COVID-19 जिला में हर दिन 2500 की जांच करने की तैयारी, बढ़ते मामले को देख स्वास्थ्य विभाग ने लिया फैसला

जिला में मिले 95 नए संक्रमित, एक की मौत .

By: Abdul Salam

Published: 20 Nov 2020, 11:46 PM IST

भिलाई. जिला में कोरोना के जांच की रफ्तार बेहद धीमी है। वर्तमान में हर दिन 500 से 700 तक लोगों की जांच की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग कोरोना के बढ़ते केस को देखते हुए जांच की संख्या को बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। विभाग के जिम्मेदार दावा कर रहे हैं कि आने वाले समय में यह संख्या बढ़कर 2500 तक कर दी जाएगी। जांच बढ़ाने से कोरोना वायरस को नियंत्रित करने में कामयाबी मिलने की उम्मीद की जा रही है। इधर शुक्रवार को कोविड-19 के 95 केस मिले, वहीं 1 संक्रमित की मौत हुई है।

जिला में कुल संक्रमित 17939
जिला में अब तक 17939 लोग संक्रमित हो चुके हैं। जिसमें से हॉस्पिटल से 6264 ठीक होकर घर गए हैं। वहीं होम आइसोलेशन में रहकर 10208 ठीक हुए हैं। इस तरह से 16472 मरीज ठीक हो चुके हैं। इस वक्त एक्टिव केस 937 हो चुके हैं। इस तरह से एक्टिव केस फिर एक बार 1000 आकड़े को पार करने के करीब है। अब तक 501 कोरोना संक्रमितों की मौत हो चुकी है। एक्टिव केस के मामले हमारा जिला राजधानी रायपुर, राजनांदगांव, रायगढ़, जांजगीर-चांपा से पीछे है। वहां एक्टिव केस अधिक होते जा रहे हैं।

यह है निशाने पर
विभाग के जिम्मेदारों के मुताबिक जिनके घर में एक संक्रमित मिल रहा है, उनके घर के हर सदस्य की जांच करने का टारगेट तय किया गया है। जिसे सौ फीसदी पूरा करना है। इसी तरह से संक्रमित से मिलने वालों की लिस्ट तैयार कर उन सभी की जांच करवाने की योजना है। जिनमें लक्षण घर-घर सर्वे के दौरान मिल रहा है।

आटीपीसीआर जांच बढ़ाने की जरूरत
जिला में इस वक्त रेपिड एटीजेन टेस्ट अधिक से अधिक हो रहे हैं। जिसमें समय-समय पर रिपोर्ट बदलकर आते रहते हैं। इसके साथ-साथ कुछ ट्रू नाट जांच भी की जा रही है। यहां सबसे कम आरटीपीसीआर जांच की जा रही है। वह भी निजी लैब में अधिक हो रही है। आरटीपीसीआर जांच की रिपोर्ट इन सभी जांच में सबसे बेहतर है। इस बात की पुष्टि खुद प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव भी कह चुके हैं।

जल्द आएगी आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट
विभाग के जिम्मेदारों के मुताबिक अब जिला से एम्स, रायपुर लैब में जाने वाली आरटीपीसीआर जांच की रिपोर्ट दो दिन में ही मिलने लगेगी। इसके पहले इस जांच की रिपोर्ट को राजधानी से आने में कम से कम 7 से 10 दिनों का समय लगता था। यह राहत की बात है कि अब जांच रिपोर्ट जल्द मिल जाएगी, जिससे मरीज को आइसोलेशन में समय पर भेजा जा सकेगा।

एक-एक घर में मिल रहे कई-कई मरीज
कोरोना जांच करने टीम हर व्यक्ति तक पहुंचने में देर होने से बड़ा नुकसान यह हो रहा है कि जिस एक घर में संक्रमित व्यक्ति है, वह आम लोगों के संपर्क में आ रहा है और दूसरों को भी संक्रमित कर रहा है। अगर समय पर टीम उस तक पहुंच जाती है, तो वह आइसोलेशन में चला जाएगा और परिवार के दूसरे सदस्य संक्रमित होने से बच जाएंगे। वर्तमान में एक घर से कभी 5 तो कभी 2 लोग संक्रमित मिल रहे हैं.

जांच की संख्या बढ़ाकर 2500 करने की तैयारी
डॉक्टर गंभीर सिंह ठाकुर, चीएफ मेडिकल हेल्थ ऑफिसर, दुर्ग ने बताया कि कोरोना जांच की संख्या को बढ़ाकर 2500 करने की तैयारी है। जिससे अधिक से अधिक लोगों की जांच कर कोविड-19 को जिला में नियंत्रित किया जा सके। लोगों से बार-बार अपील की जा रही है कि घर से निकलें तो मास्क का अनिवार्य तौर पर इस्तेमाल करें। इसी तरह से दो गज की दूरी और हाथ बार-बार धोंए।

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