OMG दुर्ग में 29 फीसदी पॉजिटिविटी रेट, चिंता का विषय

जिला में टारगेट 10,000 बेड का, अब 380 रुपए में होगी आरटीपीसीआर से कोरोना जांच,

By: Abdul Salam

Published: 03 Apr 2021, 11:17 PM IST

भिलाई. जिला में कोरोना केस के बढ़ते मामले की समीक्षा करने पहुंचे छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सबसे अधिक पॉजिटिव केस जिन जिलों में आ रहे हैं, उसमें दुर्ग भी शामिल है। यहां जितनी जांच हो रही है, उसमें से 29 फीसदी लोग संक्रमित मिल रहे हैं, यह बहुत चिंता का विषय है। पांच फीसदी से अधिक आने पर मान लो कि बांध के गेट को खोलने की स्थिति है। खतरा उस समय से ही शुरू हो जाता है। जब पॉजिटिविटी रेट पांच फीसदी से अधिक हो जाए। यह आंकड़े सभी के सामने है। तेजी से फैलने वाला वायरस है, बिना एहतियात के दुनिया में इसे कोई नहीं रोक पाएगा।

पॉजिटिविटी रेट गिरी तब हुई चूक
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पॉजिटिविटी रेट जब गिर रही थी, तब लोगों के मन में आया कि कोरोना गया और कहीं न कहीं इस दौरान ही व्यवहार में थोड़ा चूक की। कोरोना के आचरण में जग जाहिर है कि कोरोना की एक, दो और तीसरी के बाद चौंथी लहर भी आ रही है। ऐसे में कोरोना वैक्सीनेशन के 70 दिन बाद इंम्युनिटी आती है। सामान्य रूप से इंजेक्शन की तरह काम यह नहीं करता।

जिला में आरएटी किट नहीं
आरएटी किट जिला में खत्म हो गया है, जिसकी वजह से कोरोना जांच प्रभावित हो रही है। इस सवाल पर मंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र में मामले बढऩे के बाद जो रेपिड एंटीजन टेस्ट किट आसानी से मिल रहे थे, उसमें खींचतान शुरू हो गई है। हर दिन प्रदेश में 2.5 लाख किट पहुंच रही है। जिसे अलग-अलग जिला में भेजा जा रहा है। जहां केस अधिक आ रहे हैं, वहां अधिक किट भेज रहे हैं। दुर्ग जिला को हर दिन करीब तीस हजार किट उपलब्ध कराने की बात चल रही है। टेस्टिंग बढ़ाने की भी तैयारी है।

दुर्ग में आरटीपीसीआर लैब का प्रस्ताव
दुर्ग में एक आरटीपीसीआर लैब शुरू करने प्रस्ताव शासन को गए है, मंजूरी मिलते ही काम शुरू कर दिया जाएगा। उसको पूरा होने में कम चार से छह माह का वक्त लगेगा।

निजी संस्थान में आरटीपीसीआर जांच का रेट किया कम
निजी संस्था में जांच अब 380 रुपए में होगी। जांच की संख्या बढ़ाने के लिए यह कवायद किए जा रहे हैं। रेपिड एंटीजन टेस्ट किट भी जिस जिला में अधिक संक्रमित मिल रहे हैं, उस जिला को अधिक दिया जाएगा। पहले सभी जिला में एक समान बांट दिया जाता था। यह बदलाव अब किए हैं।

कोरोना वायरस नष्ट करने विश्व में कोई दवा नहीं
कोरोना वायरस को नष्ट करने के लिए अब तक कोई दवा का अविष्कार दुनिया में नहीं हुआ है। विश्व में अलग-अलग वैक्सीन जरूर लगा रहे हैं। 10 से 15 साल रिसर्च करने के बाद वैक्सीन लगाई जाती थी, वह पांच माह में लगाई जा रही है। इतने कम समय में यह कितने सालों तक कारगर रहेगी यह किसी को पता नहीं। १५ साल तक जब वैक्सीन का टेस्ट करते हैं कि किसी को लगाए तो क्या प्रभाव पड़ा, तब मालूम होता है कि उसका क्या साइड इफेक्ट है या नहीं। सर्वे होता है। तब लोगों को दिया जाता था वैक्सीन। कोरोना के दबाव में वैक्सीन जल्द विकसित हुई है। 70 दिन सुरक्षित रखते हैं तो कोरोना से मौत होने की आशंका सौ फीसदी के करीब खत्म हो जाएगी। इस वजह से वैक्सीन जरूर लगवाएं। वैज्ञानिक कह रहे हैं कि गंभीर लक्षण नहीं आएंगे, हल्के लक्षण वैक्सीन लगने के बाद भी आ सकते हैं, दूसरे को भी दे सकते हैं।

दो हजार बेड की व्यवस्था
दो हजार बेड की व्यवस्था और पाइप से नहीं तो सिलेंडर से ऑक्सीजन की व्यवस्था हो। दुर्ग का लक्ष्य दस हजार बिस्तर हो। कम से कम दो हजार बेड में ऑक्सीजन हो। अधिक तबियत बिगडऩे के बाद अस्पताल पहुंच रहे हैं, इस वजह से मौत अधिक हो रही है। इसे रोकना होगा।

लॉक डाउन का हो मापदण्ड तय
उन्होंने कहा कि जांच की संख्या बढ़ाने की योजना है। होम आइसोलेशन वालों से दो बार तबीयत पूछना है। ट्रेसिंग करना है। इसके साथ-साथ टीकाकरण में तेजी लाना है। दवाओं की व्यवस्था करना, एंबुलेंस दूसरे वाहन से मरीजों को अस्पताल तक लाना, बिस्तर की पर्याप्त व्यवस्था करना है।

चुनाव आयोग को चिंता नहीं
देशभर में चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, वहां के मुख्यमंत्री सभा कर रहे हैं। चुनाव आयोग चुनाव करवा रहे हैं, उनको इसको लेकर चिंता नहीं है। ऐसे में यहां निकाय चुनाव को लेकर क्या कहा जा सकता है। भीड़ से बचना है, वक्त ऐसा है कि जहां भीड़ अधिक हो वहां जाने से बचें, चाहे मंदिर हो या रमजान का समय, किसी के घर गमी का मामला हो। अभी एहतियात करने की जरूरत है।

टूर्नामेंट महाराष्ट्र में हो रहा
विपक्ष कह रहा राजधानी में क्रिकेट टूर्नामेंट करवाने की वजह से कोरोना फैला है। इस सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह से पूछना चाहिए कि महाराष्ट्र, कर्नाटक, दिल्ली, केरला में टूर्नामेंट हो रहे हैं क्या। फिर वहां क्यों कोरोना वायरस फैल रहा है। यह राजनीतिक रूप से प्रस्तुत करने वाली बात है। तार्किक नहीं है।

कोरोना से मौत होने पर उसे जरूर जोड़ा जाएगा
कोरोना से मौत अधिक हो रही है और जिला प्रशासन कम मौत की जानकारी दे रहा है। इस सवाल पर मंत्री ने कहा कि अगर ऐसा है तो बताएं। उन मौत को जरूर कोरोना से हुई मौत में जोड़ा जाएगा। इसमें छुपाने का सवाल ही पैदा नहीं होता।

एक व्यापारी ने कहा कूलर बेचते समय लगा रहे लॉक डाउन
मंत्री से मिलकर एक व्यापारी ने कहा कि पिछले साल की तरह इस साल भी कूलर बेचने के समय ही लॉक डाउन लगा रहे हैं। उससे व्यापार ठप हो जाएगा। इस पर मंत्री ने कहा कि लोगों की जान की हिफाजत करें या कूलर को देखें।

गृह मंत्री भी ऑन लाइन जुड़े बैठक में
बैठक में केबिनेट मंत्री गुरु रुद्र कुमार, दुर्ग मेयर धीरज बाकलीवाल, दुर्ग के विधायक अरुण वोरा, कलेक्टर, चीफ मेडिकल हेल्थ ऑफिसर डॉक्टर गंभीर सिंह ठाकुर मौजूद थे। बैठक के दौरान गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू भी वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से जुड़े और अधिक से अधिक कोरोना जांच करने के साथ टीकाकरण में तेजी लाने की बात कही।

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