवधि समाप्त हो गई है। बीएसपी के नगर सेवा विभाग ने दुकान संचालकों को नोटिस जारी किया है। सेल बोर्ड की गाइडलाइन के अनुसार एक हजार वर्गफीट की दर से आवास/दुकान का 17 लाख रुपए लीज नवीनीकरण शुल्क जमा करने कहा गया है। ग्राउंड रेंट और सर्विस चार्ज के रूप में हर साल 1.50 लाख रुपए का डिमांड नोटिस जारी किया है। जो कि राज्य शासन के लीज अधिनियम के विरूद्ध है। सीइओ को संशोधित आदेश जारी करने कहा। इस पर बीएसपी प्रबंधन ने सेल बोर्ड को पत्र लिखने की जानकारी दी।

बिल्डिंग वायलेशन पर नहीं होगी कार्रवाई

फायर सेफ्टी ऑडिट के मामले में भी बीएसपी प्रबंधन कोचिंग इंस्टीट्यूट और अन्य दुकानदारों के खिलाफ टे्रड चेंज और बिल्डिंग वायलेशन के मामले में कार्रवाई नहीं कर सकता। इस मामले में कलक्टर ने बीएसपी की कार्रवाई का हस्तक्षेप किया। कलक्टर का कहना था कि सुरत के कोचिंग सेन्टर में आगजनी की घटना के बाद शासन ने फायर सेफ्टी को लेकर ऑडिट करने कहा है। बहुमंजिली इमारतों में आगजनी की सुविधा, इमरजेंसी दरवाजे, सीढिय़ों को लेकर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। शासन के आदेश को ट्रेड चेंज और बिल्डिंग वायलेशन की कार्रवाई से जोडऩा उचित नहीं है। कलक्टर ने सीईओ को आगजनी से निपटने प्रॉपर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पहल करने कहा। निगम आयुक्त एसके सुंदरानी को कोचिंग इंस्टीट्यूट को गोमास्ता और टे्रड लाइसेंस जारी करने से पहले फायर सेफ्टी की सुविधा सुनिश्चित करने कहा।

सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए जारी रहेगी रिटेंशन स्कीम

महापौर ने बीएसपी से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के लिए आवास रिटेंशन स्कीम की सुविधा को चालू रखने कहा। सेवानिवृत्ति के तत्काल बाद आवास को खाली नहीं कराने और अमानत राशि को कम करने का प्रस्ताव रखा। जवाब में बीएसपी के अधीशासी निदेशक कार्मिक एवं प्रशासन सिंह का कहना था कि प्रबंधन आवास रिटेंशन स्कीम के तहत सेवानिवृत्ति के बाद दो साल तक आवास अलॉटमेंट का निर्णय लिया है। इसके लिए 1100 अच्छे आवास आरक्षित करने की बात भी कही। बैठक में निगम के राजस्व अधिकारी अशोक द्विवेदी, नगर सेवाएं महाप्रबंधक पीके. घोष, एमआईसी सदस्य नीरज पाल, विधायक विधि सलाहकार प्रदीप दास, जनसंपर्क अधिकारी पीसी सार्वा मौजूद रहे।

निगम को सौंप दें खुर्सीपार और कैंप क्षेत्र का आवास
आयुक्त सुंदरानी ने सीईओ को खुर्सीपार और कैंप क्षेत्र के आवासों से कब्जा खाली कराकर निगम को अनुबंध शर्त के तहत सौंपने कहा। महापौर का कहना था कि बीएसपी खुर्सीपार और कैंप क्षेत्र में बिजली और पानी पर व्यय कर रहा है, लेकिन उससे राजस्व नहीं मिलता। प्रबंधन इन आवासों को निगम को हस्तांतरित करता है तो निगम लोगों को लाइसेंस के आधार पर आवास आवंटित कर बिजली बिल और वाटर टैक्स वसूल सकता है। इससे बीएसपी और निगम दोनों को राजस्व मिलेगा।

व्यापारियों के लिए बड़ी राहत बशर्ते बीएसपी प्रबंधन वादे से न मुकरे

भिलाई स्टील सिटी चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष ज्ञानचंद कहा है कि विधायक यादव और कलक्टर आनंद का यह प्रयास सराहनीय है। इससे 10-12 साल से परेशान टाउनशिप के व्यापारियों को बड़ी राहत मिलेगी। बशर्ते ंसंयंत्र प्रबंधन इन बातों पर अमल करे। पहले भी इस तरह की त्रिपक्षीय बैठकों में प्रबंधन हामी भरता रहा है, लेकिन बाद में टालमटोल करने लगता है।

सहमति के बाद मुकरता रहा है प्रबंधन

1. संपत्तिकर- बीएसपी प्रबंधन ने कुछ साल पहले अचानक से टाउनशिपवासियों पर संपत्तिकर थोप दिया। जबकि नगर निगम क्षेत्र में किसी दूसरी एजेंसी को संपत्तिकर वसूलने का अधिकार नहीं है। इस संबंध में पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रेमप्रकाश पांडेय की मौजूदगी में तत्कालीन कलक्टर और बीएसपी के सीइओ के बीच सहमति बनी कि वित्तीय वर्ष 2011-12 और 2012-13 का संपत्तिकर नहीं वसूलेंगे, लेकिन प्रबंधन लोगों से दबावपूर्वक टैक्स वसूल लिया।

2. लीज नवीनीकरण- इस मामले में भी पहले भी प्रबंधन ने कहा था कि सेल बोर्ड को प्रपोजल भेजा जाएगा। अब फिर वही बात दोहरा रहे हैं। इधर नोटिस भेजकर व्यापारियों को तंग कर रहे हैं।

3. पैनल रेंट- आवंटित एरिया में जरूरत के मुताबिक अतिरिक्त निर्माण को भी बीएसपी अवैधानिक मानते हुए भारी-भरकम पैनल रेंट वसूलता है। जबकि इस मुद्दे पर भी पहले बात हो चुकी है।

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