भाजपा में बवाल, प्रदेश संगठन के निर्णय के खिलाफ जिला अध्यक्षों ने खोला मोर्चा, चुनाव स्थगन पर गरमाई राजनीति

भाजपा (Chhattisgarh Bhartiya janta Party ) में मंडल अध्यक्षों के चुनाव के बाद अब जिला अध्यक्षों के चुनाव स्थगित किए जाने पर बखेड़ा खड़ा हो गया है। मंडल अध्यक्षों के चुनाव को लेकर शिकायतों के बाद प्रदेश संगठन ने जिला अध्यक्षों के चुनाव को स्थगित कर दिया है।

By: Dakshi Sahu

Updated: 10 Nov 2019, 11:15 AM IST

भिलाई/दुर्ग. भाजपा (CG BJP) में मंडल अध्यक्षों के चुनाव के बाद अब जिला अध्यक्षों के चुनाव स्थगित किए जाने पर बखेड़ा खड़ा हो गया है। मंडल अध्यक्षों के चुनाव को लेकर शिकायतों के बाद प्रदेश संगठन ने जिला अध्यक्षों के चुनाव को स्थगित कर दिया है। प्रदेश संगठन के इन निर्णय के खिलाफ दुर्ग व भिलाई जिला भाजपा अध्यक्षों ने सीधे तौर पर मोर्चा खोल दिया है। अध्यक्षों ने संगठन के निर्णय से इनकार किया। उनका कहना है कि सभी मंडल अध्यक्षों के चुनाव मान्य हंै और जिला अध्यक्ष के चुनाव भी समय पर होंगेे। जबकि चुनाव प्रभारी का कहना है कि शिकायतों पर जांच के बाद ही जिला अध्यक्ष के चुनाव कराए जाएंगे।

एक दिन पहले ही प्रदेश भाजपा की बैठक में मंत्री प्रेमप्रकाश पांडेय, विधायक विद्यारतन भसीन और दूसरे नेताओं की नाराजगी के बाद प्रदेश चुनाव प्रभारी रामप्रताप सिंह ने सार्वजनिक रूप से दुर्ग व भिलाई भाजपा अध्यक्षों के चुनाव को स्थगित रखने का ऐलान किया था। इस पर तात्कालिक तौर पर दुर्ग जिला भाजपा अध्यक्ष उषा टावरी की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी, लेकिन भिलाई भाजपा अध्यक्ष सांवलाराम डाहरे ने इसकी मौखिक जानकारी आने की बात स्वीकार कर ली थी, लेकिन शनिवार को दोनों जिला भाजपा अध्यक्षों के सुर बदल गए और दोनों ने ऐसे किसी भी निर्णय से इनकार कर दिया। दोनों ने मंडल अध्यक्षों के चुनाव को जायज ठहराते हुए जिला अध्यक्षों के चुनाव भी समय पर कराने की घोषणा कर डाली

मंडल अध्यक्षों के चुनाव की वैधता पर भी बंटे नेता
दुर्ग-भिलाई जिला अध्यक्ष का चुनाव स्थगित होने के बाद मंडल अध्यक्षों के चुनाव वैधता को लेकर दुर्ग और भिलाई जिला संगठन के नेता दो धड़े में बंट गए हैं। मंडल चुनाव के बाद से आपस में लड़ रहे हैं। इस लड़ाई को प्रदेश कार्यकारिणी शांत नहीं करा पाई तो पार्टी के राष्ट्रीय संगठन ने हस्तक्षेप किया। राष्ट्रीय महामंत्री बीएल संतोष के निर्देश पर प्रदेश चुनाव प्रभारी राम प्रताप सिंह ने दुर्ग और भिलाई जिला अध्यक्ष के चुनाव को स्थगित करने की घोषणा की। जबकि मंडल अध्यक्षों के चुनाव को यथास्थिति रखा गया है। निगम चुनाव में जिला संगठन का अहम रोल होता है। जिला संगठन ही पार्षद पद के दावेदारों की सूची तैयार करता है। हर वार्ड से 3-3 दावेदारों का पैनल तैयार कर संभागीय समिति व प्रदेश कार्यकारिणी को भेजा जाता है। संभागीय समिति व प्रदेश कार्यकारिणी की कोर गु्रप 3-3 दावेदारों के पैनल पर चर्चा कर किसी एक नाम को फाइनल करती है।

संगठन के हस्तक्षेप के बाद भी नहीं थम रहा विवाद
जिला संगठन के पदाधिकारियों की गुटीय लड़ाई खत्म होने के आसार नहीं दिख रहे हैं। राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। प्रदेश संगठन के पदाधिकारी इस मामले में कुछ बोलना नहीं चाह रहे हैं। इस वजह से राष्ट्रीय संगठन को हस्तक्षेप करना पड़ा। अंदरूनी लड़ाई चल ही रही है। यह लड़ाई एक बार फिर दिसंबर-2019 में होने वाले निकाय चुनाव में पार्षद पद के टिकट वितरण में खुलकर सामने आ सकती है। नगर पालिक निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों के पार्षद पद का टिकट जिला संगठन के पदाधिकारियों की अनुशंसा पर मिलेगी।

जिला अध्यक्ष ने मैसेज पोस्ट कर बताया सही
दुर्ग जिला अध्यक्ष ऊषा टावरी की ओर से जिला भाजपा कार्यालय से मीडिया को रिलीज जारी किया गया है। इसके अलावा जेवरा-सिरसा मंडल के नव निर्वाचित मंडल अध्यक्ष जितेन्द्र यादव ने सोशल मीडिया पर जिला अध्यक्ष टावरी की ओर से मैसेज को पोस्ट किया है। इसमें लिखा गया है कि दुर्ग जिला भाजपा के अंतर्गत हुए संगठन चुनाव को स्थगित या रद्द नहीं किया गया है। दुर्ग जिला भाजपा के समस्त मंडल के चुनाव हो चुके हैं। मंडल अध्यक्ष के नामों की घोषणा हो चुकी है। जिस पर कोई संशय नहीं है। उक्त चुनाव पूर्ण रूप से नियमत: एवं वैधानिक है। प्रदेश भाजपा के द्वारा जांच कमेटी बनाने का या जांच करने का कोई निर्देश नहीं दिया गया है। जिलाध्यक्ष चुनाव भी प्रकिया के तहत समय से किया जाएगा।

चुनाव अधिकारी को लेना चाहिए संज्ञान
अध्यक्ष दुर्ग जिला भाजपा उषा टावरी ने कहा कि मंडल के चुनाव हो चुके हैं। प्रदेश भाजपा के द्वारा जांच कमेटी बनाने अथवा जांच करने का कोई निर्देश नहीं दिया गया है। जिला अध्यक्ष के चुनाव भी समय पर ही होंगे।
भिलाई जिला भाजपा अध्यक्ष सांवला राम डाहरे ने कहा कि बेवजह बखेड़ा किया जा रहा है। जिला अध्यक्ष का चुनाव भी प्रक्रिया के तहत कराया जाएगा। स्थगन के संबंध में जो जानकारी दी जा रही है वह गलत है।
सांसद दुर्ग ने कहा कि वरिष्ठों के आदेश को नहीं माना जा रहा है, इससे यही लग रहा है कि ये खुद को संगठन से बड़ा समझ रहे हैं। इस पर प्रदेश चुनाव अधिकारी को संज्ञान लेना चाहिए।

सीधी बात, रामप्रताप सिंह, प्रदेश चुनाव प्रभारी

Q. दुर्ग-भिलाई के मंडल और जिला अध्यक्ष के चुनाव को लेकर संशय की स्थिति बन गई है?
A. संशय का सवाल ही नहीं है, स्थिति बिल्कुल स्पष्ट है। चुनाव की मौजूदा स्थिति को यथा स्थिति रखते हुए जिला अध्यक्ष के चुनाव स्थगित किए गए हैं।
Q. लेकिन दुर्ग व भिलाई के जिला अध्यक्षों ने स्थगन के आदेश को खारिज कर दिया है। मीडिया में उनका बयान आया है?
A. चुनाव स्थगित रखने का निर्णय राष्ट्रीय महामंत्री बीएल संतोष के निर्देश पर लिया गया है। उन्होंने विवाद के निपटारे के लिए पड़ताल और तब तक जिला अध्यक्ष का चुनाव स्थगित रखने कहा है।
Q. इसके बाद भी जिला अध्यक्षों के चुनाव समय पर कराए जाने का दावा किया जा रहा है।
A. चुनाव मौजूदा स्थिति में स्थगित किए गए हैं। इससे साफ है कि जो हो गया वह ठीक लेकिन इससे आगे की प्रक्रिया नहीं होगी। प्रदेश के दूसरे जिले में चुनाव होंगे, दुर्ग-भिलाई में पहले जांच होगी, इसलिए अभी चुनाव नहीं होंगे।

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Dakshi Sahu Desk/Reporting
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