पहली बार भिलाई पहुंचे सेल चेयरमैन की मौजूदगी में श्रमिकों ने घेरा आईआर को, बीएसपी प्रबंधन की हुई किरकिरी

पहली बार भिलाई पहुंचे सेल चेयरमैन की मौजूदगी में श्रमिकों ने घेरा आईआर को, बीएसपी प्रबंधन की हुई किरकिरी

Abdul Salam | Publish: Sep, 11 2018 12:31:13 PM (IST) Bhilai, Chhattisgarh, India

बीएसपी के ठेका श्रमिकों को बुनियादी सुविधा भी नहीं मिल रही है। संयंत्र प्रबंधन ने इसके लिए अब तक कोई विशेष पहल नहीं किया।

भिलाई. बीएसपी के संयुक्त यूनियन ने सेल चेयरमैन सरस्वती प्रसाद से मिलने के लिए सोमवार को आईआर विभाग के अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इसके लिए विभाग ने समय नहीं दिया, तो श्रमिकों ने मंगलवार की सुबह आईआर विभाग का घेराव कर दिया। संयुक्त यूनियन के नेतृत्व में यह प्रदर्शन और इसके बाद घेराव सुबह ८ बजे से शुरू हुआ। सेल चेयरमैन पहली बार भिलाई पहुंचे और उनकी मौजूदगी में श्रमिकों का धरना, प्रदर्शन, घेराव ने प्रबंधन की किरकिरी कर दी है।

बुनियादी सुविधा भी नहीं मिल रही
बीएसपी के ठेका श्रमिकों को बुनियादी सुविधा भी नहीं मिल रही है। संयंत्र प्रबंधन ने इसके लिए अब तक कोई विशेष पहल नहीं किया। अफसरों की ओर से अगर इस दिशा में कोई प्रयास होता, तो उससे श्रमिकों के हाथ में न्यूनतम वेतन, एडब्ल्यूए की राशि, पीएफ पर्ची, ईएसआई का कार्ड होता। श्रमिकों के साथ ऐसा हुआ नहीं है।

नियमित कर्मियों का काम करवा रहे ठेका श्रमिकों से
ठेका श्रमिकों से प्रबंधन स्थाई नेचर के काम करवा रहा है। यह कार्य नियमित कर्मियों से करवाया जाना है। संयंत्र में श्रमिकों को सफाई वैगरह जैसे काम के लिए रखा गया है। अब लोको चलाने से लेकर क्रेन ऑपरेटिंग तक वे ही कर रहे हैं। इसके बाद भी उनके हाथ में न्यूनतम वेतन तक नहीं आ रहा है। नियम से इस तरह के श्रमिकों को एस-1 ग्रेड के मुताबिक वेतन का भुगतान करना है।

ठेकेदार पर नहीं कस रहा बीएसपी का शिकंजा
ठेका श्रमिकों को लेकर बीएसपी में होने वाले तमाम आंदोलन पर प्रबंधन को खामोश रहना पड़ता है। आईआर विभाग भी इस विषय पर खुलकर बात नहीं करता। असल में ठेकेदार नौकरी के नाम पर श्रमिकों से कोरे कागज पर हस्ताक्षर करवाने के बाद वेतन थमा देता है। बीएसपी के उन अधिकारियों को इसकी जानकारी होती है, जो ऑपरेटिंग अथॉरिटी होते हैं।

नहीं दिया जाता श्रमिकों को बोनस
प्रदर्शनकारियों के मुताबिक ठेका श्रमिकों को सिर्फ कागजों में बोनस थमा दिया जाता है। असल में श्रमिकों को 500 से 2000 रुपए तक वैसे ही ठेकेदार दे देते हैं। यह सब कुछ प्रबंधन की जानकारी में हो रहा है। इन सभी मामलों को लेकर संयुक्त यूनियन ने बीएसपी आईआर का घेराव किया है।

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