भिलाई: होम आइसोलेशन में 74 साल के बुजुर्ग कोरोना मरीज की मौत, स्वास्थ्य विभाग के 24 घंटे निगरानी की खुली पोल

जामुल के बुजुर्ग को 17 नवंबर से होम आइसोलेशन में रखा गया था। मरीज की 19 नवंबर को आरटीपीसीआर जांच पॉजिविट आई थी।

By: Dakshi Sahu

Published: 22 Nov 2020, 11:28 AM IST

भिलाई. जामुल निवासी 74 साल के कोरोना संक्रमित बुजुर्ग की होम आइसोलेशन में मौत हो गई। बुजुर्ग ने शुक्रवार-शनिवार की दरम्यानी रात को घर पर ही दम तोड़ दिया। होम आइसोलेशन के तहत उनका घर पर ही उपचार जारी था। इसके पहले भी अहिवारा में एक व्यक्ति की होम आइसोलेशन के दौरान मौत हो गई थी। कोविड से जिला में अब तक करीब 503 संक्रमितों की मौत हो चुकी है, जो राजधानी के बाद प्रदेश के किसी भी जिले में होने वाली मौत से अधिक है। दुर्ग जिले में शनिवार को 146 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं। वहीं दो मरीजों की उपचार के दौरान मौत भी हुई है। ठंड की दस्तक के साथ मरीजों की संख्या में रोजाना इजाफा होता जा रहा है।

परिजनों ने की सारी व्यवस्था
जामुल के बुजुर्ग को 17 नवंबर से होम आइसोलेशन में रखा गया था। मरीज की 19 नवंबर को आरटीपीसीआर जांच पॉजिविट आई थी। होम आइसोलेशन में परिजनों ने ऑक्सीजन समेत तमाम व्यवस्था की थी। मरीज को दवा भी नियमित दिया जा रहा था। शुक्रवार व शनिवार की दरमियानी रात में तबीयत बिगड़ी। आनन-फानन में 108 एबुंलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया।

मरीजों पर नजर रखने के दावे की खुली पोल
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग लगातार दावा कर रहा है कि होम आइसोलेशन में मरीजों पर लगातार नजर रखी जा रही है। उनके स्वास्थ्य की जानकारी फोन कर हर दिन कम से कम दो बार ली जा रही है। वहीं तबीयत बिगडऩे पर मरीज को तुरंत चंद मिनटों में हॉस्पिटल तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। ऐसे में एक व्यक्ति की होम आइसोलेशन में मौत होना, जिला प्रशासन के दावों की पोल खोल रहा है।

भारी पड़ रहा होम आइसोलेशन
दुर्ग जिले में होम आइसोलेशन में यह दूसरी मौत है। इसके पहले अहिवारा के एक 45 साल के व्यक्ति ने होम आइसोलेशन में दम तोड़ दिया था। अब एक बुजुर्ग की जान चली गई। सरकारी कोविड केयर सेंटर में पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने की वजह से जिला प्रशासन ने शुरू से ही होम आइसोलेशन पर बल दिया है। इस घटना से स्वास्थ्य विभाग की मॉनिटरिंग पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।

बड़ा सवाल: बुजुर्गों को होम आइसोलेशन में रखना कितना सुरक्षित
कोरोना संक्रमण के हाई रिस्क जोखिम में आने वाले बुजुर्गों का होम आइसोलेशन में उपचार अब घातक साबित होने लगा है। दुर्ग जिले में होम आईसोलशेन में यह दूसरी मौत है। 60 साल से अधिक उम्र के लोगों को डॉक्टरों ने ऐसे भी उच्च जोखिम वाले मरीजों में चिन्हित किया है। ऐसे में घर में रहकर उपचार कहीं न कहीं उनके लिए नुकसान देह भी साबित हो सकता है। डॉक्टरों की मानें तो संक्रमण की चपेट में आए बुजुर्गों को समय रहते अस्पताल में या फिर कोविड सेंटर में भर्ती कराए जहां उनका बेहतर तरीके से उपचार हो पाएगा।

होम आइसोलेशन में मरीजों की सतत निगरानी जरूरी
कोरोना महामारी जिस वक्त शुरू हुआ था, तब जिला प्रशासन ने घर-घर से पॉजिटिव मरीजों को पकड़कर कोविड सेंटर तक पहुंचाया। इसके लिए पुलिस का सहारा तक लिया गया। जब मरीज अधिक हो गए और व्यवस्था कम पडऩे लगी, तब होम आइसोलेशन का रुख कर लिया। असल में होम आइसोलेशन में जिनको रहने सलाह दी जा रही है, उनको घर में कम से कम ऑक्सीजन की व्यवस्था करने और उसका उपयोग किस तरह से किया जाना है वह बताने के साथ-साथ लगातार जिला अस्पताल के कंट्रोल रूम से संपर्क बनाए रखने कहना जरूरी है।

Show More
Dakshi Sahu Desk/Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned