Coronavirus: प्रबंधन के फैसले से नाखुश BSP के नियमित कर्मी काम से लौट, रेल मिल सहित कई विभागों में काम ठप

कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर कर्मियों के स्वास्थ्य की अनदेखी से गुस्साए भिलाई स्टील प्लांट (Bhilai steel plant)के नियमित कर्मी शुक्रवार सुबह प्लांट से बिना काम किए लौट गए। (Coronavirus in chhattisgarh)

भिलाई. कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर कर्मियों के स्वास्थ्य की अनदेखी से गुस्साए भिलाई स्टील प्लांट के नियमित कर्मी शुक्रवार सुबह प्लांट से बिना काम किए लौट गए। बीएसपी के नियमित कर्मियों ने एकजुटता दिखाते हुए काम नहीं करने का बड़ा फैसला लिया। आज सुबह 11 बजे रेलमिल के कर्मियों ने कोरोना के खतरे को भांपते हुए अपने-अपने घरों के लिए रवाना हो गए। मुख्य रेलमिल, रोल टर्निंग शॉप, यूआरएम, आरटीएस ब्लूमिंग एंड बिलेट मिल के नियमित और ठेका कर्मियों ने भी काम बंद कर दिया। इस तरह बीएसपी के लगभग 15 सौ नियमित और एक हजार से ज्यादा ठेका श्रमिकों आज घर लौट गए। इधर कर्मियों की लौटने की सूचना मिलते ही यूनियन के पदाधिकारियों सीईओ के पास पहुंचे। यूनियन के सदस्य बीएसपी सीईओ अनिर्बान दास गुप्ता से चर्चा कर रहे हैं। बीते एक सप्ताह से बीएसपी कर्मियों में कोरोना वारयर को लेकर प्रबंधन के रवैये के खिलाफ काफी आक्रोश था।

बतां दे कि बीएसपी में फिलहाल 18 हजार से जयादा नियमित और 20 हजार से ज्यादा ठेका श्रमिक कार्यरत हैं। सूत्रों को मानें तो शाम तक बीएसपी सीईओ, कर्मियों के हित में कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं। बीएसपी कर्मियों ने काम से लौटने से पहले सीजीएम से मुलाकात की। वातावरण से अवगत कराया एवं कहा कि जान है तो जहान है। रेल मिल हमेशा से नए-नए कीर्तिमान और रिकॉर्ड बनाता रहा है, अभी कर्मियों की जिंदगी बचाना ही सबसे बड़ा काम है। कर्मियों की जिंदगी बचेगी तो भविष्य में और नए नए कीर्तिमान स्थापित करेंगे। अभी हम रोलिंग नहीं कर सकते कहकर उन्हें अवगत कराया तत्पश्चात रेलमिल के सभी कर्मी अपने अपने घरों को रवाना हुए।

प्रबंधन प्राथमिकता के हिसाब से ले रहा था फैसला
भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन ने आखिर कर्मियों के हित में बड़ा फैसला लिया है। अब प्रबंधन एक-एक मिल को प्राथमिकता के आधार पर बंद करने पहल कर रहा है। इसको लेकर बीएसपी के उच्च प्रबंधन ने निर्देश भी दे दिया है। कर्मियों के लिए यह राहत वाली खबर है। वे भी अपने परिवार के साथ सुरक्षित घर पर ही रहना चाहते हैं। कोरोना वायरस का खौफ जब तक थम नहीं जाता, तब तक वे संयंत्र में समूह के साथ मिलकर काम करने को तैयार नहीं है। बीएसपी के ब्लास्ट फर्नेस-6 को गुरुवार से ही डाउन करने की तैयारी है। प्रबंधन देर से ही सही पर एक बड़ा फैसला ले रहा है। जिससे कर्मचारियों को सुरक्षित रखा जा सके। इससे कर्मियों को बड़ी राहत मिलना तय है।

कोरोना खौफ: प्रबंधन के फैसले से नाखुश BSP के नियमित कर्मी काम से लौट, रेलमिल सहित कई विभागों में काम ठप

मर्चेंट व वायर रॉड मिल को करेंगे 27 से बंद
बीएसपी प्रबंधन मांग के मुताबिक प्राथमिकता तय करते हुए मिलों को बंद करने योजना बना रहा है। संयंत्र के मर्चेंट मिल को बंद किया जाएगा। इसके बाद वायर रॉड मिल को बंद करना है। यह प्रक्रिया 27 मार्च 2020 से शुरू की जाएगी। यहां के कर्मियों को इसके बाद प्लांट आने से मुक्ति मिल सकती है।

28 को बंद करेंगे प्लेट मिल
बीएसपी प्रबंधन 28 मार्च से प्लेट मिल के साथ-साथ बीआरएम भी बंद करेगा। बीबीएम को न्यूनतम ताप में रखकर चलाने की योजना है। इस तरह से प्लांट को एक तरह से बंद ही रखा जाएगा। बीएसपी प्रबंधन कोशिश कर रहा है कि ब्लास्ट फर्नेस से कुल हॉट मेटल का उत्पादन जो वर्तमान में 16 हजार टन के आसपास हर दिन का है, उसे घटा कर 8 हजार टन कर दिया जाए। इस तरह से उत्पादन को सीधे पचास फीसदी तक घटा सकते हैं। इस तरह से बीएसपी इन फर्नेस से कम से कम उत्पादन लेने की योजना बना रहा है।

यूनियन ने पीएम, सीएम को लिखा है पत्र
कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए देशभर में लॉक डाउन जारी है। भिलाई इस्पात संयंत्र के ऑफिसर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों व इंटक, सीटू, बीएमएस, इस्पात श्रमिक मंच ने कार्मिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताया। पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम भूपेश बघेल तक को पत्र लिखा। तब जाकर प्रबंधन प्लांट से उत्पादन कम करने के विषय पर विचार कर रहा है।

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Dakshi Sahu Desk/Reporting
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