भिलाई

कोरोना का ऐसा खौफ, पिता को मुखाग्नि देने नाबालिग बेटे को मुक्तिधाम तक लेकर जाने वाला कोई नहीं मिला…

कोरोना संक्रमण से पिता की मौत के बाद नाबालिग बेटे को मुक्तिधाम ले जाने वाला कोई नहीं मिला। संजय नगर भिलाई निवासी कोरोना संक्रमित एक व्यक्ति की सोमवार को मौत हो गई। (Coronavirus in Durg)

भिलाईApr 14, 2021 / 01:10 pm

Dakshi Sahu

कोरोना का ऐसा खौफ, पिता को मुखाग्नि देने नाबालिग बेटे को मुक्तिधाम तक लेकर जाने वाला कोई नहीं मिला…

भिलाई. कोरोना ने लोगों को इस कदर बेबस कर दिया है अपनों की मौत का ठीक से मातम भी नहीं मना रहा है। कुछ ऐसी ही लाचारी और बेबेसी का दिल दहला देने वाला नजारा भिलाई में दिखा। जहां कोरोना संक्रमण से पिता की मौत के बाद नाबालिग बेटे को मुक्तिधाम ले जाने वाला कोई नहीं मिला। संजय नगर भिलाई निवासी कोरोना संक्रमित एक व्यक्ति की सोमवार को मौत हो गई। लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल सुपेला में रखे शव को मुक्तिधाम लेकर जाने एंबुलेंस भी पहुंचा। परिवार से कोई भी सदस्य मुक्तिधाम नहीं पहुंच पाया, इस वजह से शव को वापस मरच्यूरी में ही रख दिया गया। लाचार नाबालिग बेटा पिता की मौत के गम में उनके अंतिम दर्शन के लिए बाट जोहता रहा गया।
Read more: अस्पताल में ऑक्सीजन नहीं, डॉक्टरों ने बेटी से कहा जुगाड़ करो, किसी तरह लाई तो लगाया नहीं, चंद घंटे में पिता की मौत….

दूर के रिश्तेदार ने बढ़ाया मदद का हाथ
दरअसल मृतक का बेटा नाबालिग है और उसके पिता की कोरोना से मौत होने की बात मोहल्ले में सभी को मालूम है। इस वजह से कोई भी उस बच्चे को लेकर मुक्तिधाम नहीं गया। लोगों को यह अंदेशा था कि बच्चे को लेकर जाते हैं तो वे भी संक्रमित हो जाएंगे। इस वजह से शव को एक दिन और अंतिम संस्कार के लिए इंतजार करना पड़ा। किसी तरह जब दूर का एक रिश्तेदार को मौत की जानकारी मिली तो वह मंगलवार को नाबालिग बेटे को लेकर मुक्तिधाम पहुंचा। तब शास्त्री अस्पताल के मरच्यूरी से शव को लाया गया और अंतिम संस्कार किया गया। यह विडंबना है कि कोरोना के भय से आसपास में एक दूसरे की मदद करने से भी लोग कतरा रहे हैं। संक्रमण और लगातार हो रही मौतों को देखकर लोग चाहकर भी एक दूसर की मदद नहीं कर पा रहे हैं।
Copyright © 2024 Patrika Group. All Rights Reserved.