चीनी सेना के साथ हिंसक झड़प में छत्तीसगढ़ का जवान शहीद, भिलाई के सैन्य अधिकारी ने निभाई थी बातचीत में अहम भूमिका

शहीद जवानों में छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के चारामा के कुर्रूटोला गिधाली निवासी भारतीय सेना का जवान गणेश कुंजाम भी शामिल है। (India China Border dispute)

By: Dakshi Sahu

Published: 17 Jun 2020, 12:08 PM IST

भिलाई. लद्दाख की गलवां घाटी में 15 जून की रात चीनी सैनिकों के साथ हिंसक टकराव में सेना के सीओ रैंक के एक अधिकारी समेत 20 जवान शहीद हो गए हैं। वहीं चार जवानों की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। शहीद जवानों में छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के चारामा के कुर्रूटोला गिधाली निवासी भारतीय सेना का जवान गणेश कुंजाम भी शामिल है। शहीद जवान गणेश के चाचा तिहारूराम कुंजाम ने बताया कि भारतीय सेना की तरफ मंगलवार को फोन पर उन्हें बेटे के शहीद होने की जानकारी दी गई। जिसके बाद पूरे परिवार में मातम का माहौल है। सैन्य अधिकारियों ने उन्हे बताया कि शहीद का पार्थिव देह गुरुवार को उनके गृहग्राम पहुंचेगा। बुधवार देर रात सेना से 20 जवानों के शहीद होने की पुष्टि की। सीमा पर हुए खूनी संघर्ष में चीन के 43 सैनिक हताहत हुए हैं। इनमें मृतक और गंभीर रूप से घायल चीनी सैनिक शामिल हैं। (20 soldiers dies at India China LAC)

चीनी सेना के साथ हिंसक झड़प में छत्तीसगढ़ का जवान शहीद, भिलाई के सैन्य अधिकारी ने निभाई थी बातचीत में अहम भूमिका

झड़प से पहले बातचीत में भिलाई के सैन्य अधिकारी ने निभाई थी अहम भूमिका
लद्दाख में भारत और चीन सीमा के विवाद के दौरान छत्तीसगढ़ के भिलाई सेक्टर 10 स्कूल में पढ़े भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह ने चीन के साथ सैन्य स्तर की वार्ता में अहम भूमिका निभाई थी। उनकी आगवानी में कई स्तर पर चीनी सेना के साथ बातचीत की गई थी। लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह कुछ दिन पहले ही वार्ता के दौरान चर्चा में आए थे। बता दें कि उनके पिता स्वर्गीय गुरनाम सिंह बीबीएम में मैनेजर के रूप में अपनी सेवाएं दी थी। सैन्य अधिकारी की प्रारंभिक शिक्षा भिलाई में संपन्न हुई है।

भारतीय सैनिकों ने बढ़ाई चौकसी
सीमा में हिंसक झड़प के बाद पूरे इलाके में सेना ने सतर्कता तथा चौकसी बढ़ा दी है। चीन सीमा पर 45 साल बाद इस तरह की हुई यह पहली घटना है। इससे पहले 1975 में अरुणाचल प्रदेश में तुलुंग ला में संघर्ष हुआ था जिसमें चार जवान शहीद हुए थे।
भारतीय और चीनी सेना के बीच पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग झील, गलवान घाटी डेमचोक और दौलतबेग ओल्डी में तनाव चल रहा है। बड़ी संख्या में चीनी सैनिक वास्तविक सीमा पर पैंगोंग झील सहित कई भारतीय क्षेत्रों में घुस आए थे। भारत ने इसका कड़ा विरोध करते हुए चीनी सैनिकों को इलाके में शांति बहाल करने के लिए तुरंत पीछे हटने के लिए कहा। दोनों देशों के बीच इस विवाद को सुलझाने के लिए बीते कुछ दिनों में कई बार बातचीत

घटनाक्रम पर एक नजर
सोमवार आधी रात : गलवान में भारतीय सैनिकों के साथ चीनी सैनिकों की हिंसक झड़प, जो तीन घंटे चली।
मंगलवार दोपहर 12:55 : करीब 10 घंटे बाद समाचार एजेंसी के जरिए देश को मालूम पड़ता है कि कर्नल समेत तीन सैनिक शहीद हो गए।
करीब 1:00 बजे : सेना इसकी पुष्टि करती है।
1:25 : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सीडीएस बिपिन रावत के साथ बैठक की। तीनों सेनाओं के अध्यक्ष, विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी मौजूद रहे।
1:36 : चीन का आरोप-भारतीय सैनिकों ने सीमा पार करके चीनी सैनिकों पर हमला किया।
1:42 : भारतीय सेना का बयान-डी-एस्केलेशन प्रक्रिया के दौरान हिंसक झड़प में दोनों तरफ नुकसान हुआ।
2:00 : ब्रिटिश अखबार द टेलीग्राफ ने दावा किया कि कम से कम 34 भारतीय सैनिक लापता हैं।
3:00 : पीएम मोदी की मुख्यमंत्रियों से वर्चुअल बैठक। मुद्दा- कोरोना। इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की।
शाम 5:25 : पीएम मोदी से मिलने पहुंचे विदेश मंत्री एस जयशंकर। राजनाथ ने पीएम से फोन पर बात की।
शाम 5:45 : रक्षा मंत्री के आवास पर फिर उच्चस्तरीय बैठक हुई।
रात 8:30 : सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति की भी बैठक हुई।
रात करीब 9:25 : 20 जवानों के मारे जाने की टीवी पर पहली खबर आई। समाचार एजेंसी ने संख्या 10 बताई।
9:49 : सेना ने 20 जवानों के शहादत की पुष्टि की।

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