कोरोना के लक्षण दिखे तो ड्यूटी न आएं BSP वर्कर, प्रबंधन ने कर्मियों को किया सावधान, इधर जिले में दो संक्रमितों की मौत

Bhilai steel Plant के निदेशक प्रभारी अनिर्बान दासगुप्ता ने कोविड दिशानिर्देशों का पालन करते हुए दैनिक जीवन के कार्यों को करने पर जोर दिया।

By: Dakshi Sahu

Updated: 16 Dec 2020, 12:43 PM IST

भिलाई. कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण व खतरे को भांपते हुए भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन ने अपने कर्मियों को आगाह किया है। इससे निपटने जारी उपायों के रूप में फिर से अपील जारी की है। किसी भी तरह के फ्लू जैसे लक्षणों से पीडि़त होने पर ड्यूटी नहीं करने का आग्रह किया जा रहा है। साथ ही विभागीय नोडल अधिकारी को सूचित करने और आगे के इलाज के लिए कैजुअल्टी जाने के निर्देश जारी किए गए हैं। परिपत्र के माध्यम से होम आईसोलेशन और यात्रा विवरण की घोषणा की प्रक्रियाओं की सलाह दी गई है। कार्यस्थल और सार्वजनिक स्थानों पर ऐहतियाती उपाय भी सूचीबद्ध किए गए हैं। दुर्ग जिले में कोरोना संक्रमण थमने का नाम नहीं ले रहा है। जिले में मंगलवार को 177 नए मरीज मिले। वहीं दो संक्रमितों की भी मौत हो गई। ऐसे में बीएसपी कर्मियों को सुरक्षात्मक उपाय के साथ कार्य करने के लिए प्रबंधन प्रेरित कर रहा है।

वर्ष के अंत में होने वाले शादियों, उत्सवों और त्योहारों के दौरान कोरोना के बचाव के लिए ली जाने वाली सावधानियों में अब लोगों द्वारा ढिलाई या लापरवाही नजर आने लगी है। इससे कर्मचारियों को सावधान करने प्रबंधन ने कर्मियों के एक और बड़े समूह इन्टरैक्शन (एलजीआई) का आयोजन जूम डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से किया।

लक्षण दिखते ही इलाज शुरू करवा दें
प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए बीएसपी के निदेशक प्रभारी अनिर्बान दासगुप्ता ने कोविड दिशानिर्देशों का पालन करते हुए दैनिक जीवन के कार्यों को करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हमें किसी भी लक्षण को अनदेखा नहीं करना चाहिए। जल्द से जल्द इलाज शुरू कर दिया जाना चाहिए। जवाहरलाल नेहरु चिकित्सालय एवं अनुसंधान केन्द्र के निदेशक प्रभारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ एसके इस्सर एवं सहायक मुख्य चिकित्सा अधिकारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ त्रिनाथ दाश ने दोहराया कि कोविड महामारी अभी खत्म नहीं हुई है। विवाह और अन्य उत्सवों के दौरान संक्रमितों की संख्या में फिर से वृद्धि हुई है।

शुरू से ही संवेदनशील रहा है प्रबंधन
संयंत्र प्रबंधन शुरुआती दिनों से ही कोविड-19 महामारी के खतरे के प्रति संवेदनशील रहा है। वक्र्स, नॉन-वक्र्स और खदान क्षेत्रों के भीतर सैनिटाइजेशन सालुशन, मास्क, दस्ताने का वितरण, कार्यस्थलों और कार्यालयों का सैनिटाइजेशन या कार्य दिवसों का क्रमबद्ध तरीके से संचालन करते हुए उत्पादन के स्तर को न्यूनतम रखा गया। कर्मचारियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्रभावित करने वाले महामारी के खतरे से बचाव का ध्यान रखा है। कोविड के टेस्टिंग एवं ट्रीटमेंट के लिए सभी जरूरी कदम उठाए गए।

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Dakshi Sahu Desk/Reporting
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